Smartphone Price : सभी नामी कंपनियों ने बढ़ाई स्मार्टफोन की कीमत, अब मिलेंगे 40 प्रतिशत महंगे
ईरान युद्ध के कारण प्लास्टिक जैसे कच्चे माल की लागत बढ़ने से कीमतों में हुआ इजाफा
Smartphone Price: ईरान युद्ध में बेशक फिलहाल शांति की स्थिति बनती नजर आ रही है, लेकिन स्मार्टफोन मार्केट में अभी बड़ी हलचल चल रही है। क्योंकि नामचीन स्मार्टफोन कंपनियों ने अपने उत्पादों की कीमतों में 40 प्रतिशत तक की वृद्धि की है। यह कीमत वृद्धि ईरान युद्ध के कारण प्लास्टिक जैसे कच्चे माल की लागत बढ़ने के कारण हुई है। ऐसे में अब युद्ध का व्यापक असर दिखना शुरू हो गया है।
अभी तक लोगों को तेल व गैस जैसे उत्पादों पर ही ईरान युद्ध का असर मान कर चल रहे, लेकिन स्मार्टफाेन पर इतना अधिक असर आएगा, यह किसी ने सोचा नहीं था। ऐसे में अब यह लग रहा है कि इस युद्ध का लोगों के जीवन पर व्यापक असर आने वाला है। क्योंकि भारत जैसे देश में स्मार्टफोन की मार्केट बहुत बड़ी है। और कीमतों में वृद्धि अधिकतर नामी कंपनियों ने की है। कुछ कंपनियों ने अपने बजट फोन की कीमतें भी बढ़ाई हैं।
10 हजार वाला फोन मिलेगा 14 हजार का
ताजा स्थिति में कीमतों की बात की जाए तो यह कहा जा सकता है कि 10 हजार रुपये वाला स्मार्टफोन 14 हजार रुपये का मिलेगा। यानी जेब पर काफी दबाव बढ़ने वाला है। यह कीमत वृद्धि सबसे अधिक बिकने वाले ब्रांड सैमसंग से लेकर ग्राहकों में काफी लोकप्रिय हो रहे वीवो, ओप्पो और शाओमी जैसी कंपनियों ने भी की है। इन सभी ने अपने फोन करीब 40% तक महंगे कर दिये हैं। इसको मुख्य कारण चिप महंगी होना बताया जा रहा है।
स्मार्टफोन मार्केट पर बड़ा संकट
विशेषज्ञों की मानें तो यह स्थिति भारतीय स्मार्टफोन बाजार के लिए बड़ा संकट है। क्योंकि चिप की कमी बनी हुई है। इसके साथ ही वैश्विक स्थिति तनाव में है। इसके कारण ही सभी बड़े ब्रांड अब अपने स्मार्टफोन की कीमत 40% तक बढ़ा रहे हैं। इसको लेकर ऑल इंडिया मोबाइल रिटेलर्स एसोसिएशन द्वारा कहा गया है कि यह स्थिति ईरान युद्ध के कारण बनी है। क्योंकि प्लास्टिक जैसे कच्चे माल की लागत 50% बढ़ गई है।
आधे बाजार में राज करती हैं 3 कंपनियां
दरअसल भारतीय स्मार्टफोन बाजार की बात करें तो 3 कंपनियां करीब आधे बाजार पर राज करती हैं। इनमें शामिल हैं सैमसंग, वीवो और ओप्पो। इनकी हिस्सेदार करीब 47% है। स्माटफोन इंजीनियर राकेश महता के अनुसार फोन बनाने में चिप की लागत काफी महत्वपूर्ण होती है।
इसका खर्च करीब 18% था। यह अब बढ़ कर करीब 40% तक पहुंच गया है। यही राशि फोन कंपनियां ग्राहकों से वसूल कर रही हैं। इतना ही नहीं मेमोरी चिप की कीमतों में भी काफी वृद्धि हुई है। हालांकि स्मार्टफोन कीमतें बढ़ने से इसकी मांग और बिक्री में काफी गिरावट आने की संभासना है।
120 प्रतिशत महंगी हो चुकी हैं चिप
विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल मोबाइल स्मार्टफोन में प्रयोग की जा रही मेमोरी चिप की आपूर्ति काफी कम है। विशेषकर पिछले 3 से 4 महीने की बात की जाए तो चिप की कीमतों में करीब 120% की वृद्धि देखी गई है। इसके कारण अब कंपनियों ने कीमत बढ़ाने का फैसला लिया है। इससे कंपनियों का लाभ स्थित रखने में मदद मिलेगी। हालांकि यह असर अब स्थाई रही रहेगा। क्योंकि हालात सामान्य होने के बाद भी कीमतें कम होने की संभावना नहीं है।
युद्ध रूका तो पड़ेगा असर
फिलहाल अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध विराम चल रहा है। इससे मार्केट में हौसला तो है, लेकिन साथ ही असमंजस भी बना हुआ है। ऐसे में आने वाले कुछ दिनों पर बाजार की नजर रहेगी। विशेषकर 10 अप्रैल को पाकिस्तान में होने वाली बैठक पर। क्योंकि इससे ही युद्ध विराम या आगे की लड़ाई का फैसला होने वाला है। हालांकि फिलहाल इस युद्ध में शांति बनने की संभावना नजर आ रही है।










