Haryana : अब कुत्तों की निगरानी मास्टर जी के जिम्मे, UGC ने सभी स्कूल, कॉलेजों को दिए निर्देश

Haryana : हरियाणा में बच्चों को पढ़ाने के अलावा मास्टरजी यूं तो बहुत काम कर रहे हैं लेकिन अब एक और काम उनके जिम्मे लगाया गया है। आवारा कुत्तों की निगरानी भी मास्टर जी ही करेंगे। जी हां, ये सुनने में बेशक अटपटी बात लग रही है लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में आदेश जारी किया है।
इसके बाद UGC ने सभी स्कूल, कॉलेज समेत शिक्षण संस्थानों को आवारा कुत्तों के बचाव के निर्देश जारी किए हैं। इसे लेकर स्थानीय प्रशासन (नगर निगम) को सूचित करने के लिए एक-एक प्रोफेसर या शिक्षक को नोडल अधिकारी बनाया गया है। ये नोडल अधिकारी शिक्षण संस्थानों के आसपास मंडराने वाले कुत्तों की निगरानी रखेंगे।
Haryana : रोहतक, हिसार, कैथल में आदेश लागू, बाकी जिलों से मांगी रिपोर्ट
दरअसल रोहतक स्थित महर्षि दयानंद यूनिवर्सिटी (MDU) और कैथल, हिसार सहित कई जिलों में जिला शिक्षा कार्यालय से खंड शिक्षा अधिकारियों को अपने-अपने खंड के सभी स्कूलों में एक-एक शिक्षक को नोडल अधिकारी नियुक्त करने का आदेश जारी कर दिया गया है।

जिला शिक्षा कार्यालयों के जारी पत्र में स्पष्ट है कि प्रत्येक स्कूल में शिक्षक को नोडल अधिकारी बनाया जाए। संबंधित विद्यालय का नाम, नोडल अधिकारी का नाम, पद और मोबाइल नंबर स्पष्ट रूप से विद्यालय परिसर में प्रदर्शित किया जाना अनिवार्य होगा।
Haryana : विरोध में उतरा हसला
हसला (हरियाणा स्कूल लेक्चरर एसोसिएशन) के राज्य प्रधान सतपाल सिंधु का कहना है कि शिक्षण संस्थानों में लावारिस पशुओं व कुत्तों की समस्या के समाधान के लिए शिक्षकों को नोडल अधिकारी नियुक्त करने संबंधी आदेश का संगठन कड़ा विरोध करता है।
शिक्षक का मूल दायित्व शैक्षणिक गतिविधियों का संचालन व विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना है। पशु नियंत्रण, प्रशासनिक सर्वे या फील्ड ड्यूटी जैसे काम शिक्षकों के दायित्व क्षेत्र से बाहर हैं। ऐसा आदेश शिक्षकों पर अनावश्यक अतिरिक्त बोझ है। ऐसा आदेश शिक्षकों को प्रभावित करता है।
कई राज्यों में हो चुके हैं पहले आदेश
मास्टरों को आवारा कुत्तों की निगरानी के लिए आदेश जारी करने वाला हरियाणा पहला ऐसा जिला नहीं है। इससे पहले उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में यह आदेश लागू हो चुके हैं और वहां टीचर्स की ड्यूटी लगी भी है। अब हरियाणा भी इन्हीं राज्यों में शामिल हो गया है।










