Delhi Jansunwai Portal : दिल्ली में आसान होगी सरकारी सेवाओं से संबंधित शिकायत की व्यवस्था
मुख्यमंत्री ने लांच किया जन सुनवाई पोर्टल, एक ही जगह सभी विभागों से संंबंधित शिकायत दर्ज करवाने की सुविधा
Delhi Jansunwai Portal : सुशासन की व्यवस्था को आगे बढ़ाते हुए दिल्ली सरकार ने नागरिकों के लिए एकल जन सुनवाई पोर्टल लांच किया है। इससे दिल्ली के लोग एक ही मंच से अलग-अलग विभागों से संबंधित शिकायत दर्ज करवा पाएंगे। इससे जहां प्रशासन में पारदर्शिता आएगी, वहीं लोगों को भी सुविधा मिलेगी। इसको लेकर दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शनिवार को दिल्ली सचिवालय में आईटी परियोजनाओं का शुभारंभ किया।
इसके तहत मुख्यमंत्री ने जनसुनवाई पोर्टल एवं मोबाइल ऐप के साथ कॉमन सर्विस सेंटर डिजिटल सेवा पोर्टल के माध्यम से ई-डिस्ट्रिक्ट सेवाएं और ईडब्ल्यूएस/डीजी/सीडब्ल्यूएसएन एडमिशन ऑनलाइन प्लेटफॉर्म को शुरू किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे सरकारी सेवाओं को पारदर्शी के साथ सुलभ और भ्रष्टाचार मुक्त बनाया जाएगा। इस दौरान दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद, सूचना व प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह भी मौजूद रहे
एक पोर्टल पर सभी शिकायतों का विकल्प
शनिवार को शुरू किए गए जनसुनवाई पोर्टल एवं मोबाइल ऐप से दिल्ली के लोग किसी भी विभाग से संबंधित शिकायत दर्ज कर सकेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पोर्टल एक एकीकृत मंच होगा। क्योंकि यहां पर दिल्ली नगर निगम (एमसीडी), दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए), दिल्ली पुलिस और दिल्ली सरकार के सभी विभागों से संंबंधित शिकायत दर्ज करने की सुविधा होगा। लोगों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इस प्रणाली सरल बनाया गया है। इससे कोई भी नागरिक बिना आसानी से अपनी शिकायत दर्ज करवा सकेगा।
शिकायतों का समाधान होगा प्रभावी
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के अनुसार उन्होंने इस पद पर आने के बाद महसूस किया कि लोगों की समस्या के समाधान की प्रभावी निगरानी नहीं हो रही है। जैसे ही कोई शिकायत आती थी, वह विभागों में उलझ जाती। यह सुनिश्चित ही नहीं हो पाता था कि यह समाधान किस विभाग द्वारा किया जाना है। इसके चलते ही यह नया जनसुनवाई पोर्टल एवं मोबाइल ऐप शुरू किया है। इस पोर्टल पर ऑनलाइन पोर्टल, मोबाइल ऐप, कॉल सेंटर (1902) के साथ-साथ मुख्यमंत्री कार्यालय के माध्यम से ऑफलाइन शिकायत दर्ज करवाई जा सकती है।
रहेगी सही निगरानी होगा समाधान
अब नए सिस्टम के तहत लोगों की शिकायतों का समाधान और निगरानी सही होगी। क्योंकि प्रत्येक शिकायत को यूनिक रेफरेंस आईडी मिलेगी। जिस भी चरण पर यह शिकायत जाएगी, इसका पता लगता रहेगा। हालांकि लोग इसके आधार पर ही दोबारा रिमाइंडर भी भेज सकते हैं। यदि शिकायकर्ता द्वारा नकारात्मक फीडबैक दिया जाता है तो यह शिकायत उच्च स्तर चली जाएगी। ऐसे में अधिकारियों की जवाबदेही भी सुनिश्चित होगी।
स्कूलों में एडमिशन का भी आनलाइन मंच
इसके साथ ही सरकार ने विभिन्न वर्ग के बच्चों के लिए दाखिला प्रक्रिया को भी पारदर्शी बनाया गया है। इसके तहत आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग, वंचित समूह, विशेष आवश्यकता वाले बच्चों श्रेणी के दाखिलों के लिए डिजिटल प्लेटफार्म शुरू हो गया है।
इससे दाखिलों का फर्जीवाड़ा रोका जा सकेगा। साथ लाभ ले रहे बच्चे की जांच भी आनलाइन ही हो जाएगी। ऐसे में कोई भी धांधली नहीं हो सकेगी।
सीएमसी से जुड़ी ई-डिस्ट्रिक्ट सेवा
प्रशासनिक कार्य को डिजिटल करते हुए सरकार ने ई-डिस्ट्रिक्ट सेवाओं को कॉमन सर्विस सेंटर (सीएमसी) से जोड़ है। इससे दिल्ली के लोगों को अपने काम करवाने के लिए सरकारी कार्यालय तक नहीं जाना पड़ेगा। वे अपने पास की सीएससी से आवेदन कर सकते हैं। दिल्ली में 7000 से अधिक सीएससी चल रही हैं। इससे जाति प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र व निवास प्रमाण पत्र के साथ जन्म और मृत्यु प्रमाणपत्र जैसी 75 ई-डिस्ट्रिक्ट सेवाएं जोड़ी गई हैं। यहां पर नागरिक को इन सेवाओं के लिए मात्र 30 रुपये का भुगतान करना होगा।
संपत्तियों का डिजिटल डाटा तैयार
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि सरकार की सभी संपत्तियों की जानकारी का डिजिटल रिकॉर्ड होगा। इसके लिए एसेट मैनेजमेंट पोर्टल तैयार किया गया है। इससे जमीन और भवनों की वास्तविक स्थिति, उपलब्धता और अतिक्रमण जेसी जानकारी उपलब्ध रहेंगी। इसकी निगरानी भी सीएम प्रगति पोर्टल से होगी।










