Haryana : हरियाणा के कॉलेजों में नई व्यवस्था, 1 छात्र, 1 पौधा, जीवनभर निगरानी
हरियाणा डायरी, चंडीगढ़।
Haryana Education News : हरियाणा के सरकारी और एडिड कॉलेजों में पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए उच्च शिक्षा विभाग एक नई पहल शुरू करने जा रहा है। इसके तहत कॉलेजों में एडमिशन लेने वाले प्रत्येक नए विद्यार्थी को एक पौधा लगाना होगा और इसकी देखभाल की जिम्मेदारी भी उसी छात्र की होगी।
खास बात ये होगी कि विद्यार्थी अपने लगाए गए पौधे की पूरी जानकारी मोबाइल ऐप के माध्यम से जीवनभर देख सकेंगे। हायर एजुकेशन विभाग ने इसके लिए एक विशेष डिजिटल व्यवस्था तैयार की है। प्रत्येक पौधे का पूरा रिकॉर्ड ऐप में दर्ज किया जाएगा। पौधे को यूनिक आईडी और क्यूआर कोड से जोड़ा जाएगा, जिसे स्कैन कर छात्र पौधे की स्थिति, विकास और अन्य जानकारियां प्राप्त कर सकेंगे। वन विभाग के साथ मिलकर योजना पर काम किया जाएगा।
इस ऐप में पौधे की प्रजाति, रोपण स्थल और समय-समय पर उसकी प्रगति का विवरण भी उपलब्ध रहेगा। सरकार का कहना है कि इस अभियान का उद्देश्य युवाओं को प्रकृति और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक बनाना है। विभाग ने प्रदेश के कॉलेजों में एक लाख पौधे रोपित करने का टारगेट फिक्स किया है। हालांकि योजना की शुरुआत सरकारी और एडिड कॉलेजों से की जाएगी तथा नए प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों को इससे जोड़ा जाएगा।
Haryana Education News : 15 जून तक होने हैं नए एडमिशन के आवेदन
हायर एजुकेशन विभाग द्वारा जारी लैटर के अनुसार कॉलेजों में नए सत्र के लिए बड़ी संख्या में आवेदन किए जा रहे हैं। नए एडमिशन के लिए 15 जून तक ऑनलाइन आवेदन का समय दिया गया है। पहली मेरिट लिस्ट के बाद दाखिला प्रक्रिया शुरू होगी और दाखिले के साथ ही पौधारोपण अभियान भी शुरू कर दिया जाएगा। कॉलेजों में तीन राउंड के लिए अब तक करीब 90 हजार आवेदन आ चुके हैं। दाखिले के लिए प्रदेश में 2.31 लाख सीटें हैं। आवेदन के अप्रैल से ही एडमिशन पोर्टल खोला गया था।
हायर एजुकेशन विभाग के सहायक निदेशक दीपक सहरा का कहना है कि कॉलेजों में आने वाले विद्यार्थियों में यह पहल प्रकृति प्रेम की भावना पैदा करने का एक प्रयास है। हरियाली लगातार कम हो रही है और पौधों के महत्व का प्रचार करना आवश्यक है। इससे पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।
Haryana Education News : स्टूडेंट्स इस तरह ले सकेंगे पौधे के बारे में जानकारी
उच्चतर शिक्षा विभाग ने एक ऐप तैयार किया है, जिसमें पौधों की डिटेल होगी। पौधे को पौधा ऐप पर अपलोड भी जाएगा। इसके बाद एप पौधे और डिटेल अपलोड करने की जिम्मेदारी नोडल की होगी। विभाग इसके लिए मॉड्यूल भी बनाएगा, जिस पर यह जानकारी उपलब्ध होगी। योजना को एक प्रदेश, एक पौधा नाम दिया गया है। इससे कॉलेज में पढ़ने वाले स्टूडेंट्स ऐप के माध्यम से जीवनभर इस पेड़ की जानकारी ले सकेंगे। यह पेड़ हर साल भौगोलिक स्थिति को ध्यान में रखकर और जोनिंग पद्धति से लगाया जाएगा।










