Nautapa 2026 : नौतपा की शुरूआत और बढ़ेगी तपिश, सूर्य देव ने रोहिणी नक्षत्र में किया प्रवेश

2 जून तक रहेगा नौतपा का प्रभाव, अधिकतम तापमान 45 व न्यूनतम 30 के पार जाने की आशंका

Nautapa 2026 :  पहले से ही भयंकर गर्मी में झुलस रहे उत्तर भारत के लोगों को अब और भी अधिक तपिश का सामना करना पड़ सकता है। क्योंकि आज यानी 25 मई 2026 सोमवार से नौतपा शुरू हो गया है। ऐसे में अब सूरज की तपिश धरती को पहले से भी अधिक झुलसाने वाली होगी। नौतपा का प्रभाव 2 जून तक चलेगा।

वहीं मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि नौतपा एक बहुत ही विशेष परिस्थिति होती है। इसमें सूर्य रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करता है और इसका प्रभाव गर्मी के रूप में दिखता है। क्योंकि सूरज की किरणें सीधी पृथ्वी तक आती हैं। ऐसे में तपिश और अधिक बढ़ती है।

टूटेंगे रिकार्ड, भीषण लो का प्रकोप

मौसम विभाग ने भी नौतपा में पुराने रिकार्ड टूटने की संभावना जताई है। कृषि मौसम वैज्ञानिक डा. राजेश कुमार के अनुसार इस बार नौतपा बहुत ही अधिक गर्मी बढ़ाने वाला होगा। इस दौरान अधिकतम तापमान 45 और न्यूनतम 30 डिग्री से पार जा सकता है। इसके कारण अगले 3 दिन तक भीषण लू की स्थिति रहेगी। पाकिस्तान की ओर से आ रही शुष्क पश्चिमी हवाओं के कारण शुष्क और गर्म हवा झुलसा देने वाली गर्मी पैदा कर रही हैं।

लग रहा अघोषित कर्फ्यू

वही गर्मी के कारण अघोषित कर्फ्यू जैसी स्थिति बन गई है। सुबह 11 बजे ही अधिकतर लोग अपने काम निपटाकर घरों के अंदर दुबक रहे हैं और फिर 4 बजे के बाद ही गलियों व सड़कों पर चहल-पहल लौटती है। दिन के समय व्यस्त बाजार भी सुनसान हो रहे हैं। रोहतक के काफी व्यस्त और बड़े किला रोड मार्केट के दुकानदार सुनीलदत्त के अनुसार दिन के समय ग्राहक नहीं आते।

अधिकतर लोग दोपहर 12 बजे बाजार से लौट जाते हैं। रविवार को भी अधिकतम तापमान 42.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान 24.6 डिग्री रहा। दोपहर के समय 10 से 13 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली गर्म हवाओं का असर शाम साढ़े सात बजे तक महसूस किया गया, जिससे सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा।

4 दिन बाद राहत की उम्मीद

मौसम विभाग का कहना है कि यूं तो नौतपा का असर 2 जून तक रहने वाला है, लेकिन पहले चार दिन यानी 25 मई से 29 मई तक भीषण गर्मी और लू की संभावना है। 29 मई के आसपास पश्चिमी विक्षोभ का असर आ सकता है। इससे हल्की बूंदाबांदी होने की संभावना है। साथ ही भीषण शुष्क हवाओं में कुछ नमी आ सकती है।

कमजोर पश्चिमी विक्षोभ से बड़ी उम्मीद

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार वीरवार से सक्रिय होने वाला पश्चिमी विक्षोभ बेशक कमजोर है, लेकिन जिस प्रकार गर्मी बढ़ रही है, इससे भी काफी उम्मीद है। क्योंकि यदि तापमान में 1-2 दिन के लिए भी कुछ गिरावट आती है तो यह बड़ी राहत होगी। हालांकि इसके दो दिन बाद यानी अगले सप्ताह की शुरूआत से फिर भीषण गर्मी का प्रकोप रहेगा।

स्वास्थ्य पर न आए प्रभाव, तर रखें शरीर

भिवानी के वरिष्ठ चिकित्सक डा. मंगलेश सिंह के अनुसार इस मौसम में हीट स्ट्रॉक का प्रभाव अधिक रहता है। इससे बचने के लिए सबसे जरूरी है कि शरीर को तर रखें। यानी शरीर में पानी की कमी नहीं होने दें। डिहाइड्रेशन के कारण खतरा बढ़ जाता है। सबसे जरूरी है कि तरल पदार्थों का सेवन करते रहें। गर्मी से आते ही एकदम अधिक ठंडे कमरे में नहीं जाएं और अधिक ठंडा पानी या जूस नहीं लें। सामान्य तापमान में कम से कम 10 मिनट बिताएं। पानी भी सामान्य ही लें।

ध्यान नहीं रखा तो पशुओं का सूख जाएगा दूध

वहीं सफीदों के उप पशुपालन अधिकारी डा. सुरेंद्र आर्य के अनुसार यह मौसम दूध देने वाले पशुओं के लिए बहुत अधिक गंभीर होता है। दूध के उत्पादन में काफी कमी आती है। कारण है कि गर्मी के कारण पशु तनाव में रहता है। इससे बचने के लिए दिन में पशुओं को 3 से 4 बार सामान्य पानी पिलाएं। यह पानी धूप में रखा नहीं हो। दो बार तालाब में भी जरूर लेकर जाएं।

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