Recruitment of 5000 nurses : बिहार में होगी 5 हजार नर्सों की भर्ती
स्वास्थ्य ढांचे में बड़े सुधार की तैयारी, चिकित्सकों की भी होगी भर्ती, एंबुलेंस की संख्या भी बढ़ेगी
Recruitment of 5000 nurses : बिहार में सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं में बड़ा सुधार किया जा रहा है। इसके तहत जहां चिकित्सकों की भर्ती की जा रही है, वहीं 5000 हजार नर्सों की भर्ती भी होगी। इसके अलावा एंबुलेंस की संख्या भी बढ़ाने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए बिहार विधानसभा में सोमवार को स्वास्थ्य बजट भी पारित किया गया। इसमें भविष्य की योजनाओं के बारे में पूरी जानकारी दी गई है। इसके तहत राज्य में एंबुलेंस की संख्या भी बढ़ाई जाएगी। राज्य में कुल 1941 एंबुलेंस हैं और अब 124 नई एंबुलेंस शामिल की जाएंगी।
बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने विधानसभा में घोषणा करते हुए कहा कि दूर दराज के ग्रामीण क्षेत्रों में चिकित्सकों की तैनाती के लिए सरकार द्वारा विशेष योजना बनाई जा रही है। इसके लिए चिकित्सकों को वेतन दिया जाएगा। विधानसभा में अगले वित्त वर्ष के लिए 21270.64 करोड़ का स्वास्थ्य बजट पारित किया गया। इस दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि राज्य में कुल 44321 नियुक्तियाें के लिए प्रक्रिया की जा रही है। इनमें से 5000 नर्सों की नियुक्ति अगले 15 दिन में पूरी कर ली जाएगी।
मंत्री ने सदन में बताया 2025-26 में 7468 एएनएम की नियुक्ति की गई है। कुल 597 नियमित और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत 2387 सामान्य और आयुष डॉक्टरों की नियुक्ति की गई है। 1126 नियमित विशेषज्ञ डॉक्टर व स्वास्थ्य मिशन के तहत 228 विशेषज्ञ डॉक्टर नियुक्त किए गए हैं। 3682 सामुदायिक स्वास्थ्य पदाधिकारी नियुक्त किए गए हैं। 14060 एएनएम की नियुक्ति शीघ्र होने वाली है।
जिला अस्पतालों में मिलेंगी सुपर स्पेशलिटी सुविधाएं
विधानसभा सत्र के दौरान मंत्री मंगल पांडेय ने कहा कि उपमंडल स्तरीय अस्पताल को विशिष्ट चिकित्सा केंद्र बनाया जाना है। वहीं जिला अस्पतालों में सुपर स्पेशलिटी सुविधाएं दी जाएंगी। इनको अति विशिष्ट चिकित्सा केंद्र के रूप में तैयार किया जाएगा। इससे राज्य में स्वास्थ्य सेवाएं और अधिक मजबूत होंगी।
दूर दराज के क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने की योजना
दरअसल बिहार राज्य सरकार द्वारा प्रदेश में दूर दराज के क्षेत्रों तक सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए बड़े स्तर पर योजना बना रहे हैं। क्योंकि स्वास्थ्यकर्मी विशेषकर चिकित्सक ग्रामीण क्षेत्र में सेवा होने पर अधिक रूचि नहीं दिखाते हैं। इसके लिए अब ग्रामीण क्षेत्रों में सेवा देने वाले चिकित्सकों के लिए अलग से वेतन की व्यवस्था की जा रही है। ऐसे में स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने सदन में भी साफतौर पर कहा कि समाज के अंतिम पंक्ति के लोगों को भी सभी प्रकार की गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। सरकार प्रतिबद्ध है कि समाज में हर किसी को सहज और सुलभ चिकित्सका सेवा मिल सकें।
निजी प्रेक्टिस नहीं कर कसेगे सरकारी चिकित्सक
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओ को और अधिक मजबूत बनाने के लिए सरकार खास उपाय कर रही है। इसके तहत सरकारी डॉक्टरों की निजी प्रेक्टिस पर रोक के लिए नीति बनाई जा रही है। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में तैनात चिकित्सकों को अतिरिक्त वेतन देने की भी योजना है। इससे स्वास्थ्य सेवाएं मजबूत होंगी।
हजारों पदों पर होंगी नियुक्तियां
सरकारी सेवाओं में हजारों पदों पर नियुक्तियां की जानी हैं। इसके बारे में मंत्री ने जानकारी दी कि विभिन्न रैंक के पदों पर 39095 नियमित नियुक्तियां होनी हैं। इसके अलावा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत 5226 पदों पर भी भर्ती होगी। कुल मिला कर 44321 रिक्त पदों पर नियुक्तियां होनी है। इसके लिए सरकार द्वारा प्रक्रिया की जा रही है। इसी कड़ी में 5000 पदों पर नर्सों की नियुक्ति होनी है। यह प्रक्रिया अगले 15 दिनों में पूरी की जा रही है।
बिहार में घटी शिशु मृत्यु दर
विधानसभा सत्र के दौरान मंत्री मंगल पांडेय ने कहा कि राज्य में शिशु मृत्यु दर एसआरएस 2023 के मुकाबले घट कर 12 हो गई है। वहीं यह आंकड़ा नवजात शिशु मृत्यु दर में 18 हो गया है। राज्य में मातृ-मृत्यु अनुपात में भी काफी गिरावट आई है। इस संख्या 104 तक पहुंची है। इसको 2030 के तहत 70 तक सिमेटने की योजना बनाई गई है। प्रदेश में 1.79 करोड़ परिवारों का आयुष्मान कार्ड बनाया जाना है। इसमें से 1.69 करोड़ परिवारों के 4.14 करोड़ लोगों को यह लाभ दिया जा चुका है।










