Zojila Tunnel : इतिहास रचने के मुहाने पर भारत, कश्मीर-कारगिल के बीच बनने वाली जोजिला सुरंग को लेकर बड़ी अपडेट

माइनस 30 डिग्री तापमान में 1200 से अधिक लगे निर्माण में, पहाड़ में रास्ता बनाने के लिए आज होगा अंतिम ब्लास्ट

Zojila Tunnel : केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख से कश्मीर के जोजिला तक बनने वाली करीब 14 किलोमीटर लंबी सुरंगा का रास्ता आज साफ हो जाएगा। क्योंकि आज इंजीनियर इस सुरंग में ब्रेकथ्रू करेंगे। इससे भारत इतिहास रच देगा। क्योंकि यह विश्व की सबसे लंबे ऐसी सुरंग होगी, जो समुद्र तल से 11,578 फीट की ऊंचाई पर बनी हो।

यह सुरंग इसलिए भी खास है कि 13.153 किलोमीटर की लंबाई वाली एक मात्र सुरंग है, जिसमें दोनों ओर से वाहनों
आ सकेंगे। इस महत्वपूर्ण मौके पर केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी भी मौजूद रहेंगे। यह सुरंग भारत में कश्मीर से जुड़ाव से लेकर सामरिक दृष्टि से भी बहुत महत्वपूर्ण है। यानी इसका लाभ कश्मीर के दूर-दराज तक के क्षेत्रों में जाने वाले पर्यटकों के साथ-साथ सेना को भी मिलेगा।

भारत की सामरिक ताकत

दरअसल कश्मीर में जिस प्रकार आतंकवाद का साया रहा है, ऐसे में यह सुरंग भारत के लिए सामरिक रूप से बहुत ही महत्वपूर्ण होने वाली है। क्योंकि इस ब्रेकथ्रू के साथ ही सुरंग का रास्ता पूरी तरह से साफ हो जाएगा। ऐसे में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी भी सुरंग के पूर्वी पोर्टल पर मौजूद रहेंगे। यह क्षेत्र कारगिल में पड़ता है। इससे भारत की पहुंची सीधे पाकिस्तान और चीन की सीमाओं के पास तक हो जाएगी।

 हर मौसम में हो सकेगा लद्दाख का सफर

दरअसल अभी लद्दाख तक पहुंचना सिर्फ गर्मी के मौसम में ही संभव है। सर्दियों के मौसम में भारी बर्फबारी के कारण लद्दाख का मार्ग बंद हो जाता है। वहीं सुरंग के बनने से जहां रास्ता छोटा हो जाएगा, वहीं अब किसी भी मौसम में आसानी से यहां पहुंच जा सकेगा।क्योंकि सुरंग के बनने से पहाड़ियों के चारों ओर चक्कर लगाने की जरूरत नहीं रहेगी।

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आसानी से पहुंचेगा सामान

विकट मौसम के दौरान लद्दाख के लोगों को भी जरूरी सामान पहुंचना चुनौती रहती थी, लेकिन इस सुरंग के बनने से यह बहुत ही आसान हो जाएगा। यहां यह सुरंग इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट के रूप बड़ी परियोजना है और नेशनल कनेक्टिविटी को बहुत ही बेहतर करेगी, लेकिन इसका इससे भी बड़ा महत्व सेना और आम लोगों को सामान पहुंचना बहुत ही आसान हो जाएगा। यह सुरंग सीधी सड़क के रूप में जुड़ाव करेगी। क्योंकि श्रीनगर -लेह राष्ट्रीय राजमार्ग पर सर्दियों के महीनों में यातायात बंद हो जाता है। या यहां चलना बहुत ही मुश्किल हो जाता है। ऐसे में यह सुरंग नए युग का सुत्रपात करेगी।

ऑस्ट्रियल टनलिंग विधि से तैयार

यह सुरंग इस लिए भी महत्वपूर्ण है कि इसको बनाने में खास आधुनिक तकनीक का प्रयोग किया गया है। इसका निर्माण मेघा इंजीनियरिंग एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड द्वारा किया गया है और इसमें न्यू ऑस्ट्रियन टनलिंग मेथड का प्रयोग हुआ है। इस विधि से हिमालय के नाजुक पहाड़ों में काम करना आसान हो पाया है।

विकट परिस्थितियों में चला निर्माण कार्य

इस टनल का निर्माण करने वाली कंपनी के अनुसार करीब साल पहले यह कार्य शुरू हुआ था। इस दौरान टीम ने माइनस 30 डिग्री तापमान में काम किया है। यह ठंड जमा देने वाली होती है। हालांकि इस परियोजना के दौरान पिछले पांच सालों में बर्फबारी की पांच बड़ी घटनाएं भी हुई। इससे उपकरणों को नुकसान हुआ, लेकिन इस परियोजना को प्राथमिकता पर रखते हुए पूरा किया है।

क्या होता है ब्रेकथ्रू

सुरंग निर्माण बेक्रथ्रू बहुत ही महत्वपूर्ण और राेमांचक पल होता है। दरअसल दाेनों ओर से सुरंग निर्माण के दौरान पहाड़ का कुछ हिस्सा बीच में बच जाता है। इसको ब्लास्ट करते हुए हटाया जाता है। इसको ही ब्रेकथ्रू कहा जाता है। आज वह दिन आ गया है, जब मंगलवार 9 जून 2026 को यह ब्लास्ट किया जाएगा। इसके साथ ही भारत नया इतिहास रच देगा। क्योंकि इसके साथ ही सुरंग का रास्ता साफ हो जाएगा।

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