Heatwave alert : गर्मी का टार्चर, अब दिन के साथ रात को भी राहत नहीं, पूरे सप्ताह हीटवेव का अलर्ट

गर्मी से राहत के लिए आप भी गलत चीजों का तो नहीं कर रहे सेवन, जानें आहार विशेषज्ञ से कैसा लें खाना

Heatwave alert : गर्मी ने अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। हालांकि अभी तक सिर्फ दिन में लू से सामना हो रहा था, लेकिन अब रात को भी राहत नहीं मिलेगी। क्योंकि रात के तापमान में भी खासी वृद्धि होने वाली है। ऐसे में गर्मी से बचाव के लिए आहार में भी जरूरी बदलाव कर लें। इससे गर्मी से बचाव तो होगा ही, साथ ही गर्मी के मौसम में सामान्य बीमारियों से भी बचाव होगा।

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) का कहना है कि राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के साथ उत्तर भारत के अन्य राज्य जैसे हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और मध्य प्रदेश में भीषण गर्मी का प्रकोप रहेगा। दिन में लू यानी हीटवेव से लोगों का जीवन प्रभावित रहेगा। इस दौरान अधिकतम तापमान 46 से 48 डिग्री तक पहुंचने की संभावना है। ऐसे में आहार विशेषज्ञ से जानेंगे कि गर्मी में भोजन किस प्रकार का हो।

सूखी और गर्म हवाओं के कारण असर अधिक

हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार के मौसम विभाग के वरिष्ठ वैज्ञानिक डा. एमएल खीचड़ का कहना है कि आने वाले कुछ दिन तक मौसम शुष्क ही रहेगा। विशेषकर 22 मई तक राहत की कोई संभावना नहीं है। हालांकि अनुमान है कि इस पूरे सप्ताह ही हीटवेव परेशान करेंगी। क्योंकि अब पाकिस्तान और राजस्थान की ओर से शुष्क और गर्म हवा चल रही हैं। इसके कारण हवा में नमी नहीं बच पाती और भीषण गर्म हवा लोगों को बेहाल करती है।

आहार का अहम योगदान

मौसम के अनुसार आहार बहुत ही महत्वपूर्ण होता है। रोहतक निवासी आहार विशेषज्ञ डा. शिप्रा के अनुसार भारतीय परपंराओं में मौसम के अनुसार भोजन का विशेष महत्व है। यहां तक की यह भी साफ है कि किस मौसम में किस खाने से परहेज करना चाहिए। क्योंकि मौसम के अनुसार शरीर अपनी सक्रियता स्वयं तय करता है।

इसलिए मौसम के अनुसार भोजन में बदलाव जरूरी हैं। जींद के जाने माने आयुर्वेदाचार्य डा. ओपी सिंह के अनुसार शरीर में वात, कफ और पित्त तीन संरचनाओं के आधार पर कार्य करता है। ऐसे में भोजन इनको संतुलित करने में सबसे बड़ी भूमिका निभाता है।

क्या कोल्डड्रिंक से भागती है गर्मी

गर्मी के मौसम में आमतौर पर सभी लोग बाजार में मिल रहे विभिन्न रेडिमेड शीतलपेय का प्रयोग करते हैं। इसमें अधिकतर कोल्डड्रिंक कार्बोनिक एसिड युक्त होते हैं। चूंकि इसमें कार्बन डाइऑक्साइड को उच्च दबाव के साथ पानी में मिलाया जाता है, एक बार ऐसा लगता है कि ताजगी आई है, लेकिन यह शरीर को ठंडक नहीं देते हैं। क्योंकि इसमें सर्वाधिक मात्रा चीनी यानी मीठे की होती है। साथ ही यह शरीर में कई प्रकार के पित्त दोष का कारण भी बनती है। डा. ओपी सिंह कहते हैं कि रेडिमेड कोल्डड्रिंक या साॅफ्ट ड्रिंक स्वास्थ्य के लिए बहुत हानिकारक होते हैं।

क्या है अच्छा और बेहतर विकल्प

डा. ओपी सिंह बताते हैं छाछ या लस्सी गर्मी के मौसम में बहुत ही उपयुक्त पेय पदार्थ है। ध्यान रहे इसमें बर्फ नहीं मिली हो। हां फ्रीज में रख कर इसका तापमान नियंत्रित किया जा सकता है। वह भी बहुत अधिक ठंडा करने की जरूरत नहीं है। छाछ या लस्सी की प्रकृति ही ठंडी होती है। इसलिए लस्सी पीने के बाद शीतलता का अनुभव होता है। लस्सी में अपनी सुविधा के अनुसार काला नमक या भुना हुआ जीरा मिलाया जा सकता है। यह तत्व भी गर्मी में काफी जरूरी होते हैं।

