Success Story : हरियाणा में मां-बेटे ने एक साथ क्लीयर किया CET का एग्जाम, कोचिंग भी नहीं ली
Success Story : हरियाणा में हाल ही में CET एग्जाम का परिणाम आया है। इसमें 8 लाख से ज्यादा परीक्षार्थियों को पास आउट किया गया है। वहीं एक प्रेरणादायक मामला भी सामने आया, जिसमें मां और बेटे ने सीईटी का एग्जाम दिया था और दोनों का ही एग्जाम क्लीयर हो गया है। इससे परिवार में खुशी की लहर है तो वहीं आसपास के लोग मां-बेटे की सफलता का उदाहरण देने लगे हैं। इतना ही नहीं, महिला ने किसी प्रकार की कोचिंग नहीं ली।
हम बात कर रहे हैं हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले के नारनौल के कोजिंदा गांव की 40 वर्षीय महिला लक्ष्मी की। लक्ष्मी और उसके बेटे उज्जवल ने एक साथ सामान्य पात्रता परीक्षा (CET) को पास किया है। महिला 40 साल की है, तो उसके बेटे की उम्र 22 साल है। लक्ष्मी रेवाड़ी में NGO चलाती हैं। साथ में घर का काम करती हैं। हालांकि लक्ष्मी के ससुर जेई रिटायर्ड हैं और बेटा उज्जवल गुरुग्राम में MBA कर रहा है।

कोजिंदा गांव निवासी मेनपाल ने बताया कि CET का फार्म निकले हुए थे तो उस समय बेटे उज्जवल का फार्म भरने के लिए कहा था तो उसकी पत्नी लक्ष्मी ने भी फार्म भरने की इच्छा जाहिर की तो उसका भी फार्म भरवा दिया। लख्मी ने घर पर ही काम के साथ-साथ पढ़ाई शुरू की और लगातार पढ़ाई के बाद एग्जाम दिया। दो दिन पहले जैसे ही परिणाम आया तो मां-बेटे और परिवार की खुशी का कोई ठिकाना नहीं रहा, क्योंकि पहले ही प्रयास में लक्ष्मी ने CET का एग्जाम पास कर लिया।
Success Story : ANM का डिप्लोमा कर चुकी है लक्ष्मी
लक्ष्मी की शादी 18 साल की उम्र में ही हो गई थी। शादी के बाद ही उसने ANM का डिप्लोम किया। इसके बाद NGO चलाने लगी। शादी के बाद से उसने लगातार अपनी पढ़ाई जारी रखी। पति मेनपाल रेवाड़ी के धारूहेड़ा में प्राइवेट कंपनी में मैनेजर के पद पर तैनात हैं। फिलहाल परिवार धारूहेड़ा में ही रह रहा है। लक्ष्मी NCR में सीड ऑटो टेक नाम से एक NGO में काम करती हैं। इस एनजीओ का काम गरीब लोगों को मुफ्त में दवा उपलब्ध कराना है। वह एएनएम का डिप्लोमा कर चुकी है, इसके चलते उसे दवाओं की अच्छी जानकारी है और वह लोगों की सेवा में लगी है।
Success Story : मां-बेटे की सफलता का लोग दे रहे उदाहरण
मां-बेटे के एक साथ CET एग्जाम पास करने के बाद सामाजिक संगठनों और दूसरे परिवार के लोगों द्वारा लगातार बधाई दी जा रही है। उज्ज्वल ने भी अपनी मां के साथ-साथ परीक्षा में सफल होकर परिवार का नाम रोशन किया है। उज्ज्वल की मेहनत और लगन ने यह दिखाया कि प्रेरणा घर से मिलती है तो उपलब्धियों का रास्ता आसान हो जाता है। उज्जवल ने बीकॉम किया हुआ है और वर्तमान गुरुग्राम विश्वविद्यालय से एमबीए कर रहा है।










