Amarnath Yatra : पवित्र अमरनाथ यात्रा की तैयारियां शुरू, तीर्थ यात्रियों व सेवा प्रतदाताओं को 10 लाख रुपये दुर्घटना बीमा
यात्रा को लेकर उप राज्यपाल की अध्यक्षता में हुई बैठक, होंगे भव्य आयोजन
Amarnath Yatra 2026 : सुप्रसिद्ध अमरनाथ यात्रा को लेकर प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां शुरू हो गई है। इसको लेकर वीरवार को उपराज्यपाल मनोज सिंहा की अध्यक्षता में बैठक हुई। इसमें कई निर्णय लिए गए, जो इस बार अमरनाथ यात्रा को पहले से बेहतर बनाएंगे। इनमें प्रमुख है यात्रियों के साथ-साथ जो लोग वहां पर विभिन्न सेवाओं में लगेंगे, उनको 10 लाख रुपये दुर्घटना बीमा दिया जाएगा। साथ ही तय हुआ है कि इसकी तैयारियों में 29 जून को पहली पूजा होगी। इसके बाद 1 जुलाई को अमरनाथ यात्रा शुरू होगी।
हर साल लाखों लोग बाबा बर्फानी के दर्शन करने के लिए अमरनाथ यात्रा में शामिल होते हैं। ऐसे में इस समृद्ध आध्यात्मिक विरासत से लोगों को विशेष प्रकार से अवगत करवाया जाएगा। इसके तहत जम्मू और श्रीनगर में विशेष लाइट एवं साउंड शो का आयोजन भी किया जाएगा। श्री अमरनाथ जी श्राइन बोर्ड की बैठक में वीरवार को कई अहम फैसले लिए गए। इसमें उपराज्यपाल ने निर्देश दिए कि यात्रियों की सुविधा के लिए बारिश से बचने के लिए शेल्टर बनाए जाएं और रास्ते सही किए जाएं।
यह है धार्मिक महत्व
दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग जिला में श्रद्धालु अमरनाथ यात्रा के दौरान पवित्र गुफा में प्राकृतिक रूप से बर्फ से बने शिवलिंग के दर्शन करते हैं। इस स्थान की समुद्र तल से ऊंचाई करीब 3888 मीटर है। मान्यता है कि भगवान शिव ने मां पार्वती को अमरत्व की कथा इसी गुफा में सुनाई थी। यही घटना इस स्थान के महत्व को विशेष बनाती है। यात्रा का आयोजन श्रावण पूर्णिमा तक होता है। इस बार यात्रा 1 जुलाई से शुरू हो रही है। कुल 59 दिन तक यात्रा का शेड्यूल बनाया गया है। यहां यात्रियों की सुरक्षा का भी पुख्ता बंदोबस्त किया जाता है।
दोगुना हुई है बीमा राशि
पहले अमरनाथ यात्रा में शामिल होने वाले यात्रियों और यहां विभिन्न सेवाओं में लगने वाले लोगों के लिए 5 लाख रुपये बीमा की सुविधा होती थी। इस बार इसको 5 से बढ़ा कर 10 लाख रुपये कर दिया गया है। यह जोखिम लाभ सभी पंजीकृत तीर्थ यात्रियों के साथ विभिन्न सेवा उपलब्ध कराने वालों, यात्रा की व्यवस्था में लगे अधिकारियों, पुजारियों, श्रमिकों के लिए मान्य रहेगी।

59 दिन चलेगी यात्रा
इस बार यात्रा का कार्यक्रम 59 दिन के लिए तय किया गया है। इसके तहत 1 जुलाई 2026 से यात्रा शुरू होकर 28 अगस्त 2026 तक चलेगी। यात्रियों को पहले की भांति ही इस बार भी मेडिकल प्रमाणपत्र बनवाना जरूरी होगा। साथ ही पंजीकरण भी जरूरी है। इसके लिए संभावना है कि 8 अप्रैल से मेडिकल चेकअप की शुरूआत होगी। यात्रा के लिए मेडिकल फार्म पर अधिकृत चिकित्सक से ही प्रमाणपत्र जारी करवाना होगा।
आनलाइन करें पंजीकरण
यात्रा के लिए पंजीकरण सबसे जरूरी है। इसके लिए आनलाइन व्यवस्था है www.jksasb.nic.in पर पंजीकरण किया जा सकता है। हालांकि ऑफलाइन भी PNB, SBI, J&K बैंक, Yes बैंक, ICICI बैंक की शाखाओं से पंजीकरण करवाया जा सकता है। यह सुविधा अलग-अलग क्षेत्रों में अलग बैंक से जुड़ी रहती है। पंजीकरण के लिए स्वास्थ्य संबंधित फिटनेस प्रमाण पत्र के साथ आधार कार्ड या पासपोर्ट या वोटर कार्ड पहचान पत्र लगाना जरूरी होगा। इसके अलावा पासपोर्ट आकार के फोटो भी लगेंगे।
2 रास्तों से होती है यात्रा
अमरनाथ यात्रा को 2 रूट से पूरा किया जा सकता है। इसके लिए पहला रूट पहलगाम से जाता है। यह रास्ता पुराने समय से है और सुंदर मार्ग है। इस मार्ग से यह दूरी करीब 46 किलोमीटर रहेगी। इस रास्ते में चंदनवारी, शेषनाग, पंचतरणी जैसे पड़ाव आते हैं। जो लोग ट्रैकिंग पसंद करते हैं, उनके लिए यह बहुत ही उपयुक्त रास्ता है। वहीं दूसरा रूट बालटाल के रास्ते हैं। हालांकि यह रास्ता बहुत छोटा और इस रास्ते से दूरी महज 14 किलोमीटर ही है। बेशक इस रास्ते से यात्रा बहुत कठिन रहती है। हालांकि यह यात्रा पैदल यात्रियों के लिए है। हैलीकाप्टर से भी यात्रा की जा सकती है।










