Land Registry in Haryana : 1 नवंबर से हरियाणा में बदल जाएंगे रजिस्ट्री के नियम

अटोमेटिक होगा इंतकाल, पैमाइश के लिए भी आनलाइन होगा अवेदन - हरियाणा में जमीन रजिस्ट्री व पैमाइश को लेकर सरकार का बड़ा फैसला

Land Registry in Haryana : हरियाणा में भूमि की रजिस्ट्री व पैमाइश को लेकर सरकार द्वारा बड़े स्तर पर सुधार की शुरूआत की गई है। इसके तहत 58 से चली आ रही व्यवस्था को बदल कर आधुनिक व डिजिटल आधारित बनाया जा रहा है। (Haryana News) इससे जमीन को लेकर होने वाले विवाद कम होंगे। साथ ही जमीन बिक्री में होने वाली धोखाधड़ी पर भी रोक लग सकेगी। तहसील में क्यूआर आधारित नागरिक फीडबैक सिस्टम शुरू किया जाएगा। इससे तहसीलों के कामकाज को पारदर्शी बनाया जाएगा। नई व्यवस्था के हिसाब से कैश भुगतान को पूरी तरह समाप्त कर डिजिटल रूप से ही फीस जमा करने का विकल्प दिया जाएगा।

इसको लेकर राजस्व एवं आपदा प्रबंधन की वित्त आयुक्त डा. सुमिता मिश्रा ने प्रदेश के साभ उपायुक्तों के साथ वीडियो कान्फ्रेंस की। इस दौरान जमीन की रजिस्ट्ररी संबंधित पुरानी प्रणाली को बदल कर आधुनिक और डिजिटल रुप देने की योजना बनाई गई। (Haryana News) अब 1 नवंबर से भूमि रजिस्ट्रेशन का काम पूरी तरह से पेपरलेस हो जाएगा। यह जमीनी मामलों में नए युग की शुरूआत होगी। यह नियम लागू होने के बाद किसी भी तहसील में कागजी डाक्यूमेंट की जरूरत नहीं रहेगी। जमीन की रजिस्टरी करवाने के लिए भी डिजिटल हस्ताक्षर ही होंगे। यह बदलाव करने का उद्देश्य सभी प्रकार की धोधाखड़ी को समाप्त करना है।

नए नियमों के तहत यह व्यवस्था बदल जाएंगी, लेकिन लोगों की सुविधा को देखते हुए तीन नवंबर से पहले खरीदे जा चुके स्टाम्प पेपर 15 नवंबर तक प्रयोग किए जा सकेंगे। इतना ही नहीं जरूरत के अनुसार भूमि रजिस्ट्री के दौरान गवाहों को भी डिजिटल रूप से बदलने की व्यवस्था की जाएगी। (Haryana News) इसके लिए सभी तहसीलदारों, नायब तहसीलदारों व अन्य पंजीयन अधिकारियों – कर्मियों राजस्व विभाग के पोर्टल पर अपना यूज़र अकाउंट तैयार करना होगा।

Land Registry in Haryana
1 नवंबर से हरियाणा में बदल जाएंगे रजिस्ट्री के नियम

Land Registry in Haryana : लंबित इंतकाल के लिए सप्ताह का समय

साथ ही वित्तयुक्त सुमिता मिश्रा ने कहा कि सभी लंबित म्यूटेशन (इंतकाल) को जल्द से जल्द निपटा दिया जाए। इसे लिए इसी सप्ताह का समय दिया गया है। इसके बाद हरियाणा प्रदेश में 25 नवंबर से आटो-म्यूटेशन व्यवस्था शुरू हो जाएगी। इससे स्वामित्व हस्तांतरण आटोमेटिक ही रजिस्ट्री के साथ दर्ज हो जाएगा। (Haryana News) इससे भूमि के स्वामीत्व को लेकर कोई भी विवाद नहीं रहेगा। इसके साथ ही मैनुअल फीस कलेक्शन की जगह अब सभी भुगतान केवल सरकारी ई-गवर्नेंस पेमेंट गेटवे के माध्यम से होंगे, जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित होगी। डी़ड राइटर्स को मैनुअल ड्राफ्टिंग बंद करने के निर्देश दिए गए हैं, क्योंकि केवल पोर्टल द्वारा तैयार की गई आनलाइन डीड ही कानूनी मान्यता प्राप्त होगी। इन डीड्स को भूमि अभिलेखों से स्वतः सत्यापित किया जाएगा और संबंधित अधिकारियों द्वारा डिजिटल हस्ताक्षरित किया जाएगा।

Land Registry in Haryana : निशानदेही के लिए सिर्फ आनलाइन ही होंगे आवेदन

यह व्यवस्था लागू होने के बाद हरियाणा में निशानदेही के लिए कोई भी आवेदन आनलाइन पोर्टल पर ही करना होगा। इसको वही विभाग स्वीकार करेगा। पहले से चले आ रहे आफ लाइन आवेदन की व्यवस्था पूरी तरह से बंद हो जाएगी। साथ ही भूमि पैमाइश का कार्य भी अब आनलाइन या जीपीएस आधारित ही होगा। ऐसे में भूमि रिकार्ड नंबर व कोर्ट स्टे आदेश को शुक्रवार तक केंद्रीय प्रणाली में अपडेट व सत्यापित करना होगा। इससे डेटा की सत्यता व विश्वसनीयता बनी रहेगी। अभी तक आवेदन से लेकर पैमाइश तक की व्यवस्था सीधी पटवारियों द्वारा की जाती थी। इसमें स्टीकता पर प्रश्न उठते रहते थे। ऐसे में वित्त विभाग द्वारा नई व्यवस्था की जा रही है।

Land Registry in Haryana : इंतकाल में फंसे रहते हैं मामले

नई व्यवस्था शुरू होने से जमीन संबंधित कई विवादों का समाधान होगा। इसको पारदर्शी बनाने के लिए ही इंतकाल प्रक्रिया भी आनलाइन व पेपरलेस की जा रही है। इस व्यवस्था में संपत्ति की रजिस्ट्री के बाद इंतकाल अपने आप ही आनलाइन सिस्टम से तैयार हो जाएगा। नागरिकों को राजस्व कार्यालयों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। रजिस्टरी होे के बाद भी इंतकाल के लिए काफी लंबी प्रक्रिया अब तक होती आ रही है। इसके कारण ही तहसील में कर्मचारियों व अधिकारियों पर प्रश्न उठते रहते रहते हैं।

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