Oral cancer care : मुंह के कैंसर को रोकेगा हर्बल टूथपेस्ट
हल्दी, लहसून, लोंग, चाय के पौधों का तेल करेगा कैंसर का मुंह बंद
Oral cancer care : आजकल कैंसर की बीमारी काफी गंभीर हो चली है। विशेषकर मुंह का कैंसर लोगों में अधिक फैल रहा है। मुंह के कैंसर की रोकथाम के लिए हरियाणा के जिला जींद के रोहतक रोड निवासी विशाल चौहान ने मुंह का कैंसर रोकने के लिए विशेष औषधी तैयार की है। यह औषधी मुंह के कैंसर को शुरू होने से पहले ही रोकती है। इसको टूथपेस्ट के रूप में तैयार किया गया है। विशेष बात यह है कि इस औषधीय टूथपेस्ट का पेटेंट भी हो चुका है।
साथ ही हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा कैंसर पीड़ित लोगों पर परीक्षण किया जा चुका है, जो सफल रहा। यह परीक्षण 2018 में हुआ। इसकी सफलता के बाद हिमाचल सरकार ने इसके व्यवसायिक उत्पादन की अनुमति दे दी। फिलहाल इस टूथपेस्ट की मांग विश्व के 30 से अधिक देशों से आ रही है।
दरअसल जींद निवासी विशाल चौहान के छोटे भाई डा. अजय पाल दंत चिकित्सक हैं। डा. अजय पाल का संपर्क मेडिकल की पढ़ाई के दौरान विश्व प्रसिद्ध वैज्ञानिक व चिकित्सक रहे डा. बलवंत राय से हुआ। इस दौरान डा. बलवंत राय व उनकी पत्नी डा. जसदीप कौर ने बताया कि लोगों को मुंह के कैंसर का खतरा लगातार बढ़ रहा है। इसको लेकर दोनों ने शोध किया है। उन्होंने ही वर्ष 2010 में पूरी तरह से हर्बल उत्पादों जैसे हल्दी, लहसून, लोंग, चाय के पौधे का तेल जैसे तत्वों के साथ अन्य सहायक औषधियों को मिलाकर कैंसर रोकने वाली दवा बना ली थी।
इस औषधी के परिणाम को देख कर डा. बलवंत राय व डा. जसदीप कौर ने पेटेंट भी करवा लिया था। ऐसे में डा. अजय पाल ने अपने बड़े भाई विशाल चौहान को इस क्षेत्र में काम करने के लिए राजी किया। भाई की प्रेरणा से 2012 में कैंसर रोकने के लिए ऐसी औषधी बनाने की योजना बनाई।
– जींद निवासी विशाल चौहान ने हर्बल सामग्री से बनाया टूथपेस्ट, उत्पाद को मिला पेटेंट
– हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा किया जा चुका है औषधीय परीक्षण
– मार्केट में उतारा गया है खास टूथपेस्ट
– विश्व के कई देशों से आ रही मांग
Oral cancer care : मुंह के सफेद व लाल धब्बे बता देते हैं कैंसर की स्थिति
विशाल चौहान बताते हैं कि मुंह के अंदर सफेद व लाल धब्बे होते हैं। इनको चिकित्सीय भाषा में ल्युकोप्लेकिया व इराइथ्रो प्लेकिया कहा जाता है। यह दोनों स्थितियां मुंह में दिखाई देती हैं। मुंह में कैंसर की शुरूआत टीएनएफ-अल्फा, आइएल-6, आइएल-8 व इंटरल्युकिन्स का स्तर बढ़ने से होती है। अपेक्षाकृत तंबाकू व शराब का सेवन करने वालों में यह स्तर अधिक पाया जाता है। इसके बाद मुंह में धब्बे बनते हैं, जो 70 प्रतिशत कैंसर का कारण बनते हैं।

Oral cancer care : ऐसे काम करता है टूथपेस्ट
विशाला चौहान बताते हैं कि मुंह के धब्बे की शुरूआत दिखाई देने से एक साल पहले तक हो चुकी है। यह एक साल से लगातार बढ़ते रहते हैं। दिन में दो बार इस टूथपेस्ट से लीजन (कैंसर के कारक) की 12 घंटे की वृद्धि को रोका जा सकता है। लगातार प्रयोग करने से यह धब्बे या लीजन बढ़ने की बजाय कम होते जाते हैं। ऐसे में व्यक्ति कैंसर से बच सकता है।
Oral cancer care : डेनमार्क के जनरल में भी प्रकाशित हो चुका है शोध
इस टूथपेस्ट को लेकर जानकारी जनरल सीपीएच पास्ट इंडिया सप्लीमेंट 2020 में भी प्रकाशित हो चुकी है। इसमें इसे विश्व का पहला ऐसा टूथपेस्ट बताया गया है, जो मुंह के कैंसर को रोकने में कारगर है। इस टूथपेस्ट को लेकर डेनमार्क दूतावास ने भी पुष्टी करते हुए भारत सरकार को मेक इन इंडिया के तहत तैयार किए उत्पाद के बारे में प्रेरित किया। इसके बाद आयुष विभाग भारत सरकार व उद्योगपतियों के समूह की इन्वेस्ट इंडिया टीम दिल्ली ने व्यवसायिक उत्पादन का रास्ता साफ किया।
Disclaimer : इस टूथपेस्ट से मुंह के कैंसर की रोकथाम का दावा निर्माताओं द्वारा किया जा रहा है। हरियाणा डायरी इसकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी स्थिति में टूथपेस्ट में प्रयोग की कई सामग्री और इससे आने वाले प्रभावों के लिए हरियाणा डायरी द्वारा कोई भी दावा नहीं किया जा रहा है।










