Liver Damage : लीवर को खराब होने से कैसे बचाएं, इन 10 बातों का रखेंगे ध्यान तो बचे रहेंगे
शरीर का महत्वपूर्ण पार्ट फिल्टर या फैक्ट्री को बचाने के लिए ये हैं परहेज
Liver Damage : लीवर को हमारे शरीर का फिल्टर कहा जाता है या फिर यूं कहें कि यह शरीर की फैक्ट्री है। यह शरीर का सबसे महत्वपूर्ण पार्ट है। इसको बचाना जरूरी है। आइए आपको 10 ऐसे तरीके बताते हैं, जिनसे लीवर (जिगर या कलेजा) की हिफाजत की जा सकती है।
लिवर, हमारे शरीर का ‘फ़िल्टर’ या ‘फैक्ट्री’ है। यह (Liver) खून को साफ़ करता है, खाने को पचाने में मदद करता है, शरीर से ज़हरीली चीजों को बाहर निकालता है और ताकत जमा करके रखता है। पहले लिवर की बीमारी (जैसे फैटी लीवर, पीलिया) को सिर्फ बहुत ज़्यादा शराब पीने वालों की बीमारी माना जाता था। लेकिन आजकल गलत खान-पान, तेल-मसाले और बढ़ते वज़न के कारण यह समस्या हमारे गांवों में भी आम हो गई है।
अगर हमारा ‘फ़िल्टर’ ही जाम हो जाएगा, तो शरीर की पूरी मशीनरी ठप पड़ सकती है। अच्छी बात यह है कि हम अपनी आदतों में कुछ साधारण बदलाव करके अपने लिवर को तगड़ा रख सकते हैं। यहां 10 ज़रूरी बातें बता रहे हैं, जिन पर अमल करके लीवर खराब होने के ख़तरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

1. शराब : लीवर (Liver) की सबसे बड़ी दुश्मन
लीवर के लिए शराब ज़हर के समान है। यह सीधे लिवर की कोशिकाओं (Cells) को मारती है, जिससे लिवर पहले सूज (फैटी लिवर) जाता है और फिर सिकुड़ने (सिरोसिस) लगता है। चाहे देसी हो या अंग्रेजी, अगर लिवर को बचाना है, तो शराब से पूरी तरह तौबा कर लें।
चिकनाई और तेल-घी का इस्तेमाल कम करें
हम जो भी ज़्यादा तला-भुना (पूरी, कचौड़ी, समोसा, परांठा) खाते हैं, उसकी फालतू चरबी (Fat) लिवर पर जमा होने लगती है। इसे ही ‘फैटी लिवर’ कहते हैं। यह लिवर की ख़राबी की पहली सीढ़ी है। खाने में तेल-घी का प्रयोग कम से कम करें।
मीठे (चीनी) से भी परहेज़ करें
सिर्फ तेल ही नहीं, ज़रूरत से ज़्यादा चीनी भी लिवर को नुकसान पहुँचाती है। ज़्यादा मीठी चाय, कोल्ड ड्रिंक, बाज़ार की मिठाई और पैकेट वाले जूस, लिवर में जाकर चरबी में बदल जाते हैं।
घर का सादा भोजन और साफ़-सफाई रखें
घर का बना ताज़ा खाना (दाल, रोटी, हरी सब्ज़ियाँ, छाछ, दही) लिवर के लिए सबसे अच्छा है। हमेशा साफ़ और ढका हुआ खाना खाएं और पीने के लिए साफ़ पानी (जैसे हैंडपंप या फ़िल्टर) का इस्तेमाल करें। गंदे खाने और गंदे पानी से ‘पीलिया’ (Hepatitis) होने का ख़तरा रहता है।

Liver Damage : वज़न को काबू में रखें
मोटापा सिर्फ दिल के लिए ही नहीं, लिवर के लिए भी ख़तरनाक है। शरीर पर चढ़ी फालतू चरबी लिवर पर भी दबाव डालती है।
शरीर को चलाते रहें (मेहनत करें)
अगर आपका काम ज़्यादा बैठने का है, तो भी रोज़ 30-40 मिनट तेज़ पैदल ज़रूर चलें। जो लोग खेत-मज़दूरी या शारीरिक मेहनत करते हैं, उनका लिवर मज़बूत रहता है। कसरत करने से लिवर पर जमा फैट कम होता है।
अंधाधुंध दवाइयाँ न खाएं
यह बहुत ज़रूरी बात है। कई लोग हर छोटे-मोटे दर्द के लिए तुरंत गोली (Painkiller) खा लेते हैं। बिना डॉक्टर की सलाह के खाई गई दवाइयाँ और एंटीबायोटिक सीधे लिवर पर हमला करती हैं।
‘शुगर’ (Diabetes) को हल्के में न लें
जिन लोगों को शुगर की बीमारी है, उन्हें ‘फैटी लिवर’ होने का ख़तरा कई गुना ज़्यादा होता है। अपनी शुगर को हमेशा काबू में रखें और डॉक्टर की सलाह मानते रहें।
एक सुई (Needle) का दोबारा इस्तेमाल न करें
गंभीर पीलिया (Hepatitis B और C) एक ही सुई को कई लोगों पर इस्तेमाल करने, या गंदे औज़ारों से टैटू बनवाने से फैलता है। हमेशा नई (Disposal) सुई का ही इस्तेमाल करें।
‘पीलिया’ या पेट दर्द को नज़रअंदाज़ न करें
लिवर की बीमारी के कुछ लक्षण हैं, जिन्हें लोग ‘गैस’ या ‘कमजोरी’ समझकर टाल देते हैं:
Liver : लीवर संबंधी बीमारी के क्या हैं लक्ष्ण
अगर आंखें या नाखून पीले पड़ें (पीलिया), भूख लगनी बंद हो जाए, पेट के ऊपरी हिस्से (दाईं तरफ) में लगातार दर्द रहे, या पेट फूलने लगे (पानी भरे)। ऐसे में झाड़-फूँक या घरेलू नुस्खों में समय बर्बाद न करें। तुरंत नज़दीकी सरकारी अस्पताल जाकर डॉक्टर को दिखाएँ। हमारा लीवर शरीर का सबसे मेहनती अंग है। इन आसान बातों को अपनी आदत में शामिल करके आप अपने ‘शरीर के फ़िल्टर’ को लंबे समय तक सेहतमंद रख सकते हैं।
अगर आप भी सालों से सब तरह की पैथी अलग अलग डॉक्टर का इलाज करा करा कर निराश हो चुके हो फीस भरते भरते थक चुके हो और समय के साथ बीमारी ठीक होने की बजाय बढ़ रही हो और आपकी दवाई बंद ही नहीं हो रही हो और छोटी छोटी समस्या ला इलाज हो चुकी हो तब आपको सही डॉ और सही ट्रीटमेंट की आवश्यकता है वो आपको मिलेगा शिवाय आयुर्वेदिक सेंटर में।। और आपकी ला इलाज़ बीमारी जड़ से ठीक होगी जी।










