Salary stopped in UP : यूपी में 6 हजार कर्मचारियों ने नहीं दिया संपत्ति का ब्योरा, सरकार की बड़ी कार्रवाई

35 विभागों में कार्यरत इन कर्मचारियों का रोक दिया वेतन

Salary stopped in UP : विभागों में ईमानदारी को लेकर यूपी में सरकार सख्ती से काम कर रही है। इसके तहत 6000 ऐसे कर्मचारियों को वेतन रोक दिया गया है, जिन्होंने अपनी संपत्ति का ब्योरा नहीं दिया है। यह कर्मचारी 35 विभागों में कार्यरत हैं। इसके लिए सरकार ने राज्य के कर्मचारियों को 31 जनवरी तक का समय दिया था कि वे अपनी चल अचल संपत्ति का ब्योरा दें। लेकिन इस समय में कर्मचारियों ने इस आदेश को नहीं माना।

इतना ही नहीं इन कर्मचारियों के विभागों द्वारा इनके वेतन के बिल तक ट्रेजरी कार्यालय को नहीं भेजे गए। क्योंकि इन कर्मचारियों ने अपनी संपत्ति का ब्योरा नहीं दिया। यह कार्रवाई हुई है यूपी के आगरा जिला में। आगरा जिला में 30 हजार से अधिक कर्मचारी कार्यरत हैं। सरकार के निर्देश थे कि सभी कर्मचारी अपनी चल अचल संपत्ति का ब्योरा 31 जनवरी तक पोर्टल फीड कर दें। इस समय में जिन कर्मचारियों ने ऐसा नहीं किया, उन पर कार्रवाई हुई है।

ऐसे विभाग जिनसे नहीं मिले ट्रेजरी को बिल

ट्रेजरी के सूत्रों ने बताया कि 35 ऐसे विभाग हैं, जिनके सभी कर्मचारियों के बिल नहीं आए हैं। इसमें परिवहन विभाग, पुलिस, पंचायती राज, जिला अस्पताल, लेडी लायल अस्पताल, सीएमओ कार्यालय, जिला सचिवालय, एसएन मेडिकल कालेज, सेवा योजन विभाग, ईएसआइ, सूचना विभाग, चकबंदी विभाग, श्रम विभाग, आयुष विभाग, जिला निर्वाचन अधिकारी कार्यालय, आबकारी विभाग विभाग शामिल हैं।

आश्रितों और पत्नी की संपत्ति का ब्योरा भी जरूरी

साथ ही यूपी सरकार ने यह भी निर्देश दिए हैं कि सभी कर्मचारियों को अपनी संपत्ति के साथ अपने आश्रितों अपनी पत्नी की संपत्ति भी बतानी होगी। सरकार द्वारा यह फैसला विभागों में भ्रष्टाचार रोकने के लिए यह फैसला लिया है। हालांकि इसके लिए सरकार द्वारा कई बार इसके लिए तारीख आगे बढ़ाई गई हैं, लेकिन अभी तक भी काफी ऐसे कर्मचारी हैं, जिन्होंने संपत्ति नहीं बताई है।

इन राज्यों में मांगी गई है जानकारी

हालांकि इसको लेकर देश भर में कई राज्य सरकार कार्रवाई कर रही हैं, लेकिन यूपी सरकार की कार्रवाई थोड़ी तेज और सख्त है। ऐसे में अब आने वाले समय में अन्य राज्य सरकारों द्वारा भी ऐसे कदम उठाए जा सकते हैं। फिलहाल हरियाणा सरकार, राजस्थान सरकार के साथ मध्य प्रदेश और झारखंड जैसे राज्यों में संपत्ति को लेकर कार्रवाई की जा रही है।

हरियाणा IAS और IPS अधिकारियों से मांगा है विवरण

हरियाणा सरकार ने राज्य काडर के IAS और IPS अधिकारियों से संपत्ति का ब्योरा मांगा है। इसमें इससे नीचे के कर्मचारियों को शामिल नहीं किया गया है। इसके लिए सरकार ने 31 जनवरी तक का समय दिया गया है। कुछ दिन पूर्व ही मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने इसके लिए दोबारा आदेश दिए थे। सरकार ने अचल संपत्ति की जानकारी देने के लिए Immovable Property Return-IPR पोर्टल से मांगे हैं।

हर साल होती है प्रक्रिया

वहीं एक अधिकारी का कहना है कि यह प्रक्रिया हर साल होती है। इसके लिए 2011 में आदेश जारी हुए थे। कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग ने इसके लिए आदेश जारी किए थे। नियम यह है कि यदि अपनी चल अचल संपत्ति का ब्योरा नहीं देते तो ऐसे अधिकारियों को केंद्र सरकार में किसी भी पद के लिए अयोग्य माना जा सकता है। इतना ही नहीं ऐसे अधिाकरी विदेश प्रतिनियुक्ति के लिए भी अयोग्य हो सकते हैँ। हालांकि हरियाणा में कई अधिकारियों द्वारा संपत्ति की जानकारी दी गई है। इसके अनुसार हरियाणा के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी के पास उत्तर प्रदेश में आम का बाग है। इसके अलावा उनके पंचकूला व गुरुग्राम में फ्लैट भी हैं। इसके अलावा वरिष्ठ आईएएस सुमिता मिश्रा दिल्ली में करीब साढ़े तीन करोड़ रुपये के बिल्डर फ्लोर की मालिक हैं। मुख्यमंत्री के प्रिंसिपल सेक्रेटरी अरुण गुप्ता की हिसार में ढाई करोड़ रुपये की जमीन है।

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