Madina Mosque Demolition : यूपी में मुस्लिम समुदाय के ही लोगों ने रात को क्यों तोड़ी मस्जिद

सरकारी जमीन पर अवैध निर्माण पर बुलडजर के डर से हुई ऐसी कार्रवाई

Madina Mosque Demolition : उत्तर प्रदेश के संभल स्थित असमोली थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सलेमपुर सलार गांव में मुस्लिम समाज के लोगों ने ही रात को यहां बनी मस्जित को तोड़ दिया। सरकारी जमीन पर अवैध तरीके से बनाई गई मदीना मस्जिद पर हालांकि प्रशासनिक कार्रवाई होनी थी, लेकिन इससे पहले ही मुस्लिम समाज के लोगों ने स्वयं सुरक्षित तरीके से मस्जिद को तोड़ना शुरू कर दिया। यहां पर हथौड़ों से तोड़ कर दीवारों को हटाया जा रहा है। साथ ही मस्जिद में लगे लोहे व लकड़ी के दरवाजों के साथ अन्य सामान को भी निकाला जा रहा है। प्रशासनिक तोड़फोड़ में संभावित नुकसान को कम करने के लिए ऐसा किया जा रहा है।

Madina Mosque Demolition :  लंबे समय से चल रहा विवाद

संभल क्षेत्र के गांव सलेमपुर सालार उर्फ हाजीपुर में यह मस्जितद गाटा संख्या 641 की नवीन पर्ती भूमि पर बनी है। मदीना मस्जिद को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है। राजस्व रिकार्ड के अनुसार यह भूमि ग्राम समाज की है और जिसका कुल क्षेत्र 439 वर्ग मीटर है। आरोप है कि इसी भूमि पर बिना अनुमति पक्का निर्माण करते हुए मस्जिद बना दी गई।

Madina Mosque Demolition : यूपी में मुस्लिम समुदाय के ही लोगों ने रात को क्यों तोड़ी मस्जिद
यूपी में मुस्लिम समुदाय के ही लोगों ने रात को क्यों तोड़ी मस्जिद

Madina Mosque Demolition : 28 दिसंबर को बनी थी टीम

मस्जिद विवाद में 28 दिसंबर को नायब तहसीलदार बबलू कुमार के नेतृत्व में एक राजस्व टीम गठित करते हुए इसमें अरविंद कुमार सिंह और दीपक कुमार पटवारी भी शामिल किए गए थे। जांच के बाद हाजी शमीम के खिलाफ बेदखली के आदेश जारी कर दिए गए। इसके साथ ही सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा करने के आरोप लगाते हुए 8.78 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया। इसको लेकर प्रशासन ने 4 जनवरी मस्जिद गिराने की कार्रवाई करने की तारीख दी गई थी।

अब इस कार्रवाई से एक दिन पहले ही मुस्लिम समाज के लोगों ने खुद ही मस्जिद को हटाना शुरू कर दिया। शनिवार को लोगों ने हथौड़ों से दीवारें तोड़ते हुए ईंटे निकालने कार कार्य किया। ऐसा नहीं होने पर प्रशासन द्वारा बुलडोजर से मस्जिद को गिरया जाता। इसमें ईंटों सहित अन्य सामान को भी अधिक नुकसान हो सकता था। इसको अब योगी के बुलडोर का डर माना जा रहा है।

Madina Mosque Demolition : 2018 को दी थी अवैध निर्माण की रिपोर्ट

संभल तहसीलदार धीरेंद्र सिंह के अनुसार इस मामले में पटवारी द्वारा द्वारा 14 जून 2018 को अवैध निर्माण की रिपोर्ट पेश की गई थी। अब इसी रिपोर्ट के आधार पर तहसीलदार न्यायालय में ग्राम सभा बनाम हाजी शमीम मुतव्वली के नाम से याचिका दर्ज करते हुए प्रक्रिया चली। अदालती सुनवाई के दौरान प्रस्तुत तथ्यों, दस्तावेजों और साक्ष्यों के आधार पर यह पाया गया कि मस्जिद का निर्माण पूरी तरह अवैध है।

Madina Mosque Demolition : गरीब परिवारों को मिली थी जमीन

प्रशासनिक रिपोर्ट के अनुसार यह जमीन प्रशासन द्वारा वर्ष 2000 में गांव के गरीब परिवारों को आवास के लिए आबंटित की गई थी। इसके बाद यहां निर्माण हुआ। मस्जिद का निर्माण साल 2005 में किया गया। ऐसे में इस जमीन पर अवैध कब्जा मानते हुए प्रशासन द्वारा कार्रवाई की जानी थी। इससे पहले ही मुस्लिम समाज के लोगों ने इस निर्माण को हटा दिया। प्रशासन ने यहा निर्माण गिराने का समय 4 जनवरी तय किया और 3 जनवरी तक का समय दिया था। अब निर्धारित समय में ही यह निर्माण स्वयं हटा लिया गया है।

Madina Mosque Demolition : 20 ग्रामीणों को पट्टे पर मिली जमीन

यहां मुस्लिम समाज द्वारा स्वयं ही मस्जिद तोड़ने के बाद अब 20 किसानों को पट्टे पर जमीन आबंटित की गई है। मदीना मस्जिद को प्रशासनिक कार्रवाई से पहले ही मुस्लिम समाज के लोगों ने रात भर स्वयं हटा लिया था। रविवार सुबह तक मस्जिद का पूरा ढांचा हटा दिया गया। रविवार को एसडीएम रामानुज और तहसीलदार धीरेंद्र सिंह मौके पर पहुंचे और जिलाधिकारी डा. राजेंद्र पैंसिया और पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार विश्नोई ने स्थल का निरीक्षण किया। इसके बाद गांव के ही 20 भूमिहीन लोगाें को पट्टे पर जमीन आबंटित की गई।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button