23 January holiday : हरियाणा में 23 जनवरी को छोटूराम जयंती पर रहेगा अवकाश
असमंजस समाप्त, पत्र जारी, अब लगातार तीन दिन सरकारी कार्यालयों में छुट्टी
23 January holiday : हरियाणा के सरकारी कार्यालयों में अलगे 3 दिन अवकाश रहेगा। इसके लिए हालांकि पहले असमंजस की स्थिति बनी हुई थी, लेकिन अब यह साफ हो गया है। क्योंकि सरकार की ओर से 23 जनवरी को सर छोटूराम जयंती के उपलक्ष्य में अवकाश की घोषणा की गई है।
(23 January holiday) वहीं शनिवार व रविवार की छुट्टी होने के कारण अब लगातार 3 दिन तक सरकारी कामकाज नहीं होंगे। इसको लेकर पत्र जारी हो गया है। दरअसल छोटूराम जयंती बसंत पंचमी को मनाई जाती है। ऐसे में इस दिन सरकारी व गैर सरकारी स्तर पर कई कार्यक्रम आयोजित होते हैं। इस मौके पर अब सरकार ने छुट्टी का निर्णय ले लिया है।
हरियाणा में बड़े स्तर पर सर छोटूराम जयंती पर कार्यक्रमों का आयोजन होता है। विशेषकर किसान वर्ग सर छोटूराम को अपना मसीहा मानता है और उनकी जयंती के उपलक्ष्य में भव्य कार्यक्रम होते हैं। हालांकि हरियाणा सरकार द्वारा पहले से घोषित अपने सरकारी छुट्टियों के कैलेंडर में बसंत पंचमी की छुट्टी निर्धारित कर दी थी। अब इसको लेकर पत्र भी जारी किया गया है।

23 January holiday: नारनौल शिक्षा विभाग ने जारी किया पत्र
स्कूलों में छुट्टियों को लेकर हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिला के नारनौल खंड से शिक्षा विभाग द्वारा इसका पत्र जारी किया गया है। 21 जनवरी को जारी किए गए इस पत्र में कहा गया है कि 23 जनवरी को अवकाश रहेगा। ऐसे में बच्चों को स्कूल नहीं बुलाने के आदेश भी दिए गए हैं।
23 January holiday : आदेश नहीं माने तो कार्रवाई
खंड शिक्षा अधिकारी द्वारा जारी पत्र में कहा गया है कि इन आदेशों का पालन हर हाल में किया जाना है। पत्र में जिक्र किया है कि राजपत्रित अवकाश या अन्य छुट्टी के दिन बच्चों को स्कूल में बुलाया जाता है। यह सही नहीं है। ऐसे में इस दिन स्कूल में किसी भी प्रकार का क्रियाकलाप नहीं होना चाहिए। स्कूल में बच्चों को बुलाने पर विभागीय कार्रवाई के लिए चेतावनी भी पत्र में दी गई है।
23 January holiday : लाखों किसान व मजदूरों का जीवन बदलने वाले थे चौधरी छोटूराम
चौधरी छोटूराम को किसी परिचय की जरूरत नहीं है। हरियाणा में बच्चा -बच्चा उनके बारे में जानता है। उन्होंने लाखों किसान व मजदूरों के जीवन को बदला। क्योंकि उन्होंने कर्ज़ माफी कानून 1934, साहूकार पंजीकरण कानून 1938, कृषि उत्पाद मंडी कानून 1938 और व्यवसाय श्रमिक कानून 1940 को पास करवाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
चौधरी छोटूराम का जन्म सन 1882 में रोहतक ज़िले के सांपला गांव में एक जाट परिवार में हुआ। हालांकि उनका असली नाम राम रछपाल था, लेकिन परिवार में सबसे छोटे होने के कारण उनको छोटू कह कर बुलाते थे। इससे वे छोटूराम के नाम से काफी प्रसिद्ध हुए।रोहतक से शुरुआती पढ़ाई के बाद 1905 में दिल्ली के सेंट स्टीफेंस कॉलेज से स्नातक की परीक्षा पास की। उन्होंने हरियाणा भर में शिक्षा के क्षेत्र में काफी काम किया।
उनके नाम से आज भी कई जगह प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थाएं हैं। बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने कालाकांकर के राजा के निजी सचिव के रूप में भी काम किया, लेकिन इसको छोड़ कर क़ानून की पढ़ाई शुरू कर दी। वे लाहौर के रंग महल मिशन हाई स्कूल में अध्यापक के रूप में भी कार्यरत रहे। वे 1924 में पंजाब के कृषि मंत्री बने और फिर शिक्षा मंत्री, 1936 में वे पंजाब काउंसिल का अध्यक्ष बने।










