Farmers Unique ID : हर किसान की बनेगी फार्मर यूनिक आईडी

पीएम किसान निधि का रूक सकता है लाभ

Farmers Unique ID : अब हर किसान की फार्मर यूनिक आईडी बनेगी। इसके बिना किसान को पीएम किसान सम्मान निधि से लेकर दूसरी योजनाओं का लाभ नहीं मिलेगा। इतना ही नहीं, उसे यूरिया खाद लेने के लिए भी यूनिक आईडी बनवानी होगी। इसके निमित केंद्र सरकार के डिजिटल एग्रीकल्चर मिशन के तहत जिन किसानों के नाम पर खेती की जमीन है, उनकी विशिष्ट पहचान (ID) बनाई जाएगी।

सरकार ने इसे लेकर ‘एग्री स्टैक पोर्टल’ पर रजिस्ट्री की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। कृषि विभाग और अटल सेवा केंद्रों पर किसानों का रजिस्ट्रेशन भी शुरू कर दिया गया है। फार्मर यूनिक आईडी के तहत पीएम किसान सम्मान निधि योजना, मेरी फसल मेरा ब्योरा, कृषि यंत्रों पर सब्सिडी, फसल अवशेष प्रबंधन, प्रधानमंत्री फसल बीमा और राजस्व विभाग की क्षतिपूर्ति जैसी लाभकारी योजनाओं का फायदा सीधे किसानों तक पहुंचेगा। ध्यान दें, जिसकी आईडी नहीं बनेगी उनको योजनाओं का फायदा नहीं मिलेगा।

Farmers Unique ID : ऐसे कर सकते हैं किसान रजिस्ट्रेशन

  • किसान को पहले “एग्री स्टैक फार्मर आईडी जनरेट करने के लिए किसान को सबसे पहले हरियाणा फार्मर रजिस्ट्रेशन पोर्टल ओपन करना होगा।
  • इसके बाद डैस बोर्ड पर किसान को अपना अकाउंट बनाना है।
  • इसके बाद ई-केवाईसी वेरिफिकेशन होगी। किसान को लॉग इन कर के अपनी जमीन संबंधी डिटेल भरनी होगी।
  • इसके बाद मोबाइल नंबर पर ओटीपी आएगा. ओटीपी वेरीफाई होने उपरांत किसान की आईडी बन जाएगी.
Farmers Unique ID Farmer Unique ID will be created for every farmer.
Farmers Unique ID Farmer Unique ID will be created for every farmer.

Farmers Unique ID : कहां बनवा सकते है यूनिक आईडी ? 

सोनीपत के कृषि उपनिदेशक डॉ. पवन शर्मा के अनुसार, पहले इस परियोजना को पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर हर तहसील के सिर्फ 2-2 गांवों में आरंभ किया गया था, मगर अब इसकी कामयाबी को देखते हुए हर जिले के सभी गांवों को इसमें शामिल किया गया है। पटवारी भी इस कार्य में सहायता कर रहे हैं। प्रदेश की सभी किसान अपनी आईडी कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) के माध्यम से भी बनवा सकते हैं।

एग्री स्टैंक और सटीक डेटा (Farmers Unique ID)

इस यूनिक आईडी के तहत कृषि क्षेत्र का सुरक्षित व प्रमाणित डेटा शेयर किया जा सकेगा। गांवों की डिजिटल मैपिंग से जमीन की सुनिश्चित स्थिति पता चलेगी। वहीं इसी के निमित खेतों में बोई गई फसलों का रियल-टाइम डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जा सकेगा।

यूनिक फार्मर आईडी से ही मिलेगा योजनाओं का लाभ

दरअसल आने वाले समय में फार्मर यूनिक आईडी हर किसान के लिए जरूरी होगी। इससे पीएम-किसान, फसल बीमा और खाद-बीज पर मिलने वाली सब्सिडी सीधे खाते में और बिना किसी देरी के मिलेगी। किसानों को बार-बार पटवारी या दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। सरकार के पास किसानों का डेटा रहेगा, ताकि फसल नुकसान या दूसरी स्थिति में मुआवजा वितरण अधिक पारदर्शी होगा।

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