Dheeraj Jha : कनाड़ा में कंजर्वेटिव पार्टी के नेशनल काउंसिल सदस्य बने भारतीय मूल के धीरज झा
विपक्षी दल कंजर्वेटिव पार्टी में बेहद महत्वपूर्ण है यह पद
Dheeraj Jha : भारतीय मूल के 38 वर्षीय धीरज झा को कनाडा में विपक्षी कंजर्वेटिव पार्टी में नेशनल काउंसिल सदस्य के रूप में चुना गया है। पार्टी में यह पद बहुत ही महत्वपूर्ण माना जाता है। क्योंकि कंजर्वेटिव पार्टी संघीय दल है। इसका असर पूरे कनाडा में है। इसके साथ ही भारतीय मूल के किसी व्यक्ति का पार्टी में इस पद पर जाना बहुत बड़ी उपलब्धी माना जा रहा है। धीरज झा ने यह पद चुनाव जीत कर पाया है।
धीरज झा के बारे में बता दें कि वे भारत में बिहार राज्य के मधुबनी जिला से आते हैं। उनका मूल निवास स्थान राजनगर प्रखंड का सतघारा सिमरी नवटोल है। उनके पिता विश्वंभर झा बैंक से सेवानिवृत हैं। धीरज झा ने एनआईटी जमशेदपुर से इंजीनियरिंग करने के बाद कनाडा से मास्टर डिग्री हासिल की और अब लंबे समय से वहीं पर रह रहे हैं।
कद्दावर नेता को हराया
ऐसा नहीं है कि धीरज झा को यह पद यूं ही मिल गया हो। उन्होंने इस पद पर हुए चुनाव में पार्टी के कद्दावर नेता को हराया गया है। बताया जा रहा है कि जो नेता धीरज झा से हारे हैं, वे कनाडा की राजनीति में पिछले 40 वर्षों से सक्रिय हैं। जबकि धीरज झा महज 38 वर्ष के हैं। कनाडा की राजनीति पर नजर रखने वालों का कहना है कि यह बदलाव कंजर्वेटिव पार्टी में बड़े बदलाव का संकेत दे रहा है। क्योंकि पिछले साल यानी 2025 के अप्रैल महीने में हुए चुनाव के दौरान कंजर्वेटिव पार्टी को अप्रत्याशित हार मिली थी। इसके बाद पार्टी अपने संगठन को मजबूत कर रही है। इसके तहत ही धीरज झा कर को यह पद मिला है। धीरज झा ओंटारियो राज्य में कंजर्वेटिव पार्टी के चुनावी कार्यक्रमों में अपनी मेहनत को दिखा चुके हैं।
कनाडा के हैमिल्टन में रहते हैं धीरज झा
बिहार के मधुबनी निवासी धीरज झा कनाडा में लंबे समय से रह रहे हैं। वहां पर वे ओंटारियो के हैमिल्टन में रहते हैं। अब नेशनल काउंसिल सदस्य के रूप में चुनाव होने पर वे पार्टी के नीति निर्माण में शामिल होंगे। क्योंकि यह काउंसिल शीर्ष निर्णयकारी संस्था है। उनका चयन जमीनी स्तर पर व्यापक अनुभव के आधार पर हुआ है। पार्टी की विज्ञप्ति में भी इस बात को इंगित किया गया है। क्योंकि झा को सार्वजनिक नीति का प्रशिक्षण होने के साथ-साथ जमीनी स्तर पर राजनीतिक कार्यों का लंबा चौड़ा अनुभव भी है। इससे पहले वे कंजर्वेटिव सांसद के संसदीय स्टाफ के रूप में भी काम कर चुके हैं।
नेशनल काउंसिल में 20 सदस्य
कानाडा की कंजर्वेटिव पार्टी की इस नेशनल काउंसिल में 20 सदस्य हैं। इसमें ही धीरज झा को भी मौका मिला है। हाल ही में उनको
एक अधिवेशन के दौरान यह जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह अधिवेशन अल्बर्टा के कैलगरी में आयोजित किया गया। यह काउंसिल चुनाव के दौरान उम्मीदारों के चयन से लेकर अन्य महत्वपूर्ण फैसले करती है। ऐसे में कनाडा की राजनीति में धीरज झा का कद काफी बढ़ा है।
भारतीय समुदाय को राजनीति में प्रतिनिधित्व
कनाड़ा में यूं तो काफी संख्या में भारतीय मूल के लोग रहते हैं, लेकिन कंजर्वेटिव पार्टी के संगठन के तौर पर उनकी नियुक्त भारतीय समुदाय को वहां की राजनीति में प्रतिनिधित्व को दिखाता है। क्योंकि 2025 के संघीय चुनाव में कंजर्वेटिव पार्टी को हार का सामना करना पड़ा था। हालांकि माना जा रहा था कि कंजर्वेटिव पार्टी सरकार बनाएगी, लेकिन मार्क कार्नी एक बार फिर सत्ता में लौटने में सफल रहे। अब पार्टी भारतीय समुदाय विशेषकर हिंदू समुदाय में अपना आधार बढ़ा रही है।
चौथी बार चुनाव हारी है कंजर्वेटिव पार्टी
कनाडा में कंजर्वेटिव पार्टी चौथी बार चुनाव हारी है। हालांकि पिछले साल चुनाव से पहले हुए जनमत सर्वेक्षणों में मिली पार्टी को 27 अंकों की उल्लेखनीय बढ़त मिली थी, लेकिन चुनाव परिणाम इसके अनुरूप नहीं आए। हालांकि करीब 42 प्रतिशत वोट लेने में पार्टी सफल रही, लेकिन सरकार नहीं बन सकती। कंजर्वेटिव पार्टी की स्थापना 2003 में हुई थी। इसके बाद पार्टी के नेता पोइलिव्रे को वह सीट भी गंवानी पड़ गई, जिससे वे पिछले 20 वर्षों से जीत रहे थे।










