Jharkhand Budget cancer care : कैंसर की रोकथाम के लिए झारखंड सरकार की बड़ी पहल, सभी जिलों में होगी जांच

राज्य के 5 मेडिकल कालेजों में पेट और सीटी स्कैन मशीन लगाई जाएंगी

Jharkhand Budget cancer care :  झारखंड राज्य ने स्वास्थ्य सेवाओं में बड़े स्तर पर विस्तार की तैयारी की है। इसके तहत कैंसर की रोकथाम को प्रमुखता से लिया जा रहा है। सरकार ने फैसला किया है कि जिला स्तर पर अब कैंसर और हृद्य रोगों संबंधित जांच शुरू की जाएंगी। इसके अलावा राज्य के 5 सरकारी मेडिकल कालेजों में पेट और सीटी स्कैन मशीन लगाई जाएंगी। इससे लोगों को बेहतर ईलाज की सुविधा मिल सकेंगी।

राज्य सरकार ने इन बीमारियों को गंभीरता से लेते हुए वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में 5 सरकारी मेडिकल कालेजों में पेट और सीटी स्कैन मशीन लगाने की घोषणा कर दी है। इसको लेकर प्रदेश सरकार ने स्वास्थ्य के बजट में कैंसर और हृदय रोग की रोकथाम के लिए पहली बार बड़े स्तर पर योजना बनाई है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार राज्य में पिछले 10 सालों में कैंसर के केस काफी बढ़े हैं। इनमें महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर की समस्या अधिक आ रही है। ऐसे में अब जिला स्तर पर जांच शुरू की जाएगी। ऐसे में समय पर कैंसर को पहचान कर इसका इलाज किया जा सकेगा।

यहां लगेंंगी आधुनिक मशीन

प्रदेश सरकार ने आधुनिक मशीन लगाने के लिए 5 सरकारी मेडिकल कालेजों का चयन कर लिया है। इसके तहत धनबाद स्थित शहीद निर्मल महतो मेडिकल कालेज, जमशेदपुर स्थित एमजीएम मेडिकल कालेज, पलामू स्थित मेदिनीराय मेडिकल कालेज, हजारीबाग स्थित शेख भिखारी मेडिकल कालेज और दुमका के फूलो झानो मेडिकल कालेज में यह सुविधाएं दी जाएंगी। ऐसे में प्रदेश भर से लोग आसानी से इलाज ले सकेंगे।

मैमोग्राफी मशीन बनेगी इलाज में सहायक

दरअसल सरकार का प्रयास है कि कैंसर जैसी बीमारी का पता शुरूआती स्तर पर ही चल जाए। इससे शुरूआती चरण में ही इलाज किया जा सकेगा। विशेष कर महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर की पहचान करने के लिए प्रदेश के जिला स्तर के सभी अस्पतालों में मैमोग्राफी मशीन लगाई जाएगी। इसके लिए बजट में घोषणा की है। साथ ही लोगों को हृदय राेग की जांच का लाभ मिल सके, इसके लिए सभी मेडिकल कालेजों में कैथलैब शुरू किए जाएंगे।

सीमित है सुविधाएं

इसको लेकर अभी प्रदेश में सुविधाएं काफी सिमित हैं। क्योंकि रांची स्थित रिम्स में ही इसकी सुविधा मिल रही है। हालांकि रांची के जिला स्तरीय सरकारी अस्पताल में कैथलैब की स्थापना की जा रही है। इसके अलावा प्रदेश में विशेषज्ञ चिकित्सकों की भारी कमी बनी हु़ई है। ऐसे में सरकार ने तय किया है कि अधिक से अधिक मेडिकल कालेज खोले जाएं, ताकि चिकित्सकों की कमी नहीं रहे। इसके लिए भी बजट में खास व्यवस्था की गई है।

पीपीपी मोड पर मेडिकल कालेज

प्रदेश में चिकित्सकों की कमी को पूरा करने के लिए पब्लिक, प्राइवेट पार्टनरशिप यानी पीपीपी मोड पर भी मेडिकल कालेज की शुरूआत की जाएगी। हालांकि वर्तमान वित्त वर्ष के बजट में राज्य सरकार ने धनबाद, गिरिडीह, जामताड़ा एवं खूंटी जैसे जिला अस्पतालों को पीपीपी मोड पर मेडिकल कालेज के रूप में विकसित करने के लिए घोषणा की थी।
इस पर सरकार के स्तर पर कार्रवाई की जा रही है। वहीं इस योजना के दूसरे चरण में लातेहार, साहिबगंज और सरायकेला खरसावां के जिला अस्पतालों को भी पीपीपी मोड में मेडिकल कालेज के रूप में विकसित किया जाएगा।

बढ़ेगी एमबीबीएस की सीट

सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए व्यापक योजना बनाई है। इसके तहत ही चिकित्सकों की कमी दूर करने के लिए रांची रिम्स सहित सरकारी मेडिकल कालेजों में एमबीबीएस की 220 सीटें बढ़ाने का फैसला लिया गया है। इसके अलावा अगले 4 वर्षों में एमबीबीएस की सीट को 1030 से बढ़ाकर दोगुना किया जाएगा। इसके लिए बजट में लक्ष्य रखा गया है। साथ ही पीजी की 225 सीटों को बढ़ा कर अगले वर्ष 325 किया जाएगा। वहीं अगले 4 वर्षों में 750 सीट की जाएंगी।

750 अबुआ दवाखाना की सौगात

साथ ही लोगों को स्वास्थ्य के लिए एक और खास सौगात दी गई है। इसके तहत सस्ती एवं गुणवत्तापूर्ण दवा उपलब्ध कराने की योजना है। यह सुविधा देने के लिए 750 अबुआ दवाखाना खोले जाएंगे। ऐसे में सरकार ने प्रदेश की जनता के स्वास्थ्य को लेकर पूरा ध्यान केंद्रित किया है। आने वाले दिनों में इसका असर भी दिखेगा।

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