Nursing Career : नर्सिंग सिर्फ सेवा नहीं, वैश्विक करियर के साथ शानदार कमाई

नर्सिंग में करियर बनाना चाहते हैं तो आपके काम की है यह खबर

Nursing Career : हाल ही में विभिन्न शिक्षा बोर्डों के 12वीं के परीक्षा परिणाम घोषित किए जा रहे हैं। 12वीं कक्षा के बाद युवा अपने आगे के करियर की योजना बनाते हैं। ऐसे में नर्सिंग एक सुनहरा विकल्प हो सकता है। यह क्षेत्र जहां सेवा से भरपूर है, वहीं वैश्विक स्तर पर काम करने का मौका भी मिलता है। इसके साथ ही इस क्षेत्र में सेलरी भी काफी अच्छी होती है। आइए नर्सिंग में करियर के बारे में विस्तार से जानते हैं।

दरअसल बचपन से ही हर कोई अपने भविष्य के लिए सपने देखता है। लाखों युवा ऐसे हैं, जो नर्सिंग क्षेत्र में करियर बना कर लोगों की सेवा के साथ अच्छी कमाई भी करना चाहते हैं। नर्सिंग क्षेत्र में जाने के लिए शुरू से ही अच्छी तैयारी जरूरी है। हालांकि नर्सिंग कोर्स के लिए देश में बहुत सारे संस्थान हैं, लेकिन कुछ चुनिंदा संस्थानों से कोर्स करने पर काम के मौके भी बेहतर मिलते हैं। इसलिए कोर्स के साथ-साथ संस्थानों की जानकारी भी जरूरी है।

मेडिकल लाइन का महत्वपूर्ण पद

दरअसल काफी युवा डॉक्टर बनने का सपना देखते हैं, लेकिन किन्हीं कारणों से वे इसके लिए सफल नहीं हो पाते। ऐसे में कुछ लोग मेडिकल लाइन से ही जुड़ाव के लिए नर्सिंग क्षेत्र में भी जाते हैं। नीट जैसी परीक्षा के लिए की गई तैयारी इस कोर्स में भी काम आती है। इससे अच्छा रैंक आता है और अच्छे संस्थान में दाखिले का मौका मिलता है। क्योंकि बिना नर्सिंग स्टाफ के किसी डॉक्टर का भी कोई मतलब नहीं बचता। क्योंकि हर अस्पताल, ऑपरेशन थिएटर को नर्सिंग स्टाफ ही पूरा करता है।

कितनी है जरूरत

भारत एक बहुत बड़ा देश है। 140 करोड़ आबादी वाले इस देश में करीब 39 लाख से कुछ अधिक नर्स कार्यरत हैं। हालांकि यह संख्या छोटी नहीं है, लेकिन आबादी के हिसाब से संख्या बहुत कम है। ऐसे में नर्सिंग करियर काफी संभावनाओं से भरा है। क्योंकि अमेरिका और यूरोप की बात की जाए तो एक चिकित्सक के साथ चार से पांच नर्स तैनात रहती हैं। इस हिसाब से भारत में अभी करीब 20 लाख और नर्सों के लिए तुरंत जरूरत है।

12वीं के बाद आएं नर्सिंग क्षेत्र में

भारत में नर्सिंग की पढ़ाई और कोर्स के काम को जिस संस्थान द्वारा देखा जाता है, उसको इंडियन नर्सिंग काउंसिल (आईएनसी) कहा जाता है। यह एक ऑटोनोमस बॉडी है और स्वास्थ्य मंत्रालय के अधीन आती है। नर्सिंग के लिए कई प्रकार के कोर्स आईएनसी द्वारा करवाए जाते हैं। इसमें बीएससी नर्सिंग, जीएनएम यानी जनरल नर्सिंग एंड मिडवाइफरी, एएनएम यानी ऑक्सिलियरी नर्सिंग एंड मिडवाइफरी भी हैं। एएनएम कोर्स करने के लिए किसी भी स्ट्रीम में 12वीं कक्षा करने वाले उम्मीदवार योग्य हैं। वहीं जीएनएम व बीएससी नर्सिंग के लिए विज्ञान में कम से कम 40 प्रतिशत अंक जरूरी है। उम्र सीमा 17 से 35 साल तक रहती है।

कोर्स के आधार पर मिलता है काम

हालांकि कोर्स के अनुसार ही कार्यक्षेत्र भी निर्धारित होता है। नर्सिंग कालेज संचालक चैन सिंह बताते हैं कि एएनएम डिप्लोमा कोर्स में मातृ-शिशु स्वास्थ्य, टीकाकरण, बेसिक इलाज शामिल होते हैँ। जीएनएम या बीएससी नर्सिंग एक विस्तृत का हिस्सा है। जीएनएम कोर्स तीन साल का कोर्स होता है और बीएससी कोर्स चार में पूरा होता है। इस कोर्स में इनटर्नशिप होने के बाद युवाओं को काम के लिए तैयार किया जाता है। नीट माध्यम से ही प्रवेश का प्रावधान होता है। इसके अलावा राज्य सरकार के कालेज और निजी संस्थान भी हैं।

पढ़ाई के लिए क्या है सुविधा

नर्सिंग की पढ़ाई के लिए देश में काफी संस्थान हैं। कुल संस्थानों की संख्या 5300 से अधिक है। इनमें 800 से अधिक संस्थान सरकारी है। हालांकि देश के बेहतरीन संस्थानों की बात की जाए तो इसमें एम्स दिल्ली, वेल्लोर स्थित कॉलेज आफ नर्सिंग – क्रिश्चियन मेडिकल कॉलेज, बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी, लखनऊ स्थित किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी, पीजीआईएमएस चंडीगढ़, सेंट स्टीफंस हॉस्पिटल कॉलेज इसमें शामिल हैं। इसके अलावा रोहतक पीजीआईएमएस जैसे काफी संस्थान हैं। बीएससी नर्सिंग की सीट 1 लाख 20 हजार हैं। वहीं जीएनएम, एमएससी नर्सिंग अलग हैं।

परीक्षा का पैटर्न

इस कोर्स के लिए परीक्षा के पैटर्न की बात की जाए तो बीएससी नर्सिंग प्रवेश परीक्षा का पाठ्यक्रम भौतिकी, रसायन विज्ञान, जीव विज्ञान, नर्सिंग योग्यता और सामान्य ज्ञान को मिलाकर बनता है। पूरा पाठ्यक्रम 10+2 कक्षा स्तर पर रहता है। इसके तहत मुख्य रूप से मानव शरीर रचना विज्ञान, बुनियादी विज्ञान अवधारणाएं, स्वास्थ्य जागरूकता और तार्किक सोच जैसे विषय परीक्षा में आते हैं।

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