मानसून के लिए लंबा इंतजार

गर्मी के बीच लोगों को मानसून का इंतजार रहता है, लेकिन इस बार यह लंबा होने वाला है। हालांकि दक्षिण भारत में मानसून की सक्रियता दिख रही है, लेकिन उत्तर भारत तक पहुंचने में अभी समय लगेगा। हालांकि मानसून की सक्रियता कुछ जल्दी है लेकिन इस बार एल नीनो के प्रभाव से बारिश को लेकर काफी असमंजस की स्थिति बनी हुई है। हलांकि जून के अंतिम समप्ताह तक उत्तर भारत में मानसून के आने की संभावना है।

गर्मी से बचाव के लिए क्या करें

पानीपत के वरिष्ठ चिकित्सक डा. अशोक कुमार के अनुसार हीटवेव की स्थिति हर किसी के लिए खतरनाक होती है। फिर भी बच्चों और बुजुर्गों को खतरा और भी अधिक रहता है। ऐसे में प्रयास करें कि दोपहर 12 बजे के बाद घर से बाहर खुली हवा में नहीं निकलें। शाम 4 बजे तक लू से बचने का पूरा प्रबंध रखें। पर्याप्त मात्रा में पानी पीएं। इस मौसम में पसीना अधिक आता है, इससे शरीर से नमक भी निकलता है। तो लस्सी या शिकंजी में एक चुटकी नमक भी मिला लें। यदि सांस फूल रही हो तो तुरंत चिकित्सक को दिखाएं।

कब आती है हीटवेव की स्थिति

हीटवेवे का सामान्य भाषा में लू कहा जाता है। आमतौर पर 40 डिग्री से अधिक तापमान होने पर लू की स्थिति हो जाती है। विशेषकर जब गर्म हवाएं चलती हैं। क्योंकि गर्म हवाएं चलती हैं तो शरीर में पानी की कमी हो जाती है। इससे खतरा बढ़ जाता है। शरीर तापमान नियंत्रित नहीं रख पाता और इससे लू लगना कहा जाता है। क्योंकि शरीर ठंडा होता जाता है।

कैसे करें पहचान

लू लगना जानलेवा हो सकता है। डा. अशोक कुमार बताते हैं कि ऐसी स्थिति में कभी भी लापरवाही नहीं होने चाहिए। सबसे पहले तो मरीज को सामान्य तापमान वाला पानी पिलाएं। पानी अधिक ठंडा नहीं होना चाहिए। ठंडी जगह पर रखें और हवा करते रहें। यदि तंग कपड़े पहने हैं तो इसमें शरीर को आराम देने के लिए उपाय करें। जितना जल्दी हो सके चिकित्सक के पास लेकर जाएं।

घर पर बनाएं ताजा शरबत

आहार विशेषज्ञ डा. शिप्रा के अनुसार हमारे घरों में काफी सारी ऐसी वस्तुएं हाेती हैं, जो सामान्य रूप से ही ठंडी प्रकृति वाली हैं। जैसे धागे वाली मिश्री, सौंफी, गोंद कतीरा, नींबू, पुदीना। जीरा ठंडी प्रकृति के साथ पेट के लिए अच्छा होता है। इसको भी शामिल किया जा सकता है। इनका शरबत बनाया जा सकता है।

विशेषकर एक चम्मच गोंद कतीरा अपने पूरे परिवार की शिकंजी में जरूर डालें। यह शरीर को फ्रेश रखने के साथ-साथ अपनी त्वचा को भी चमाएगा। इसके अलावा शिकंजी में कच्चे आम का स्वाद भी मिलाया जा सकता है। अत्यधिक गर्मी की स्थिति में घर पर ही बेल का शरबत जरूर ट्राई करना चाहिए।

यह स्वास्थ्य वर्धक तो है ही, साथ ही लू से बचाने में भी मदद करता है। इसके अलावा कच्चे प्याज को अपने भोजन में जरूर शामिल करें। पानी की अधिक मात्रा वाली सब्जियां, जैसे खीरा, ककड़ी, घीया, तोरी को सेवन करें। इस मौसम में अधिक मसाले वाले खाने से बचना चाहिए। इसकी जगह पर दलिया, खिचड़ी और रबड़ी जैसा खाना

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