Bharat Taxi परिवहन व्यवस्था में नया बदलाव लेकर आएगी भारत टैक्सी
इसी साल पायलट प्रोजेक्ट की होगी शुरूआत, 650 चालकों के साथ शुरू होगी सेवा
Bharat Taxi: देश में स्वदेशीकरण की बड़ी मुहिम चल रही है। इसकी कड़ी में अब ओल व ऊबर जैसी यातायात कंपनियों को टक्कर देने के लिए सरकार द्वारा भारत टैक्सी (Bharat Taxi) की शुरूआत की जा रही है। इसी साल में 650 चालकों के साथ इसका पालयट प्रोजेक्ट शुरू किया जाएगा। इससे देश में परिवह व्यवस्था का बड़ा बदलाव होने की पहल मानी जा रही है। यह योजना शुरू होने से पहले ही इसको लेकर चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
फिलहाल बडे शहरों में यातायात के लिए लोग ओला व ऊबर जैसी कंपनियों की सेवा पर निर्भर रहते हैं। इसके लिए व्यवस्था है कि कंपनी द्वारा निजी चालक की गाड़ी सर्विस के लिए कान्ट्रेक्ट पर ली जाती है। कंपनी द्वारा एप के माध्यम से गाड़ी चालक या मालिक को ग्राहक दिए जाते हैं और इसके बादल कंपनी निर्धारित कमीशन लेती है। नई व्यवस्था के तहत चालक या मालिक सीधे Bharat Taxi चला सकेगा।
इसमें उसे किसी कंपनी को कमीशन भी नहीं देना पड़ेगा। पूरी राशि गाड़ी मालिक को ही जाएगी। यह देश में पहली सहकारी टैक्सी सेवा होगी। इसके लिए शुरूआत में 650 चालकों के साथ सेवा लांच करने की योजना है। इसके बाद धीरे-धीरे इसको देश के अलग अलग हिस्सों में विस्तार किया जाएगा। इसके तहत 5 हजार चालक व महिला सारथी जुड़ जाएंगे।
भारतीय बाजार में अभी तक ऊबर व ओला जैसी निजी क्षेत्र की कंपनियाें द्वारा टैक्सी सेवा दी जा रही है। अलग-अलग शहरों में इसकी सुविधा के साथ सुरक्षा को लेकर भी गंभीर मामले सामने आते रहे हैं। विशेषकर महिला यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए केंद्र सरकार ने अपनी ही देखरेख में कैब सेवा देने वाली कंपनी तैयार करने का पुैसला लिया है। (Bharat Taxi) भारत टैक्सी राष्ट्रीय स्तर पर पहला ऐसा मंच होगा, जिसे सहकारिता मंत्रालय और राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस डिवीजन द्वारा बनाया गया है। इसमें सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि चालक भी इस योजना में सह-मालिक बनेंगे। इस योजना को फलीभूत करने के लिए सहकार टैक्सी कोआपरेटिव लिमिटेड के साथ एमओयू भी किया जा चुका है।

Bharat Taxi : सदस्यता आधारित माडल
Bharat Taxi देश में शुरू होने वाली भारत टैक्सी सदस्यता आधारित माडल होगा। इसे सहकार टैक्सी कोआपरेटिव लिमिटेड द्वारा नियंत्रित किया जाएगा। जून महीने में इसकी स्थापना की जा चुकी है। यह सेवा एप आधारित डिजिटल इंडिया के साथ काम करेगी। सभी सुरक्षा मानक सुनिश्चित करने के लिए इसका संचालन एक काउंसिल द्वारा किया जाएगा। इसमें अमूल के एमडी जयेन मेहता को चेयरमैन व एनसीडीसी के उप प्रबंधक निदेशक रोहित गुप्ता को वाइस चेयरमैन की जिम्मेदारी दी गई है। इसके साथ ही संचालन काउंसिल में आठ सदस्य भी शामिल हैं। यह सदस्य देश की अलग – अलग सहकारी समितियों से जुड़े हुए हैं। भारत टैक्सी के संचालन के लिए बोर्ड की पहली बैठक 16 अक्टूबर की गई थी।
Bharat Taxi : यह होगा बड़ा अंतर
फिलहाल देश में काम कर रही ओला व ऊबर जैसी कंपनी के आधार पर काम करती हैं। इन कंपनियों में गाड़ी मालिक की होती है और संचालन निजी कंपनी द्वारा किया जाता है। वहीं भारत Bharat Taxi का संचालन सहकारी सोसायटी द्वारा किया जाएगा। साथ ही गाड़ी का मलिक भी संचालन भी सहमालिक होगा। फिलहाल ओला व ऊबर द्वारा 20 से 25 प्रतिशत कमीशन लिया जाता है। वहीं भारत टैक्सी में कोई कमीशन नहीं देना होगा। सिर्फ गाड़ी संचालक को सदस्या शुल्क देना होगा। ओला व ऊबर में अधिक मांग के समय में किराये की दर बढ़ जाती है, लेकिन भारत टैक्सी में कीमत स्थित रहेंगी। इससे ग्राहक असमंजस में नहीं रहेगा। अभी की निजी कंपनियों में चालक को काम के आधार पर इंसेंटिव दिया जाता है, लेकिन सहकारी भारत टैक्सी में सहकारी बोनस व लाभांश मिलेगा।










