Success Story : बिना कोचिंग के घर पर पढ़ मनीषा बनी इसरो में रिसर्च ऑफिसर

हरियाणा डायरी (Success Story) : हरियाणा के जींद जिले की बेटी मनीषा कौशिक इसरो में रिसर्च ऑफिसर बनी है। मनीषा ने इसके लिए जी तोड़ मेहनत की और घर पर ही पढ़ाई की। बिना कोचिंग के अपनी खुद की मेहनत के बूते मनीषा ने ये मुकाम हासिल किया है।

मनीषा जींद जिले के गांगोली गांव की बेटी है और उचाना के कहसून गांव में उसका ननिहाल है। मनीषा के ननिहाल कसूहन गांव में ग्रामीणों ने खुशी मनाई। मनीषा मूल रूप से जींद जिले के सफीदों के गंगोली गांव की निवासी हैं। ग्रामीणों ने मनीषा के मामा के घर पहुंचकर बधाई दी। गांव की पंचायत ने मनीषा कौशिक के सम्मान में जल्द ही एक कार्यक्रम आयोजित करने की घोषणा की है।

मनीषा हरियाणा से इसरो में रिसर्च ऑफिसर के पद पर चयनित होने वाली एकमात्र उम्मीदवार हैं। कहसून गांव के सरपंच प्रतिनिधि श्रीकांत ने कहा कि मनीषा कौशिक ने पूरे प्रदेश में गांव का नाम रोशन किया है। उन्होंने बताया कि गांव में जल्द ही एक सम्मान समारोह आयोजित कर मनीषा को सम्मानित किया जाएगा। मामा श्रीकांत ने उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि के बारे में जानकारी दी।

Success Story : रोहतक से की MSC, जीआरएफ में हासिल किया 14वां रैंक

मनीषा कौशिक ने एमडीयू रोहतक से एमएससी की डिग्री हासिल की है। उन्होंने जीआरएफ में अखिल भारतीय स्तर पर 14वां रैंक प्राप्त किया था। बिना किसी कोचिंग के यह सफलता हासिल की है और बचपन से ही उनका पढ़ाई में रुझान था। नानी इंद्रो देवी ने अपनी दयोती की इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि इस खुशी में उनकी उम्र 10 वर्ष ओर बढ़ गई ।

ममेरी बहन खुशी ने कहा कि मनीषा से हमें भी प्रेरणा मिली है हम भी कुछ आगे करें। दोपहर को फोन आया था कि मनीषा का लिस्ट में नाम है तो पूरा परिवार खुशी से झूम उठा। मनीषा पहले ही बोलती थी इस बार उसका चयन पक्का होगा। मेरी अच्छी तैयारी है। आत्मविश्वास बहुत है मनीषा के अंदर। ऑनलाइन कोचिंग की थी। 7 पेपर दे चुकी थी जो क्लियर हो चुके है। इंटरव्यू में वो पास हो चुकी है। कई बार उनके घर गई हॅूं। मनीषा सुबह साढ़े 5 बजे उठती थी, वो सुबह पढ़ाई करती हुई मिलती थी। घर के काम भी करती थी। पढ़ाई के बूते पर उसे नौकरी मिली है।

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