Gaurav Kajal Success Story : हरियाणा के इंजीनियर ने कर दिया कमाल, नौकरी छोड़ कचरे से चमकाई किस्मत
12000 रुपये में करता था नौकरी अब सालाना 80 लाख रुपये पहुंचा टर्न ओवर
Gaurav Kajal Success Story : देश के युवाओं में प्रतिभा भरी पड़ी है। जब युवा अपनी योजना से काम करते हैं तो कचरे से भी करोड़ों कमा लेते हैं। ऐसा ही कर दिखाया है हरियाणा राज्य के कुरुक्षेत्र निवासी इंजीनियर गौरव कालज ने। गौरव काजल ने अपने हुनर से शुरू किए गए स्टार्टअप से यह दिखा दिया है कि किस प्रकार लोगों की नजर में कचरे से करोड़ों कमाए जा सकते हैं। आज हर कोई गौरव काजल की इस सफलता से प्रेरित है।
हालांकि गौरव काजल भी अन्य युवाओं की तरह ही शुरू में नौकरी करने लगे। दिल्ली में नौकरी तो मिली, लेकिन 12 हजार रुपये प्रति महीना। गौरव काजल ने अपनी किस्मत को बदलने की योजना बनाई और कचरे से कमाई का काम शुरू किया। आज स्थिति ऐसी हो गई है कि गौरव काजला का प्रति वर्ष अपने काम से 80 लाख का टर्नओवर है। ऐसे में जहां युवा नौकरी के पीछे भाग कर अपना पैसा व समय लगाते हैं, गौरव काजल ने दिखा दिया कि अपनी मेहनत से काम अच्छी कमाई की जा सकती है। साथ ही अन्य लोगों को भी रोजगार मिलता है।
बायोडिग्रेडेबल पैकेजिंग से दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश
गौरव काजल ने न सिर्फ अपनी किस्मत बदली है, उन्होंने कचरे से बायोडिग्रेडेबल पैकेजिंग का काम शुरू कर पर्यावरण को भी संरक्षित करने में मदद की है। अब वे बालाजी फाइबर प्रोडक्ट नाम से अपना स्टार्ट अप चला रहे हैं। इससे गौरव काजल पैकिंग के लिए ऐसा शानदार उत्दपाद तैयार कर रहे हैं, जिसकी मांग विदेशों तक हो रही है।
थर्माकोल का शानदार विकल्प
दरअसल पैकेजिंग के लिए थर्माकोल और कई प्रकार के प्लास्टिक का प्रयोग किया जाता है। यह पर्यावरण के लिए काफी हानिकारक है। वहीं गौरव काजल द्वारा तैयार किया जाने वाला बायोडिग्रेडेबल पैकेजिंग इसका विकल्प बन रहा है। इसको प्रयोग होने के बाद रीसायकल कर फिर से इस्तेमाल किया जा सकता है। सबसे बड़ी बात यह है कि बायोडिग्रेडेबल पैकेजिंग गल कर मिट्टी में मिल जाता है। ऐसे में पर्यावरण के लिए यह काफी अच्छा हे।
अन्य लोगों को भी मिला रोजगार
गौरव काजल की इस पहल से न सिर्फ वे आर्थिक रूप से सशक्त हुए, कई अन्य लोगों को भी रोजगार मिला है। साथ ही विदेशों में भी उनके उत्पाद की मांग अच्छी रहती है। वहीं देश की बात की जाए तो हर कौन में उनके माल की मांग है। क्योंकि यहां वे विभिन्न प्रकार की पैकेजिंग ट्रे बना रहे हैं। इनका प्रयोग हर प्रकार के सामान को भेजने के लिए किया जा रहा है। सबसे बड़ी बात यह है कि यहां काम कर कई लोग अपना घर चला रहे हैं।
4 साल पहले शुरू हुई यात्रा
गौरव काजल की यह यात्रा करीब 4 साल पहले शुरू हुई। गौरव के अनुसार उन्होंने 2022 में इस स्टार्टअप को शुरू किया। हालांकि इससे पहले उन्होंने दिल्ली में नौकरी की। दिल्ली में नौकरी के दौरान 2 साल से भी अधिक समय तक रहे। दिल्ली के प्रदूषण के अलावा वहां लगे कचरे के ढेर से गौरव काजल को प्रेरेित किया। इससे तय किया कि कचरे से ही अपना स्टार्टअप करेंगे। अब वे कबाड़ी वालों से वह कागज खरीदते हैं, जिसको लोग बेकार समझ कर फैंक देते हैं या बेच देते हैं। इसके बाद इससे बायोडिग्रेडेबल पैकेजिंग तैयार की जाती है।
किसान परिवार से आते हैं गौरव काजल
गौरव काजल का कहना है कि उनके पिता खेती करते थे। ऐसे में उन्होंने इंजीनियरिंग की जो पढ़ाई की, इसका प्रयोग अपने स्टार्टअप में किया। इसके सहारे गौरव काजल ने अपना कामयाब कारोबार तो तैयार कर ही लिया, साथ ही पर्यावरण संरक्षण के लिए भी काम हुआ है। क्योंकि जो कचरा लोगों के लिए आफत बना रहता है, गौरव उसको नया रूप् देकर प्रयोग लायक बना रहे हैं।










