Air Break : अब और भी सुरक्षित होगा सफर, उत्तर रेलवे के इस ट्रैक पर एयर ब्रेक कोच शुरू

Railway Air Break system Start : उत्तर रेलवे ने विरासत रेल यात्रा के डिजिटलीकरण की दिशा में एक जरूरी और अहम पहल करते हुए एयर ब्रेक सिस्टम शुरू कर दिया है। इससे रेल यात्रियों की सेफ्टी अब और ज्यादा मजबूत होगी। जी हां, कालका-शिमला रेलवे सेक्शन पर स्वदेशी रूप से विकसित एयर ब्रेक सिस्टम से लैस नैरो गेज कोच का पहला रेक सेवा में शामिल कर दिया है।

यह नया रेक शुक्रवार को गाड़ी संख्या 52453 कालका-शिमला एक्सप्रेस के रूप में सुबह 6:20 बजे कालका स्टेशन से रवाना हुआ। 7 कोच और लोको नंबर 714 के साथ यह ट्रेन अपनी पहली व्यावसायिक यात्रा पर निकली। पारंपरिक वैक्यूम ब्रेक सिस्टम से आधुनिक एयर ब्रेक सिस्टम (Air Break system) में किया गया यह बदलाव कालका वर्कशॉप की तकनीकी उपलब्धि माना जा रहा है, जहां इसका रूपांतरण कार्य पूरा हुआ। इस सिस्टम से यात्रा को और भी अधिक सुरक्षित किया जा सकता है।

Air Break Travel will now be even safer, air brake coaches introduced on this track of Northern Railway
Air Break Travel will now be even safer, air brake coaches introduced

नया सिस्टम पुराने वैक्यूम ब्रेक से ज्यादा प्रभावी

रेलवे अधिकारियों के अनुसार एयर ब्रेक सिस्टम स्थानीय स्तर पर डिजाइन और एकीकृत किया गया है। संशोधित बोगियों व ट्रॉलियों को कड़े सुरक्षा मानकों के अनुरूप अपग्रेड किया गया है, जिससे हिमालयी क्षेत्र की तीखी ढलानों और मोड़ों पर बेहतर ब्रेकिंग नियंत्रण मिल सकेगा। नया सिस्टम पुराने वैक्यूम ब्रेक की तुलना में अधिक प्रभावी और सुरक्षित है। रेलवे सुरक्षा आयुक्त से वैधानिक स्वीकृति और महाप्रबंधक की अंतिम मंजूरी के बाद ही इन्हें सेवा में शामिल किया गया।

Air Break system : रेलवे एयर ब्रेक सिस्टम के ये होंगे फायदे

रेलवे एयर ब्रेक सिस्टम के काफी फायदे होंगे। जैसे अगर ट्रेन की पाइपलाइन टूट जाती है या हवा का रिसाव (leakage) होता है, तो सिस्टम का दबाव कम हो जाता है और ब्रेक अपने आप लग जाते हैं। इसके अलावा एयर ब्रेक के साथ ट्रेनें अधिक गति से चल सकती हैं और उन्हें कम दूरी में, समान रूप से रोका जा सकता है।

वहीं वैक्यूम ब्रेक की तुलना में, एयर ब्रेक लगने के बाद जल्दी रिलीज (डिलीवर) होते हैं, जिससे ट्रेनों का संचालन अधिक कुशल हो जाता है। ये ब्रेक ट्रेन की गति को सुचारू रूप से कम करते हैं, जिससे यात्रियों को झटके कम महसूस होते हैं। एयर ब्रेक सिस्टम में उपयोग की जाने वाली संपीड़ित हवा, भाप की तरह जमती नहीं है, और यह सिस्टम, particularly the two-pipe system, बहुत ही विश्वसनीय है।

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