Badaun Ring Road : बदायूं शहर को मिलेगी 19 किलोमीटर लंबे रिंग रोड की सौगात, सर्वे का काम होगा शुरू

डीपीआर के लिए 1.6 करोड़ की राशि हो चुकी है स्वीकृत

Badaun Ring Road : उत्तर प्रदेश के बदायूं शहर को जाम से राहत देने के लिए प्रशासन की परियोजना पर अब काम शुरू होने जा रहा है। इसके तहत 19 किलोमीटर लंबा रिंग रोड बनाया जाएगा। इसके लिए पहले डीपीआर तैयार किया जाना है। इस पर 1.6 करोड़ रुपये खर्च होंगे और इस राशि को मंजूरी मिल गई है। अब 19 किलोमीटर लंबा रिंग रोड बनाने के लिए सर्वे का काम शुरू होगा।

यहां बनने वाले रिंग रोड की डीपीआर का काम मार्क टेक्नोक्रेट्स लिमिटेड के और वायंट्स साल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड कंपनी द्वारा किया जाएगा। अब इसके लिए कंपनी ने रिंग सर्वे की तैयारी कर दी है। इसके लिए जरूरी सैटअप लगाया जा रहा है। अगले करीब 10 दिन में यह काम होगा। शहर के लिए यह परियोजना काफी महत्वपूर्ण है। ऐसे में लोगों को इससे काफी उम्मीद भी है।

Badaun Ring Road : अगले महीने से सर्वे का काम

प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि परियोजना में सर्वे सबसे अहम कार्य है। इससे यह सुनिश्चित हो जाएगा कि रिंग रोड कहां-कहां से बनेगा। ऐसे में आगे की कार्रवाई होगी। फरवरी महीने में सर्वे का काम शुरू हो जाएगा। हालांकि वास्तविक लंबाई सर्वे में निर्धारित होगी, लेकिन रिंग रोड करीब 19 किलोमीटर लंबा बनना है। इससे शहर के अंदर के वाहनों को बेहतर रास्ता मिलेगा। साथ ही रिंग रोड आसपास के अनेक गांवों को छूता हुआ निकलेगा, जिससे इन लोगों को भी लाभ होगा। एनएचएआई के परियोजना निदेशक उत्कर्ष कुमार के अनुसार सर्वे की तैयारी की जा रही है।

शहर की जरूरत रिंग रोड

रिंग रोड शहर की जरूरत बन चुका है। बदायूं शहर में वाहनों के दबाव के कारण जाम की स्थिति रहती है। ऐसे में कई संगठनों व स्थानीय लोगों द्वारा लंबे समय से इसकी मांग की जा रही है। ऐसे में पिछले साल यह परियोजना मंजूर हो गई थी। इसकी डीपीआर के लिए 1.6 करोड़ रुपये भी मंजूर किए जा चुके हैं। इसका पत्र 13 जनवरी को जारी हो चुका है। अब सर्वे होने के बाद इसका कार्य आगे बढ़ेगा।

ऐसे बनेगा रिंग रोड

बदायूं में बनने वाले रिंग रोड के लिए संभावित रास्ता तय कर लिया गया है। यह मार्ग बदायूं के बरेली रोड से लेकर दातागंज रोड, ककराला और उसावां और शेखूपुर मार्ग को जोड़ते हुए मेडिकल कालेज के पास तक जाएगा। इसके रास्ते में करीब 100 गांवों की जमीन आएंगी। इनका अधिग्रहण होना है। इसके लिए यह सर्वे किया जा रहा है। इसके बाद संबंधित किसानों को जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया से जोड़ा जाएगा।

अंदर से आते हैँ वाहन

फिलहाल रिंग रोड नहीं होने से दूसरे शहरों को जाने वाले वाहनों को शहर के अंदर से निकलते हैं। जैसे फर्रुखाबाद, शाहजहांपुर, ककराला, उसहैत अलापुर, उसावां और दातागंज से आने व जाने वाले वाहन यहीं से चलते हैं। रिंग रोड नहीं होने कारण शहर के अंदर वाहनों का दाबव रहता है और जाम की स्थिति बनी रहती है। इसके लिए करीब 4 साल पहले प्रस्ताव भेजा गया था। इस परियोजना पर करीब 450 करोड़ रुपये खर्च होंने हैं। यह बदायूं में चुनावी मुद्दा भी रहा है।

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