जेल से बाहर आने के बाद रामपाल महाराज का पहला वीडियो आया सामने, कहा ज्ञान के आधार पर सभी को फिटे मुंह कर रखा है
Rampal First Video : सतलोक आश्रम के संचालक रामपाल महाराज का जेल से बाहर आने के बाद पहला वीडियो सामने आया है। इसमें उन्होंने पिछले 11 साल में हुए घटनाक्रम को प्रभु की लीला बताया है। साथ ही वीडियो में वे अपने अनुयायियों से कह रहे हैं कि ज्ञान के आधार पर सभी को फिटे मुंह कर दिया। उनका यह वीडियो संदेश समर्थकों के लिए किसी आशीर्वाद से कम नहीं है। इस करीब 9 मिनट के संदेश में रामपाल महाराज ने पूरे घटनाक्रम को अपनी दृष्टि से उल्लेखित किया है। उन्होंने फार्मूला दिया कि न लड़ना है, न डरना है आगे-आगे बढ़ना है।
इस वीडियाे संदेश में रामपाल महाराज अपने समर्थकों को श्लोकों के माध्यम से रहस्यों के बारे में समझा रहे हैं। इस दौरान उन्होंने 2006 के करोंधा आश्रम से लेकर 2014 के बरवाला आश्रम तक के मामलों का जिक्र किया है। साथ ही जो समय उन्होंने जेल में बिताया है, उसके बारे भी में भी समर्थकों को जानकारी दी है। उन्होंने विशेषरूप से रेखांकित किया कि किस प्रकार करोंधा और बरवाला से उजाड़ दिया गया था। भक्ति मार्ग हमेशा उजड़ कर ही बसता है।
1 चादर में आए थे आश्रम से
इस दौरान उन्होंने 2004 के करोंधा आश्रम में हुए मामले का जिक्र किया।उन्होंने कहा कि किस प्रकार अपने कपड़े भी वहीं छोड़ कर सिर्फ एक चादर में आए थे। इसी प्रकार फिर से बरवाला में हुआ। वहां से भी कपड़े तक नहीं लेने दिए गए। आज अलग-अलग स्थानों पर स्थानों पर आश्रमों की स्थापना हुई है। उन्होंने अपने अनुयायियों साे कहा कि सत्य परेशान जरूर किया जा सकता है, लेकिन वह कभी पराजित नहीं हो सकता।
खेती का दिया उदाहरण
रामपाल महाराज ने अपने संदेश में खेत का उदाहरण दिया और यह विषय समझाया। जिस प्रकार खेत में डाला गया गेहूं का दाना खुद नष्ट होकर कई गुना फसल पैदा करता है, ठीक इसी प्रकार प्रकार संघर्ष के बाद सफलता ही मिलती है। 2014 में बरवाला की घटनाओं के बारे में उन्होंने कहा कि करीब 900 संगत को जेल में भेजा गया था। उन्होंने जेल से ही अपना संघर्ष जारी रखा।
कहत कबीर सुनो भई साधो, मैं तो हूं विश्वास में
इस वीडियो का वे एक दोहा से शुरू करते हैं। इसमें कहते हैं कि कहत कबीर सुनो भई साधो, मैं तो हूं विश्वास में। क्योंकि परमात्मा पर विश्वास करना होता है। ज्यों राखूं त्यों ही रहूं, मेरा के चारा… खाने जात खरीद हूं गुलाम तुम्हारा। जैसे दोहों से उन्होंने कहा कि अपने जैसे परमात्मा रखता है, वैसे ही रहना होता है। साथ ही कहा कि सत्य परेशान हो सकती है, पराजित नहीं होती। झूठ को पैर नहीं होते।
सामान्य आत्म नहीं हैं अनुयायी
अपने वीडियो संदेश में रामपाल महाराज ने अपने अनुयायियों से भी कहा कि वे सामान्य आत्मा नहीं हैं। परमात्मा ने पता नहीं कितने युगों से चार्ज करके भेजा है। यहां भी उन्होेंने गरीबदास के एक संदेश को बोला और कहा कि कहन सुनन की करते बातां कोई नहीं देखा अमृत खाता। उन्होंने कहा कि मोक्ष होने की बात कुछ नहीं है। कोई पार नहीं होता। उन्होंने कहा कि अपने भगवान की सामर्थ्य तो देख ही ली होगी। 2006 में बिलकुल उजाड़ दिया थे। सिर्फ एक चादर लेकर आए थे। कपड़े भी वहीं रह गए थे। यहां भी परमात्म ने सामर्थ्य दिखाई है। करोंथा में 4 एकड़ का आश्रम था, लेकिन बरवाला में 12 एकड़ का मिला।
काल नहीं सह पाएगा अगला झटका
उन्होंने संगत से कहा कि उनका अलगा झटका काल भी नहीं सह पाएगा। हर तीसरे महीने 50 लाख लोगों के लिए भोज किया जाता है। यह भी 3 दिन तक। 2014 में 1 आश्रम था, लेकिन अब पूरी पृथ्वी ही आश्रम हो जाएगी। इसका विश्वास रखिए। यह खेल पर परमात्मा के किए हुए हैं। जब वे छोटी जेल में गए भक्तों से मिले तो कह दिया था कि जेल में बैठ कर खेल करेंगे। अब सभी के सामने करके दिखा दिया है। काम फर्मूले से होता है। ताकत से नहीं। जिस प्रकार छोटा सा जैक ट्रक को उठा देता है। हिंदुस्तान तो उनके साथ हो गया है। अब पूरा संसाद होगा। अगला झटका काल भी नहीं सह पाएगा।