Hydrogen Train Trial : देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन का पहला रनिंग ट्रायल सफल, पिंडारा से ललित खेड़ा स्टेशन तक चली ट्रेन
अभी यात्रियों के लिए नहीं होगी सुविधा, ट्रायल में जांच जाएंगे सुरक्षा मानक
Hydrogen Train Trial : देश की महत्वकांक्षी व बहुप्रतीक्षित परियोजना हाइड्रोजन ट्रेन अब पूरी होने जा रही है। पिछले लंबे समय से लोग देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन चलने की प्रतीक्षा कर रहे हैं। यह परियोजना बहुत ही महत्वकांक्षी भी है। इस परियोजना के तहत देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन का रनिंग ट्रालय शुरू किया गया है। पहले ही दिन इसका ट्रायल काफी सकारात्मक रहा। हालांकि अभी ट्रेन का ट्रायल चलेगा और यात्रियों को इसमें चढ़ने की अनुमति नहीं रहेगी। क्योंकि रेलवे के अधिकारी इस ट्रेन में हर लिहाज से सुरक्षित सफर सुनिश्चित करना चाहते हैं।
देश की पहली हइड्रोजन ट्रेन का संचालन हरियाणा के जींद रेलवे स्टेशन से गोहाना के रास्ते सोनीपत तक होना है। इसके लिए जींद में ही हाइड्रोजन प्लांट भी लगाया गया है। पिछले करीब 2 महीने से यहां पर हाइड्रोजन ट्रेन पहुंच चुकी है, लेकिन बुधवार को पहली बार इस ट्रेन को यार्ड से बाहर निकाल कर रनिंग ट्रायल के लिए पटरियों पर लाया गया। इसके परिणाम भी अपेक्षा के अनुरूप ही रहे। अब धीरे-धीरे इस ट्रायल की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा। इसके बाद पूरी तरह से तैयार होने पर ट्रेन को यात्रियों के लिए चलाया जाएगा।
मिलेगी नई पहचान
दरअसल यह परियोजना हरियाणा को नई पहचान देने वाली है। जिस प्रकार देश में पहली ट्रेन चलने के प्रश्न प्रतियोगी परीक्षाओं में आते हैं, वैसे ही भविष्य में देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन चलने की चर्चाएं भी हुआ करेंगी। यह गौरव मिलने जा रहा है। हरियाणा को। क्योंकि पहली हाइड्रोजन ट्रेन हरियाणा के जींद से सोनीपत के बच ही चलने वाली है। इसकी शुरूआत बुधवार यानी 25 फरवरी 2026 काे हो चुकी है। जब जींद के रेलवे जंक्शन से स्थित यार्ड से हाइड्रोजन ट्रेन को निकाला गया।
हालांकि ट्रेन को डीजल इंजन से बाहर लाया गया। इसके बाद ट्रेन को इसके वास्तविक निर्धारित रूट पर ले जाया गया। जींद सोनीपत रेलवे लाइन के पहले ही स्टेशन पांडू पिंडारा से ट्रेन को ललितखेड़ा तक हाइड्रोजन पर चलाकर दिखा। 1 नहीं दो बार ट्रेन इस रूट पर चलाई गई। हालांकि ट्रेन ने इस दौरान 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटा की गति से करीब 10 किलोमीटर की दूरी तय की। हालांकि इसी रेलवे लाइन पर ट्रेन सोनीपत के पास स्थित मोहाना रेलवे स्टेशन तक गई।
लगातार चल रही है तकनीकी जांच
इस ट्रेन को रूट पर संचालित करने से पहले सभी प्रकार से तकनीकी जांच की जा रही है। इसके लिए रेलवे के इंजीनियर व अन्य तनकीकी टीम जींद में ही डटी हुई है। क्योंकि 1 जनवरी को ट्रेन जींद आ गई थी। इसके बाद जींद-सोनीपत रेलवे लाइन पर भंभेवा रेलवे स्टेशन के पास भी कई दिन तक टेस्टिंग चली थी। इसके बाद ट्रेन 3 फरवरी को जींद लाई गई थी। अब धीरे-धीरे इस ट्रेन को चलाने का रास्ता साफ हो रहा है। अधिकारियों को कहना है कि कुछ दिन तक ट्रायल चलेगी और इसके बादर सभी सुरक्षा मानकों की जांच करने के बाद ही आगे का फैसला लिया जाएगा।
अभी जारी है जांच
जींद में हाइड्रोजन प्लांट के प्रोजेक्ट मैनेजर संजय कुमार के अनुसार अभी अलग-अलग स्तर पर जांच की जा रही है। क्योंकि पहली बार यह तकनीक काम कर रही है, ऐसे में इसको पूरी तरह से जांचना होगा। ट्रेन का पहला ट्रायल सफल रहा है। लगातार टीम जांच कर रही है। जो भी सुधार किए जाने हैं, वे होंगे। इसके बाद यात्रियों के लिए ट्रेन चलाने पर विचार होगा।










