अयोध्या की यह छटा नहीं देखी तो क्या देखा
26 लाख 11 दीपाें से रोशन होंगे अयोध्या में राम पैड़ी व 56 घाट
इस दीवाली अयोध्या में फिर बनेगा विश्व रिकार्ड देश भर में दीवाली की तैयारी चल रही हैं, लेकिन सभी की नजर भगवान श्रीराम के जन्मस्थल अयोध्या पर लगी हुई हैं। इस दीवाली पर भगवान श्रीराम की नगरी अयोध्या फिर से विश्व रिकार्ड बनाने की ओर बढ़ रही है। अयोध्या में श्रीराम पैड़ी व 56 घाटों को 26 लाख 11 हजार 101 दीपों से रोशन किया जाएगा। दीवाली के मौके पर जहां अयोध्या नगरी एक साथ 26 लाख से अधिक दीपों से जगमगाएगी, वहीं यह नया कीर्तिमान भी बनेगा।
यूं तो अयाेध्या नगरी का अपना ऐतिहासिक व धार्मिक महत्व है, लेकिन दीवाली पर इसका महत्व और भी अधिक बढ़ जाता है। इसमें उत्तर प्रदेश सरकार व सरकार का पर्यटन विभाग अपनी महत्वूर्ण भूमिका निभा रहा है। पिछली बार की तरह ही इस बार दीवाली के मौके पर अयोध्या को नया स्वरूप देने की तैयारी चल रही हैं। इसमें न सिर्फ अकेले अयोध्या को शामिल किया गया है, बल्कि ईको-पर्यटन विकास बोर्ड की योजना के अनुसार अयोध्या से लेकर गोंडा स्थित पार्वती अर्गा बर्ड सेंचुरी तक के क्षेत्र को शामिल किया गया है।
यहां सभी जगह दीपोत्सव मनाया जाएगा। यूं तो दीपोत्सव नया नहीं है, लेकिन इसकी भव्यता हर बार बढ़ती ही जा रही है। ऐसे में यह विश्व भर में अपनी अलग पहचान बना रहा है। दीपोत्सव पर भगवान श्रीराम के आगमन की खुशी इस प्रकार मनाई जाएगी कि पूरी अयोध्या झूम उठेगी। अयोध्या के रामपथ सहित अन्य प्रमुख मार्गों की रेलिंग को भी विभिन्न प्रकार के फूलों से सजाया जा रहा है। गुप्तारघाट के साथ व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर भी सरकार द्वारा दीप प्रज्ज्वलित करने की तैयारी है। सरकार व विभाग के साथ अयोध्या के लोग भी इसमें काफी रूचि ले रहे हैं।
दीवाली के मौके पर इस बार 19 अक्टूबर को दीपोत्सव होगा। इसमें राम की पैड़ी सहित 56 घाटों पर 26 लाख 11 हजार 101 दीप प्रज्ज्वलित करने की तैयारी है। इसके साथ ही यह नया विश्व कीर्तिमान बन जाएगा। एक साथ इतने दीव जलने से बनने वाली छटा भी अनोखी होगी। इसे लिए न सिर्फ भारत के लोग, विश्व भर के लोग इस दीवाली के भव्य रूप को देख सकेंगे।
beauty of Ayodhya : रावण वध का लौटे थे श्रीराम
रामायण के अनुसार दीवाली पर्व भगवान श्रीराम के 14 वर्ष के वनवास पूरा करने के बाद व लंका से माता सीता को मुक्त करवा कर वापस अयोध्या लौटने की खुशी में मनाया जाता है। तब अयोध्या के लोगों ने दीप जलाकर भगवान श्रीराम के लौटने की खुशी मनाई थी। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने इसको और भी भव्य रूप दिया है। ऐसा लग रहा है जैसे पूरी अयोध्या नगरी तब की तरह ही भगवान श्रीराम का स्वागत करेगी।
beauty of Ayodhya : नौंवा दीपोत्सव
