Online Fraud : डेढ साल से चल रहा था ठगी का अड्डा, अब सलाखों के पीछे पहुंचे ठग
बिना ब्याज के लोन का लालच देकर लोगों को फंसाने के लिए बनाया था फर्जी काल सेंटर
Online Fraud : नाेएडा में चल रहे एक फर्जी काल सेंटर पर छापेमारी कर पुलिस ने ठगी के बड़े गिरोह का भंडाफोड़ किया है। यह फर्जी काल सेंटर करीब डेढ साल से चल रहा था। बिना ब्याज के लोन का लालच लेकर लोगों को फंसाने वाले इस गिरोह के 11 लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार भी किया है। अब इनसे पूछताछ की जा रही है। पुलिस को संदेह है कि इस गिरोह के तार बड़े नेटवर्क तक जुड़ सकते हैं।
आपके पास भी यदि सस्ते या बिना ब्याज के लोन का आफर आता है तो जरा सावधान रहें। पहले अच्छी प्रकार से जांच लें और इससे पहले कोई जानकारी ऐसे फोन करने वालों के साथ सांझा नहीं करें। यह ठग गिरोह हो सकता है। जो आपको लोन देने की बजाय आपकी जमा पूंजी पर भी हाथ साफ कर सकता है। बड़े स्तर पर ऐसे गिरोह काम कर रहे हैं। नोएडा में ऐसे ही एक फर्जी काल सेंटर को पुलिस ने पकड़ा है। इसमें 11 लोग पकड़े गए हैं, जो कई लोगों को सस्ते व बिना ब्याज के लोन देने के नाम पर चूना लगा चुके थे।
Online Fraud : यह फर्जी काल सेंटर नोएडा के सेटर 16 में चल रहा था। अभी तक हुई जांच में पता चला है कि अभी तक इन लोगों द्वारा 1000 से अधिक लोगों को अपना शिकार बनाया जा चुका है। आनलाइन ठगी करने वाला यह गिरोह लोन दिलाने का झांसा देकर लोगों को बीमा करवाकर ठगी का शिकार बनाता था। अब ठगी गिरोह के 11 लोग पुलिस के शिकंजे में आ चुके हैं और इसके नेटवर्क की जांच की जा रही है। नोएडा के सेक्टर 16 स्थित इस फर्जी काल सेंटर में छापेमारी कर पुलिस ने ठगी में प्रयोग किए जाने वाले कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण के साथ लोगों से जुड़ा डेटा भी बरामद किया है।
Online Fraud : पुलिस की टीम ने कार्रवाई करते हुए ठग गिरोह में शामिल गाजियाबाद कविनगर के विक्रम सिंह, खोड़ा के अमन, केशव कुमार झा, फारुखनगर के अरमान चौधरी, दिल्ली हर्ष विहार के मोहित, बदरपुर बार्डर के फिरोज खान, अरविंद नगर घोंडा के राहुल कुमार, दल्लूपुरा के अक्षय कुमार, वेस्ट विनोद नगर के पंकज सिंह, आगरा शमशाबाद के राहुल सिंह व नोएडा सेक्टर 22 निवासी दिव्या को गिरफ्तार कर लिया है।
इन लोगों से पूछताछ में पता चला कि गौरव जोशी नामक व्यक्ति काल सेंटर का निदेशक है। साथ ही उसकी पत्नी नेहा भी इसमें शामिल है। इन लोगों ने कुछ दिन पहले ही एक वेंडर से दो लाख रुपये में 50 हजार रुपये में लोन संबंधित लोगों का डाटा खरीदा था। कमीशन पर रखा 44 लोगों के स्टाफ से जीरो प्रतिशत पर तीन से 30 लाख रुपये का लोन दिलाने का फोन कर से फंसाने का काम करते थे।
Online Fraud : ऐसे लोगों को फोन लोन के लिए फोन किया जाता। जो लोग लोन लेने में रूचि दिखाते, उनको बताया जाता कि पंजीकरण व अन्य फीस के नाम पर पैसे लगेंगे। यह राशि मेरा बीमा नाम की कंपनी के खाते में जमा कराया जाता, लेकिन लोगों को नहीं बताया जाता। इस पर बीमा कंपनी की ओर से 40 से 60 प्रतिशत तक कमीशन दिया जाता है। यह राशि आने के बाद निवेशक के दस्तावेजों में लगातार कमी बता कर गुमराह किया जाता। ऐसे में अब पुलिस इस बीमा कंपनी की भी जांच कर रही है।

Online Fraud : आपके पास काल आती हैं तो रहें सावधान
आज कल इस प्रकार के काल लोगों को किए जाते हैं। लोन का लालच देकर ठगी की जाती है और राशि देने के बाद कोई कार्रवाई नहीं होती। यहां तक बार-बार पैसे की मांग की जाती है। जब ग्राहक पैसे नहीं देते तो उनको कानूनी कार्रवाई की धमकी देकर डाराया जाता है। इससे और भी पैसे मिलते हैं।
ऐसे में पुलिस का कहना है कि ठगी होने पर एनसीआरपी पोर्टल और 1930 पर फोन कर अपनी शिकायत जरूर दर्ज कराएं।
Online Fraud : दक्षिण भारतीय निशाने पर
प्रारंभिक जांच में पता चला है कि यह ठग गिरोह दक्षिण भारतीयों को अपना शिकार बनाता था। लोगों को फोन कर पंजीकरण शुल्क के नाम पर पैसे लिए जाते। इनको बिना ब्याज के लोन दिलाने का झांसा दिया जाता और बीमा कर ठगी की जाती। नोएडा पुलिस ने मंगलवार को फेज 1 व साइबर क्राइम थाना पुलिस ने इस गिरोह को काबू किया है।
Online Fraud : कई सारे उपकरण बरामद
यहां पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई के दौरान 43 लैंडलाइन फोन बरादम हुए। इसके अलावा 21 मोबाइल फोन, पांच लैपटाप, 61 सिम कार्ड और ऐसे दो लाख से अधिक लोगों का डाटा बरामद किया गया है। एक वेंडर की मदद से लोन संबंधी लोगों का डाटा ठगी करने वाला गिरोह खरीदता था। ठगी को लेकर बैंगलुरू के एक व्यक्ति द्वारा एनसीआरपी पोर्टल पर शिकायत की गई थी। इस पर गौतमबुद्ध नगर कमिश्नरेट पुलिस ने ठगों पर कार्रवाई की है। अभी तक हुई जांच में पता चला है कि यह गिरोह 1000 से अधिक लोगों से ठगी कर चुका है। हालांकि इस गिरोह के सरगना दंपती और वेंडर अभी पुलिस के हाथ नहीं लगे हैं। नोएडा के डीसीपी युमना प्रसाद के अनुसार इसकी शिकायत एक पीड़ित से मिली थी। इसके बार कार्रवाई की गई।










