Air Pollution : हरियाणा के जींद में जहर उगल रही टायर जलाने वाली फैट्रियां

लोगों को धीमी मौत से बचाने की गुहार, एडवोकेट ने उपायुक्त को लिखा पत्र

Air Pollution : दीवाली के बाद से प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ता जा रहा है। ऐसे में लोग चिंतित हैं। हालांकि क्षेत्र में इस दौरान धान की पराली भी काफी जलाई गई और जींद जिला में 150 से अधिक लोकेशन आई हैं। जींद सहित एनसीआर में हवा की गुणवत्ता को मापने वाला सुचकांक एक्यूआई 400 से भी पार चला गया। ऐसे में प्रदूषण को रोकने के लिए भी कई प्रयास किए गए। अब जींद के एडवोकेट सतीश यादव ने जींद के डीसी मोहम्मद इमरान रजा को पत्र लिख कर एक गंभीर समस्या पर ध्यान केंद्रीत किया है।

सतीश यादव के पत्र में जींद के आसपास चल रही टायर जलाने वाली फैक्ट्रियों को बंद करवाने की मांग की गई है। अपने पत्र में एडवोकेट सतीश यादव ने लिखा कि जींद शहर और आसपास के क्षेत्रों में टायर जलाकर काला तेल निकालने व पुरानी बैटरियों को पिघलाकर दोबारा तैयार करने वाली फैक्ट्रियों जहरीला धुआं निकल रहा है। जहरीला धुआं और जहरीली गैस जनता के जीवन के लिए एक गंभीर खतरा बन चुका है। स्थानीय लोगों के अनुसार यह प्रदूषण मुख्य रूप से रात के समय और छुट्टी वाले दिनों में सबसे अधिक फैलाया जाता है। जब निगरानी करने वाले अधिकारी मौजूद नहीं होते।

Air Pollution : प्रदूषण के प्रमुख कारण

सतीश यादव के अनुसार रबड़ के टायरों से काला तेल निकालने की प्रक्रिया में भारी मात्रा में जहरीला धुआं जींद शहर के कई किलोमीटर तक आस-पास फैलता है। अधिकांश फैक्ट्रियां बिना की NOC और बिना उचित APCM (Air Pollution Control Measures) के साथ चलाई जा रही हैं। हालांकि उन्होंने किसी एक फैटरी की शिकायत नहीं की है। साथ ही टायरों को छोटे टुकड़ों में काटकर बड़े बायलरों में अत्यधिक तापमान पर जलाया जाता है। इससे लगातार जहरीला धुआं निकलता है। क्षेत्र की कुछ फैक्ट्रियों में सुरक्षा के अभाव में बायलर फटने की घटनाएं हो चुकी हैं। इसमें मजदूरों की जान भी जाती है। सतीश यादव के अनुसार फैक्ट्रियों से निकलने वाला काला तेल 300–400 रुपये प्रति लीटर तक बेचा जाता है। जिसका उपयोग कई उद्योगों में मिलावट के रूप में भी होता है। उन्होंने कहा कि जींद शहर और आसपास बड़े स्तर पर ऐसे लगभग 100 प्रदूषण फैलाने वाले फैक्ट्रिया चल रही हैं।

जहर उगल रही टायर जलाने वाली फैट्रियां
जहर उगल रही टायर जलाने वाली फैट्रियां

Air Pollution : नहीं है फैक्टरी चलाने की अनुमति

सतीश यादव ने अपने पत्र में कहा कि NGT नियमों के अनुसार, NCR क्षेत्र में प्रदूषण से संबंधित इस प्रकार की कोई भी फैक्टरी चलाने की अनुमति ही नहीं है। इसके बावजूद जींद में यह धड़ल्ले से प्रशासन की नाक के तले चल रही हैं।

Air Pollution : स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव

सतीश यादव ने अपनी शिकायत में कहा है कि इन फैक्ट्रियों से निकलने वाली जहरीली गैसों के प्रभाव
से सांस से संबंधी बीमारियां हो रही हैं। खांसी, जुकाम, त्वचा रोग व एलर्जी, आंखों में जलन, फेफड़ों की क्षमता कमजोर हो रही है। कैंसर का खतरा बढ़ रहा है और सबसे ज्यादा असर गर्भवती महिलाओं, बच्चों, बुज़ुर्गों, पशुओं, पक्षियों और फैक्ट्री के आसपास रहने वालों लोगो पर आ रहा है।

Air Pollution : खतरनाक रहता है जींद का AQI

देश के प्रदूषित शहरों में जींद का स्थान रहता है। पिछले दिनों जींद में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 471 तक चला गया। जो राष्ट्रीय स्तर पर सबसे खतरनाक श्रेणी में शामिल है। पिछले वर्ष जींद विश्व के 13–14 सबसे प्रदूषित शहरों में शामिल रहा। हालांकि इसकी शिकायत प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को की जाती रही है, लेकिन इस पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। ऐसे में प्रदूषण फैलाने वाली इन फैक्ट्रियों पर सख्ती कसे कार्रवाई की जाए। साथ ही
नियमित जांच व निगरानी के लिए विशेष टीम भी गठित की जाए ताकि सकारात्मक परिणाम भी आएं। इससे संबंधित अधिकारियों की सीधी जवाबदेही तय होगी। फैक्ट्रियों के संचालन का पूरा आडिट किया जाए। इससे प्रदूषण के स्तर और इनकी स्थिति का भी पता चल जाएगा।

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