इस बार दीवाली के मौके पर नौंवा दीपोत्सव मनाया जाएगा। भगवान श्रीराम के वनवास के बाद अयोध्या नगरी आगमन की अनोखी खुशी देखी जा रही है। रामनगरी अयोध्या में दीपोत्सव के रंग में पूरी तरह से सराबोर होने को तैयार है। इस बार नौवें दीपोत्सव को हर प्रकार से ऐतिहासिक बनाने के लिए सरकार के साथ अयोध्या प्रशासन व नगर निगम ने विशेष तैयारियां अपने स्तर भी कर रखी हैं। इस मौके पर अयोध्या धाम न केवल दीपों की जगमगाहट से सराबोर होगी, बल्कि, फूलों की सजावट भी मनमोहक रहेगी। अयोध्या नगर निगम के प्रत्येक वार्ड को दीपों की ज्योति से रोशन करने के लिए पूरे प्रबंध किए जा रहे हैं।
इसके साथ ही हर निगम पार्षद को उनके क्षेत्र में 1500 दीप बांटने की जिम्मेदारी दी गई है। पार्षदों द्वारा बांटे जाने वाले यह दीप न केवल घरों, बल्कि गुप्तार घाट और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को भी प्रकाशमान करेंगे। इसके साथ ही राम पथ, भक्ति पथ सहित अन्य सभी प्रमुख मार्गों को अलग अलग प्रकार के फूलों और मालाओं से सजाया जाएगा। यह अपने आप में आलौकिक छटा होगी।
beauty of Ayodhya : अयोध्या में 14 प्रमुख घाट
सरयू नदी के तट पर बसी अयोध्या नगरी में 14 प्रमुख घाट हैं। यहीं पर अयोध्या के प्रमुख घाट भी हैं। अयोध्या के दिल में भगवान श्रीराम के साथ सरयू नदी भी विराजमान है। यहीं पर प्रतिष्ठित राम की पैड़ी है। यह घाटों की एक विशेष श्रृंखला है, जो लगभग एक पवित्र क्षेत्र के प्रवेश द्वार है।
beauty of Ayodhya : बढ़ रहे हैं पर्यटक
अयोध्या स्थित विश्व प्रसिद्ध राम मंदिर बनने के बाद पर्यटकों का आवागमन भी काफी बढ़ा है। अब यहां देशी व विदेशी पर्यटक पूरा साल आते रहते हैं। यह आस्था का बड़ा केंद्र पहले ही रहा है, लेकिन अब इसमें और अधिक तेजी आई है।
वर्ष 2024 में यहां 2269067 विदेशी पर्यटक पहुंचे थे। इस वर्ष अयोध्या में कुल 22 करोड़ से अधिक पर्यटक पहुंच चुके हैं। पिछले वर्ष के इनकी संख्या 16 करोड़ रही। ऐसे में यह संख्या पिछली बार के मुकाबले 6 करोड़ अधिक है।
beauty of Ayodhya : घाटों पर पहुंचे दीप
तैयारी इतनी जबरदस्त चल रही है कि हर पल अयोध्या नगर की सूरत बदल रही है। घाटों पर दीप पहुंच चुके हैं और इनको सही प्रकार से लगाया जा रहा है। दीपोत्सव की विशेषता यह रहेगी कि यह पर्व पूरी तरह पारंपरीक तरीके से मनेगा। ऐसे में इसको भारतीय परंपरा के नवयुग के रूप में भी देखा जा सकता है।
परंपरा के साथ आधुनिक रोशनी यंत्र भी
भगवान श्रीराम की नगरी अयोध्या में 9वां दीपोत्सव मनाया जा रहा है। इसमें जहां 26 लाख मिट़््टी के दियों के एक साथ जलाया जाएगा, वहीं परंपरा के साथ आधुनिक डिजिटल रोशनी यंत्र भी अलग छटा प्रस्तुत करेंगे। अयोध्या के धर्मपथ पर विशेष उपकरण लगाए गए हैं। इसमें लाइट एंड साउंड शो प्रस्तुत होंगे।










