Haryana Mausam Update : सर्दी का सितम शुरू, गहरी धुंध, कोल्ड डे का अलर्ट
जानें आगे कैसा रहेगा मौसम का मिजाज
Haryana Mausam Update : हरियाणा में हाड़ कंपा देने वाली सर्दी का सितम अब शुरू हो चुका है। रात का तापमान शून्य की ओर बढ़ रहा है तो वहीं दिन का तापमान भी 10 डिग्री के आसपास चल रहा है। वहीं धुंध ने भी जन जीवन को अस्त व्यस्त कर के रख दिया है। सुबह और शाम की धुंध में विजिबिलिटी भी कम रहती है।
जींद समेत प्रदेश भर के मौसम की बात करें तो पिछले चार दिन से ठंडी हवाएं चलने से शीतलहर का प्रकोप बढ़ गया था। तापमान भी छह डिग्री तक पहुंच गया था। दिन में धूप बहुत ही कम निकलने के कारण कोहरा छाया रहता था। सुबह के समय 10 बजे तक धुंध का असर रहता है तो दिन में हल्की धूप के बाद शाम को चार बजे के बाद फिर से धुंध का प्रकोप बढ़ने लगता है। शाम सात बजे तक विजिबिलिटी फिर से पांच मीटर से भी कम रह जाती है।
कल और आज हवा की गति कम होने के कारण शीतलहर कम हुई, इससे लोगों को काफी राहत मिली। रात को कोहरा ज्यादा होने के कारण दृश्यता 10 मीटर के आसपास रही, जबकि दिन में मौसम साफ रहा। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है क्रिसमस के बाद एकाएक ठंड और बढ़ेगी। हरियाणा में कोल्ड डे की स्थिति रहेगी।
Haryana Mausam Update : नारनौल सबसे ठंडा जिला
सोमवार रात नारनौल 6.0°C के साथ राज्य का सबसे ठंडा इलाका रहा। हालांकि औसत न्यूनतम तापमान सामान्य से 2.2°C अधिक बना हुआ है, लेकिन आने वाले 4 दिनों में कोहरे और “कोल्ड-डे” की स्थिति जनजीवन को प्रभावित कर सकती है। आज सिरसा, फतेहाबाद, हिसार, भिवानी, चरखी दादरी, झज्जर, महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, गुरुग्राम, फरीदाबाद, पलवल, नूंह (मेवात), रोहतक और जींद में कोहरे को लेकर यलो अलर्ट जारी किया गया है।
Haryana Mausam Update : आगे ये रहेगा मौसम का मिजाज
23-24 दिसंबर (यलो अलर्ट): सिरसा, फतेहाबाद, हिसार और उत्तर हरियाणा के जिलों में ‘घना कोहरा’ छाए रहने की संभावना है। प्रशासन ने वाहन चालकों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। 25-26 दिसंबर (ऑरेंज और रेड अलर्ट): मध्य और दक्षिण हरियाणा के जिलों (रोहतक, झज्जर, गुरुग्राम, फरीदाबाद, रेवाड़ी) में बेहद घना कोहरा और कोल्ड-डे की स्थिति रहेगी। यानी दिन में भी धूप नहीं खिलेगी और ठिठुरन बनी रहेगी।
Haryana Mausam Update : अधिक ठंड कर रही थी स्वास्थ्य को प्रभावित
पिछले चार दिन से ठंडी हवाएं चल रही थी। दो दिन तक धूप भी बहुत कम निकली। इस कारण शीतलहर बढ़ रही थी। ठंडी हवाएं चलने के कारण इसका असर लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा था। बच्चे तथा बुजुर्गों के स्वास्थ्य पर इसका असर पड़ रहा था। नागरिक अस्पताल में ओपीडी बढ़ रही थी।
मौसम वैज्ञानिक डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि पहाड़ों पर बर्फबारी होने के कारण ठंड बढ़ गई है। यह फसलों के लिए लाभकारी है। 24 दिसंबर के बाद मौसम परिवर्तनशील हो जाएगा। अभी तापमान फसलों के लिए काफी उचित है। किसानों को अपनी फसलों में हो सके तो हल्की सिंचाई करनी चाहिए। आलू की फसल को किसी तिरपाल आदि से ढकने की जरूरत है।










