CJI Suryakant : चीफ जस्टिस सूर्यकांत जाएंगे अपने गांव पेटवाड़
मुख्य न्यायाधीश बनने के बाद पहला दौरा, गांव के सरकारी स्कूल में ही पढ़ें हैं सूर्यकांत
CJI Suryakant : सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत आज 10 जनवरी को अपने पैतृक गांव पेटवाड़ में पहुंचेंगे। यूं तो उनका नाता अपने गांव सें लगातार रहा है, लेकिन चीफ जस्टिस बनने के बाद पहली बार गांव आ रहे हैं। उनका जन्म गांव के साधारण ब्राह्मण परिवार में हुआ और उनके पिता संस्कृत अध्यापक थे। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की शुरूआती पढ़ाई गांव के सरकारी स्कूल से ही हुई है, ऐसे में वे अपने गांव में भी जाएंगे। इस दौरान सूर्यकांत के गांव आने पर ग्रामीण काफी खुश हैं। साथ ही उनके बचपन के दाेस्तों में खास उत्साह है।
देश के सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत का बचपन गांव की गलियों में ही बीता है। उनका जन्म 10 फरवरी 1962 तब के हिसार जिला के गांव पेटवाड़ में हुआ। हालांकि यह गांव अब हांसी जिला में है। करीब एक महीना पहले ही हांसी को नया जिला बनाया गया है। सूर्यकांत 24 नवंबर 2025 को देश के मुख्य न्यायाधीश बने। इसके बाद वे पहली बार अपने गांव आ रहे हैं।
देश के 53वें मुख्य न्यायाधीश बनने वाले सूर्यकांत ने अपने गांव के सरकारी स्कूल से शुरूआती शिक्षा लेने के बाद 1981 में हिसार के राजकीय कालेज से स्नातक किया। इसके बाद उन्होंने 1984 में महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय, रोहतक से कानून में स्नातक की उपाधि प्राप्त की और 2011 में कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से अपने मास्टर आफ ला किया। ऐसे में उन्होंने हिसार के जिस कालेज से पढ़ाई की वहीं पर अब मुख्यातिथि बन कर पहुंचे। इतना ही नहीं जस्टिस सूर्यकांत

CJI Suryakant : पहले दिन हिसार में आयोजित कार्यक्रमों में रहे शामिल
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत शुक्रवार को ही हिसार पहुंच गए थे। इस दौरान उन्होंने हांसी बार में आयोजित कार्यक्रम में भी शिरकत की।
इसके बाद हिसार में विभिन्न कार्यक्रमों में शिरकत की। उन्होंने यहां 316 नए चैंबरों का उद्घाटन किया। साथ ही अदालत परिसर में आयोजित कार्यक्रम में शिरकत की। इस दौरान पंजाब एंव हरियाणा हाईकोर्ट के 50 जज भी मौजूद रहे। मुख्य न्यायाधीश के आगमन पर हरियाणा सरकार की हिसार में रात्रिभोज का आयोजन किया गया।
CJI Suryakant : 1985 में गए चंडीगढ़
जस्टिस सूर्यकांत ने 1985 में पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय में बतौर अधिवक्ता कार्य शुरू किया। इसके लिए वे चंडीगढ़ चले गए। उन्होंने संवैधानिक, सेवा और दीवानी मामलों में अपनी खास विशेषज्ञता प्राप्त करते हुए देश के कई विश्वविद्यालयों, बोर्डों, निगमों, बैंकों और स्वयं उच्च न्यायालय का प्रतिनिधित्व किया। इतना ही नहीं वे वर्ष 2000 में हरियाणा एडवोकेट जनरल नियुक्त हुए। तब वे इस पद पर आने वाले सबसे युवा अधिवक्ता बने थे। इसके बाद उनको वर्ष 2001 में वरिष्ठ अधिवक्ता के रूप में नामित किया गया। वहीं 9 जनवरी 2004 में वे पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय में स्थायी न्यायाधीश के रूप में पदोन्नत हो गए। सर्वोच्च न्यायालय के 53 वें मुख्य न्यायाधीश बनने से पहले वे हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश भी रहे।
CJI Suryakant : प्रशासन ने भी की व्यवस्था
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत के हिसार-हांसी के साथ अपने गांव पेटवाड़ आगमन को लेकर प्रशासन भी सतर्क है। इसके लिए सुरक्षा की विशेष व्यवस्था की गई है। मुख्य न्यायाधीश का रात्री ठहराव भी हिसार में ही रहने से प्रशासन पूरी तरह चौकस रहा। वहीं शनिवार को उनके गांव में कार्यक्रम होने के कारण गांव भी सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह से पुख्ता की गई है।










