bundi quiet town : राजस्थान के इस शहर में आए तो यात्रा होगी पूरी
शोर व भीड़ से दूर शानदार पर्यटन स्थल है बूंदी
bundi quiet town : जब भी आप राजस्थान घूमने का प्लान करते हैं तो आपके जहन में जयपुर, उद्यपुर, जोधपुर या माउंट आबू जैसे स्थान आते हैं, लेकिन इन स्थानों की भीड़ से दूर एक शहर है बूंदी। यदि आप बूंदी की यात्रा करते हैं तो यह नया अनुभव होगा। यह एक ऐसा शहर है, जो शांति के साथ देखने के लिए बहुत कुछ अपने बीच समेटे हुए है। आइए आज आपको बूंदी दर्शन के बारे में कुछ जानकारी देत हैं। यहां अक्टूबर से मार्च महीने तक आएं तो अच्छ रहेगा।
बूंदी दक्षिण-पूर्वी राजस्थान का एक छोटा सा शहर है। यहां पहुंचने वाले टूरिस्टों की संख्या कम रहती है। ऐसे में अधिक भीड़ नहीं है। लेकिन यह शहर इतिहास और खूबसूरती से भरा पड़ा है। यहां खूबसूरत किले, बावड़ी पर्यटकों को मोहित कर लेती हैं। बूंदी पहुंचना भी बहुत आसान है। क्योंकि यह शहर रेल मार्ग से जुड़ा है, ऐसे में काेई दिक्कत नहीं होगी। जयपुर से भी करीब 210 किलोमीटर ही है। बूंदी में देखने के लिए बहुत कुछ है। जैसे झील, पहाड़, किला, महल, बावड़ियां यात्रा को खास बना देती हैं। ऐसे में बिना किसी बड़ी प्लानिंग के भी आसानी से बूंदी घूमने जाया जा सकता है।
bundi quiet town : देखिए तारागढ़ किला
बूंदी काे खास पहचान देता है यहां का तारागढ़ किला। यह क्षेत्र राजस्थान के पुराने पहाड़ी किलों शामिल है। चढ़ाई खड़ी होने के बावजूद जब ऊपर पहुंचते हैं तो शानदार नजारा मिलता है। किले के ऊपर से पूरा बूंदी शहर नजर आता है। यह किला बिना पालिश वाला लगता है। यहां पहुंच कर दीवारों पर समय के निशान साफ देखे जा सकते हैं। इसके अलावा पुरानी तोप, दरवाजे और गलियारे इतिहास की किताब खोल कर रख देते हैं। जहां किला लड़ाई के किस्से बयान करता है, वहीं इसका वातावरण शांति से भरा हुआ है।

bundi quiet town : बेहद खास बूंदी महल
किले के नीचे बूंदी महल अपने इतिहास की कहानी सुना रहा है। यहां दीवारों पर पेंटिंग्स और फ्रेस्को (भित्तिचित्र) बने हुए हैं। जो यहां आने वालों को सुखद अनुभव देते हैं। इनको देख कर शाही जीवन, त्योहारों, शिकार के दृश्यों और पौराणिक कथाओं की जानकारी मिलती है। इस महल के कमरे अलग ही अनुभव देते हैं।
bundi quiet town : यादगार बन जाएगा बूंदी का खाना
जिस प्रकार यह शहर शांत और आकर्षक है, ऐसे ही यहां का खाना भी बेहद खास है। बूंदी का खाना यहां के जीवन को दिखाता है। यहां पर आपको खाने में बाहरी दिखावा नहीं राजस्थान की महक और प्रेम मिलेगा। जैसे दाल बाटी चूरमा एक मुख्य व्यंजन होने के साथ पारंपरिक तरीके से बनाया जाता है। इसक अलावा सुबह के नाश्ते से लेकर रात के खाने तक के लिए यहां बहुत कुछ है।
इसके अलावा स्थानीय मिठाइयां बूंदी की यात्रा को सुखद बना देती हैं। हालांकि मिठाई की दुकान छोटी हैं, लेकिन इनकी शुद्धता बहुत बड़ी है। यहां पर खाना भी घर की तरह परंपरागत तरीके से ही खिलाया जाता है।










