QR Codes on Projects : हरियाणा में विकास कार्यों में नहीं होगी गड़बड़ी, सरकार ने लिया बड़ा फैसला
सभी विकास परियोजनाओं पर लगाना होगा क्यूआर कोड, स्कैन करते ही मिलेगी पूरी जानकारी
QR Codes on Projects : जब भी विकास परियोजनाएं शुरू होती है, इनमें ठेकेदार द्वारा गुणवत्ता और सामग्री को लेकर कई बार सवाल उठाते हैं। अब हरियाणा सरकार ने इस समस्या का समाधान करने की योजन तैयार की है। क्योंकि जिस भी साइट पर काम चलेगा, ठेकेदार को इस परियोजना की पूरी जानकारी यहां चस्पा करनी होगी। यह जानकारी एक क्यूआर कोड में रहेगी। यानी साइट पर सिर्फ क्यूआर कोड लगेगा। जो भी लोग इसकी जानकारी चाहेंगे, उनको अपने मोबाइल फोन में सिर्फ एक क्यूआर कोड को स्कैन करना होगा। इससे परियोजना की लागत, गुणवत्ता, खर्च, सामग्री जैसी जानकारी सामने आ जाएंगी।
इसको लेकर हरियाणा सरकार ने अब फैसला किया है कि सभी बड़ी परियोजनाओं के निर्माण स्थल पर परियोजना से संबंधित क्यूआर कोड लगाए जाएंगे। इस क्यूआर कोड को स्कैन करते ही पूरी परियोजना की रिपोर्ट उपलबध जो जाएगी। इसको लेकर क्वालिटी एश्योरेंस अथारिटी के अध्यक्ष राजीव अरोड़ा के अनुसार 25 बड़ी परियोजनाओं का आडिट हुआ है।
QR Codes on Projects : प्रगति की रिपोर्ट भी होगी अपडेट
सरकार की योजना है कि यह क्यूआर कोड इसको देखने वालों को डिजिटल पेजों के माध्यम से पूरी जानकारी देगा। इसमें परियोजना की डीपीआर और बिल्स आफ क्वांटिटीज, स्वीकृत तकनीकी विनिर्देश, ठेकेदारों, इंजीनियर्स-इन-चार्ज और कंसल्टेंट्स के नाम और भौतिक और वित्तीय प्रगति की मासिक जानकारी उपलब्ध होगी।
QR Codes on Projects : सड़कों और नहर किनारों से हटेगा अतिक्रमण
साथ ही सरकार ने तय किया है कि सड़कों और नहरों के साथ-साथ सरकारी भूमि पर अतिक्रमण को हटाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। इसके अलावा राष्ट्रीय राजमार्गों, राज्य राजमार्गों, मेजर डिस्ट्रिक्ट रोड्स और प्रमुख सिंचाई नहरों एवं माइनरों के लिए राइट आफ वे डिमार्केशन जीपीएस या जीआइएस तकनीक और स्टोन पिलर्स के माध्यम से किया जाएगा।

गुणवत्ता के आधार पर तय होगी रेटिंग
इस योजना के तहत ऐसी व्यवस्था की जाएगी कि सभी परियोजनाओं को रेटिंग मिल सके। इसके लिए तय किया गया है। 90 अंक से अधिक स्कोर करने वाली परियोजनाओं को संतोषजनक मानी जाएगी। 75 अंक से कम स्कोर करने वाली परियोजनाओं को असंतोषजनक और अस्वीकार्य मानते हुए आगे की कार्रवाई की जाएगी। 75 से 90 अंक के बीच स्कोर करने वाली परियोजनाओं में सुधार और सुधारात्मक कार्रवाई करनी होगी।
QR Codes on Projects : मुख्यमंत्री डेशबोर्ड से जुड़ेगी डिटेल
राजीव अरोड़ा के अनुसार आडिट की गई परियोजनाओं के डिजाइन सहित पूरा विवरण, डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर), निर्माण गुणवत्ता, अनुबंध प्रबंधन, सुरक्षा पहलू तथा दीर्घकालिक स्थिरता के आधार पर विस्तृत तकनीकी आडिट रिपोर्ट तैयार की गई है। इसके बाद यह रिपोर्ट संबंधित विभागों को भेजी गई है। अब सभी आडिट रिपोर्टों को हरियाणा इंजीनियरिंग वर्क्स पोर्टल के साथ मुख्यमंत्री डैशबोर्ड से सीधा जोड़ दिया जाएगा। इसके लिए जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग को नोडल विभाग के रूप में नियुक्त किया गया है।
QR Codes on Projects : डीपीआर और डिजाइन कंसलटेंट की नियुक्ति जरूरी
साथ ही सरकार ने फैसल लिया है कि अब सभी निर्माण करने वाले ठेकेदारों को कंसलटेंट की नियुक्ति करनी होगी। इसके लिए तय किया है कि सभी ग्रीनफील्ड सड़क परियोजनाओं, पुलों, फ्लाईओवरों, रोड ओवरब्रिज और रोड अंडरब्रिज काे शामिल किया गया है। इसके अलावा 5 करोड़ रुपये से अधिक लागत की सभी भवन परियोजनाओं और 25 करोड़ रुपये से अधिक लागत की सभी सड़क परियोजनाओं के लिए तय किया गया है कि डीपीआर और डिजाइन कंसलटेंट की नियुक्ति करनीहोगी।
QR Codes on Projects : थर्ड पार्टी इंस्पेक्शन भी जरूरी
गुणवत्ता को सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने तय किया है कि कम लागत की परियोजनाओं के लिए संबंधित विभागों और मुख्य वास्तुकार के परामर्श से मानक आपरेटिंग प्रोसिजर और स्टैंडर्ड डिजाइन एवं ड्राइंग टेंपलेट्स तैयार कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। 5 करोड़ रुपये से अधिक लागत की सभी परियोजनाओं के लिए थर्ड पार्टी इंस्पेक्शन के साथ मानिटरिंग एजेंसियों की नियुक्ति का नियम जरूरी हो गया है। ताकि गुणवत्ता जांच और के लिए स्तवंत्र और निरंतर निगरानी सुनिश्चित हो सके।










