DGP Sagar Preet Hooda : चंडीगढ़ के डीजीपी सागर प्रीत हुड्डा को मिला राष्ट्रपति पुलिस पदक

दिल्ली में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने किया सम्मानित, हमेशा अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाते आए हैं डीजीपी हुड्डा

DGP Sagar Preet Hooda : चंडीगढ़ के पुलिस मानिदेशक डॉ. सागर प्रीत हुड्डा को राष्ट्रपति पदक का सम्मान मिला है। दिल्ली में आयोजित पुलिस रेजिंग डे पर उन्हें केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक से सम्मानित किया। डा. सागर प्रीत हुड्डा पिछले 28 वर्षों से अधिक से अपनी उत्कृष्ट सेवाओं के लिए विशेष नाम बन चुके हैं। इसमें अरुणाचल प्रदेश में उग्रवाद से निपटा के अलावा जी-20 शिखर सम्मेलन जैसे महत्वपूर्ण आयोजन की सुरक्षा व्यवस्था भी संभाल चुके हैं। इससे साफ है कि डा. सागर प्रीत हुड्डा प्रशासनिक दृष्टि से काफी दक्षता अधिकारी हैं।

डा. सागर प्रीत हुड्डा को दिल्ली में आयोजित समारोह के दौरान सोमवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सम्मानित किया। डा. हुड्डा इससे पहले भी आईपीएस अधिकारी के तौर पर चंडीगढ़ व दिल्ली पुलिस में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। ऐसे में उनका लंबा प्रशासनिक अनुभव है और पिछले करीब 8 महीने से वे चंडीगढ़ के डीजीपी हैं। उनका पूरा सेवा काल काफी महत्वपूर्ण रहा है।

अरुणाचल प्रदेश में उग्रवाद का सफाया

डा. सागर प्रीत हुड्डा को बतौर आईपीएस अधिकारी यूं तो उनके कई विशेष कार्यों के लिए जाना जाता है, लेकिन इनमें अरुणाचल प्रदेश में उग्रवाद के खिलाफ उनकी सफलता काफी महत्वपूर्ण है। क्योंकि उन्होंने अरुणाचल प्रदेश में बतौर पुलिस अधीक्षक रहते हुए वेस्ट सियांग जिले में ऐसे उगाही तंत्र को समाप्त किया, जो उग्रवाद समर्थित था। इससे अरुणाचल प्रदेश की कानून व्यवस्था बहुत बेहतर हुई। इसके अलावा उनका विशेष अभियान परिवर्तन भी काफी महत्वपूर्ण रहा। यह अभियान उन्होंने दिल्ली में अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त पुलिस रहते हुए चलाया। इससे उन्होंने महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के लिए काम किया। इस अभियान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी काफी सराहा गया।

DGP Sagar Preet Hooda: Chandigarh DGP Sagar Preet Hooda awarded the President's Police Medal
चंडीगढ़ के डीजीपी सागर प्रीत हुड्डा को मिला राष्ट्रपति पुलिस पदक

DGP Sagar Preet Hooda : कौन हैं सागर प्रीत हुड्डा

जिस पुलिस अधिकारी का जिक्र हो रहा है, उनका जन्म 30 अगस्त 1969 को हरियाणा में हुआ है। उन्होंने अपनी शुरूआती पढ़ाई हरियाणा से ही की और इसके बाद पीएचडी तक का सफर पूरा करते हुए वे यूपीएससी की परीक्षा पास कर पुलिस सेवा में आए। उन्हाेंने 1997 में यूपीएससी की परीक्षा पास करते हुए आईपीएस अधिकारी बने। 23 अगस्त 1997 में पुलिस सेवा में आने के बाद उन्हें जहां भी मौका मिला, वहीं अपनी कुशल प्रशासनिक समझ के साथ काम किया है।

दिल्ली में रहा है लंबा सेवा काल

देश के विभिन्न क्षेत्रों में अपनी सेवा देने वाले आईपीएस अधिकारी सागर प्रीत हुड्डा का कार्यकाल दिल्ली में भी रहा है। वे
दिल्ली में स्पेशल कमिश्नर ऑफ पुलिस (ऑपरेशंस) तैनात रहे हैं। उन्होंने यहां अपनी सेवा के दौरान PCR (पब्लिक कॉल रिस्पॉन्स) और कम्युनिकेशन डिवीजन में काम किया। वहीं वे दिल्ली पुलिस में बहुत ही महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभालते हुए स्पेशल कमिश्नर ऑफ पुलिस (इंटेलिजेंस) भी रहे। इस दौरान उन्होंने काफी महत्वपूर्ण कार्य किया।

अब चंडीगढ़ की जिम्मेदारी

फिलहाल डा. सागर प्रीत हुड्डा चंडीगढ़ डीजीपी यानी पुलिस महानिदेशक की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। इससे पहले भी वे चंडीगढ़ पुलिस में सेेवा दे चुके हैं। ऐसे में उनका अनुभव चंडीगढ़ी में अपराध नियंत्रण के लिए काफी काम आ रहा है। सागर प्रीत हुड्डा ने हर जिम्मेदारी को बखूबी निभाते हुए अपनी पहचान बनाई है। बतौर आईपीएस अधिकारी उनका कार्यकाल हमेशा ही शानदार रहा है। मूल रूप से हरियाणा से आने वाले डा. हुड्डा देश के विभिन्न क्षेत्रों में तैनात रहे और हर जगह अपनी पहचान छोडी है।

उच्च शिक्षा के साथ जमीनी ज्ञान

डा. हुड्डा को विशेष बनाता है उनका उच्च शिक्षा के साथ व्यवहारिक ज्ञान। क्योंकि वे आईपीएस अधिकारी हैं, जिनके काम की धमक विदेशों तक सुनी गई है। इसके अलावा उन्होंने सामुदायिक पुलिसिंग के क्षेत्र में भी खास योगदान दिया है। इसमें उनको विश्व स्तर पर पहचान मिली है। वे समाजशास्त्र में पीएचडी हैं और उनके अभियान भी हमेशा जमीनी स्तर से जुड़े रहे हैं।

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