Road Accident : खराब बनावट वाले रोड से एक्सीडेंट हुआ तो एसडीओ व जेई पर भी होगी एफआइआर
कैथल के जिला परिवहन अधिकारी ने लिया फैसला, सभी संबंधित विभागों को भेजा पत्र
Road Accident : आए दिन होने वाली सड़क दुर्घटनाओं में लोगों की जान जाती हैं। ऐसे में अब यदि सड़क बनावट के कारण दुर्घटना होती है तो इसको बनाने वालीे एजेंसी के अधिकारियों पर भी कार्रवाई होगी। इसके लिए हरियाणा के कैथल जिला के जिला परिवहन अधिकारी डीटीओ ने आदेश जारी किए हैं। इतना ही नहीं डीटीओ ने इसका पत्र सभी संबंधित विभागों को भी भेज दिया है। हालांकि यह आदेश डीटीओ की ओर से जारी किए गए हैं और इस पर कितना अमल होगा यह समय ही बताएगा।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर हर जिला में जिला सड़क सुरक्षा समिति का गठन किया गया है। यह समिति हर महीने बैठक करती है और इस दौरान होने वाली सड़क दुर्घटनाओं का विश्लेषण किया जाता है। ऐसे स्थानों को समिति चिह्नित करती है, जहां दुर्घटनाएं हुई हैं। साथ ही इन स्थानों पर दुर्घटनाओं के कारण पर भी चर्चा होती है। हालांकि सड़क के निर्माण संबंधित खामियां पाई जाती हैं, लेकिन सरकारी व्यवस्था होने के कारण इस पर कार्रवाई नहीं हो पाती। अब इसका रास्ता साफ हो गया है। इसके लिए पहल की है कैथल जिला के जिला परिवहन अधिकारी ने। जिला परिवहन अधिकारी जिला सड़क सुरक्षा समिति के सदस्य भी होते हैं। कई बार सड़क निर्माण या डिजाइन में हुई लापरवाही के कारण गंभीर दुर्घटना हो जाती है। कई जगह सड़क में गड्ढे बने हुए होते हैं। इनके कारण भी विशेषकर दुपहिया वाहन फिसल जाते हैं। यह गंभीर दुर्घटना का कारण बनता है। यहां तक की सड़क किनारे बनने वाली बरम सही नहीं होने के कारण भी वाहन गड्ढों में उतर जाता है और दुर्घटना होती है। अब इन सभी पर रोक लग सकेगी।

Road Accident : एनएचएआइ ने जारी किया सर्कूलर
इससे पहले राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा भी इस प्रकार का सर्कूलर जारी किया जा चुका है। इसके तहत भी यही विषय उठाया गया है कि खराब इंजीनियरिंग कार्य के चलते यदि गंभीर सड़क दुर्घटना होती है तो इसके लिए अधिकारी दोषी होंगे। इसका फैसला पालघर में हुई सड़क दुर्घटना में टाटा संस के पूर्व चेयरमैन साइरस मिस्त्री की मौत के बाद लिया गया था। इसमें भी यह सुनिश्चित किया गया है जो अधिकारी सड़क निर्माण का प्रमाण पत्र जारी करेगा, वह इसके लिए जिम्मेदार होगा। ऐसे ही आदेश करीब एक सप्ताह पहले फरीदाबाद के जिला उपायुक्त डा. हरिश वशिष्ठ की ओर से भी जारी किए गए हैं। हरियाणा डेयरी से बातचीत में डीसी डा. हरिश वशिष्ठ ने बताया कि सड़क दुर्घटनाओं को ऐसे ही नहीं छोड़ सकते। जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में यह फैसला लिया गया है। दुर्घटनाओं के लिए जिम्मेदारी तय करना जरूरी है। कोई तो जिम्मेदार हो। इसके लिए यह फैसला लिया गया है। उम्मीद है कि इसके अच्छे परिणाम सामने आएंगे। देश भर में कई जिलों में अधिकारियों द्वारा इस प्रकार के फैसले लिए गए हैं।
Road Accident : तीव्र मोड़ या डिजाइन की कमी
सड़क बनाते समय कई बार बड़ी तकनीकी खामी रह जाती है। इसके तहत या तो तीव्र मोड़ बन जाता है। या फिर ऐसी व्यवस्था हो जाती है कि वाहन चालक रांग साइड में चलने को मजबूर होते हैं। ऐसी स्थिति में सड़क दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ जाती है। साथ ही कई बार तेज गति से आने वाले वाहन चालक इन मोड़ से परिचित नहीं होते। यहां तक कि इनकी चेतावनी के कारण साइन बोर्ड नहीं होते और बोर्ड होते हैं तो यह सही प्रकार से दिखाई नहीं देते। इसके कारण दुर्घटना हो जाती है।
Road Accident : जवाबदेही तय अच्छी बात
जींद जिला सड़क सुरक्षा समिति के गैर सरकारी सदस्य सुनील वशिष्ठ के अनुसार यह बहुत ही सराहनीय फैसला है। हालांकि मौखिक रूप से बैठकों में इस प्रकार की बात होती रहती हैं, लेकिन इसको अमलीजामा पहनाने की जरूर थी। इस प्रकार की पहल होने से निश्चित रूप से असर पड़ेगा।










