Covid New Variant Cicada : कोरोना का नया वेरिएंट का सता रहा डर, क्यों मिला अजीबोगरीब नाम बच्चों पर आ रहा अधिक असर

दुनिया के 23 देशों में मिल चुका है वायरस, वैज्ञानिकों की बढ़ी चिंता, पहले से ज्यादा है म्यूटेटेड

Covid New Variant Cicada : हाला ही में कोरोना का नया वैरिएंट सामने आया है। इसको वैज्ञानिकों ने अजीबोगरीब नाम दिया है। सबसे बड़ी बात यह है कि यह पहले से अधिक म्यूटेटेड है और इसका असर बच्चों पर अधिक आ रहा है। कोरोना के इस वेरिएंट को बीए 3.2 कहा जाता गया है। (Cicada) अभी अमेरिका, हांगकांग, मोजांबिक और ब्रिटेन सहित 23 देशों में इसके मामले सामने आ चुके हैँ। म्यूटेटेड अधिक होने के कारण यह वैज्ञानिकों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। इसको सिकाडा नाम दिया गया है।

दुनिया के कई देशों में नए वेरिएंट के मिलने से यह विश्व भर के लिए काफी चिंता की स्थिति पैदा कर रहा है। हालांकि यह अधिक खतरनाक है और इसका असर बड़ों से ज्यादा बच्चों पर आने की आशंका है। साथ ही म्यूटेटेड अधिक होने के कारण इसकी चिंता भी अधिक है। वैज्ञानिकों का कहना है कि इस वायरस की संरचना बदल गई है। ऐसे में यह नया रूप काफी खतरनाक होने वाला है।

कितना अलग है नया वेरिएंट

अभी तक आई रिपोर्ट्स के अनुसार इस नए वेरिएंट में म्यूटेशन 70 है। इसका अर्थ है कि इसने अपने पुराने स्वरूप को पूरी तरह से बदल लिया है। इसलिए यह अधिक खतरनाक भी माना जा हरा है। (Covid New Variant) क्योंकि शरीर में मौजूद एंटीबॉडिज भी इसको पहचान नहीं पाएंगी। इससे इस वायरस का आक्रमण अधिक सटीक हो जाएगा।

हालांकि चिकित्सा विशेषज्ञों का कहना है कि इस वायरस से संक्रमण तो अधिक होगा, लेकिन यह कम घातक होगा। इसके पीछे का कारण भी इसका म्यूटेशन ही बताया जा रहा है। यानी संक्रमण का खतरा अधिक रहेगा।

क्यों दिया गया सिकाडा नाम

कोरोना के इस नए वेरिएंट को सिकाडा नाम दिया गया है। यह नाम एक प्रकार के कीड़े के नाम पर है। हालांकि यह कोरोना बीए 3.2 वेरिएंट है, लेकिन इसी वायरस की तरह ही सुस्त रहा। सिकाडा कीड़ा भी लंबे समय तक अंडरग्राउंड रह सकता है। कोरोना के नए वायरस ने भी इसी प्रकार की विशेषताएं दिखाई हैं।

हालांकि वायरस की पहचान करीब डेढ़ साल पहले हो चुकी थी। तब यह वायर दक्षणि अफ्रीका में मिला। हालांकि करीब 10 महीने तक यानी 2025 के सितंबर तक मामले नहीं बढ़े। हालांकि करीब एक महीना पहले अमेरिका के 25 राज्यों में इस वायरस की जानकारी मिली।

शरीर का इम्यून सिस्टम नहीं कर पाता पहचान

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि इस वायरस को शरीर का इम्यून सिस्टम पहचान नहीं पाता है। क्योंकि यह इस सिस्टम के लिए नया है। यही कारण है कि बच्चों पर इसका असर अधिक है। वहीं बच्चों के शरीर ने कोरोना वायरस से जुड़े संकेतों को नहीं देखा है। इससे उनका शरीर आसान शिकार हो जाता है।

ऐसे समझ सकते हैं नए वेरिएंट का खतरा

स्वास्थ्य शोधकर्ता डा. नरेश कुमार कहते हैं कि जब किसी व्यक्ति को पुलिस ढूंढ रही होती है तो वह अपना रहन सहन और चेहरा कुछ प्रकार से बदल लेता है। यहां तक की चाल और बोलने का ढंग भी बदल जाता है। ऐसे में पुलिस के लिए उसको पहचानना आसान नहीं होता। यही मामला इस वायरस के साथ हुआ है। इसने अपना रूप बदल लिया है।

वैक्सीन वाले शरीर पर क्या रहेगा असर

वैज्ञानिकों का मानना है कि 70 म्यूटेशन के साथ आया यह नया वायरस वैक्सीन लगने हुए शरीर को भी चकमा दे सकता है। क्योंकि इसको शरीर में बनी हुई एंटीबॉडिज पहचान नहीं पाएंगी। यह आसानी से शरीर में घर सकता है। इसके बाद पहले ही तरह ही स्वांस तंत्र को अपना निशाना बनाएगा। ऐसे में जिस बच्चों को सांस या फेफड़ों से संबंधित समस्या है। उनको अधिक सावधान रहने की जरूरत है। हालांकि भारत में इस प्रकार का कोई मामला अभी तक सामने नहीं आया है।

डिस्कलेमर : यह लेख सिर्फ कोरोना के नए वेरिएंट की जानकारी देने के लिए है। इसमें वैज्ञानिक और स्वास्थ्य विशेषज्ञों के तथ्यों को सामान्य जानकारी के लिए प्रयोग किया गया है। इस लेख का उद्देश्य नए वायरस को लेकर किसी भी प्रकार डर पैदा करना नहीं है। इसके लिए सरकारी घोषणाओं और स्वास्थ्य विभाग की जानकारी को ही सही मानें।

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