rajsthan municipal election : राजस्थान में पार्षद की योग्यता होगी निर्धारित
योग्यता 10वीं या12वीं पास केे लिए मंत्री ने भेजा प्रस्ताव
rajsthan municipal election : शहरी निकाय चुनाव में पार्षद बनने के लिए जल्द ही न्यूनत्म शैक्षणिक योग्यता निर्धारित हो सकती है। इसके लिए सरकार के पास प्रस्ताव भेजा गया है। इसमें न्यूनतम योग्यता 10वीं या 12वीं पास होने की हो सकती है। हालांकि आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को शिक्षा में भी छूट मिल सकती है। फिलहाल इसके लिए प्रस्ताव जाने से कई स्थानीय स्तर के नेता अपने नए समीकरण बनाने में जुटे हैं।
राजस्थान में जल्द ही 309 शहरों के 10175 वार्डों में पार्षद के चुनाव करवाए जाने हैं। यह चुनाव बदली हुई व्यवस्था के तहत होने हैं। क्योंकि स्वायत्त शासन मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने शहरी निकाय चुनावों में न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता को लेकर मुख्यमंत्री के पास औपचारिक प्रस्ताव भेज दिया है। आजकल बढ़ते डिजिटलाइजेशन के समय में प्रतिनिधियों को अधिक सशक्त बनाने के लिए यह कदम उठाया जा रहा है। इसके पीछे सरकार चाहती है कि शहरी सरकारों का संचालन अधिक जिम्मेदारी से किया जाए। साथ ही सरकार की योजनाएं जमीनी स्तर पर सही प्रकार से लागू हो सकें।
यह बदलाव राजस्थान में शहरी निकाय चुनाव से पहले बड़ा फैसला होगा। इसके तहत राज्य सरकार पार्षद पद के उम्मीदवारों के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता 10 वीं या 12 वीं करने की योजना बना रही है। स्वायत्त शासन मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने मुख्यमंत्री को इस संबंध में औपचारिक प्रस्ताव भेजा है। सरकारी सूत्रो के अनुसार प्रस्ताव भेजने से पहले ही मंत्री झाबर सिंह खर्रा और सीएम आपस में इस विषय पर चर्चा कर चुके हैं। राजस्थान में अभी तक शहरी निकाय चुनावों में कोई भी शैक्षणिक योग्यता की शर्त नहीं है।
इसको लेकर सरकार का मानना है कि शहरी सरकारों का संचालन अधिक जिम्मेदारी और समझदारी से हो सकेगा। साथ ही केंद्र और राज्य सरकार की योजनाएं जमीनी स्तर पर बेहतर तरीके से लागू करने में मदद मिलेगी। राज्य सरकार एक राज्य, एक चुनाव के तहत सभी निकायों में एक साथ चुनाव कराना की योजना में है। इसको लेकर पहले ही राजस्थ्ज्ञान हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट ने निकाय चुनाव 15 अप्रैल तक करवाने के आदेश दे चुके हैं।
स्वायत्त शासन मंत्री झाबर सिंह खर्रा का कहना है कि शहरी निकायों का संचालन अधिक सक्षम और जिम्मेदार बनाने के लिए पार्षद पद की न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता निर्धारित करने का प्रस्ताव उनकी ओर से भेजा गया है। इसका उद्देश्य योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने का है। इसको लेकर उच्च स्तर पर फैसला लिया जाना है। इस दौरान सभी पहलुओं पर विचार किया जाएगा।
rajsthan municipal election : वार्डों की कुल संख्या बढ़कर 10175
राजस्थान में शहरी निकाय चुनाव बदली हुई व्यवस्थाओं में हो रहे हैँ। परिसीमन और पुनर्गठन के बाद राजस्थान में करीब 2700 नए वार्ड बढ गए हैं। इसके बाद राज्य में वार्डों की संख्या बढ़कर 10175 तक पहुंच गई है। हालांकि इससे पहले यह संख्या 7475 थी। वर्ष 2019 में प्रदेश में 196 नगरीय निकाय थे। अब इनकी संख्या भी बढ़ कर 309 हो गई है।

rajsthan municipal election : हरियाणा में लागू हो चुकी है योजना
इस प्रकार की व्यवस्था इससे पहले राजस्थान के साथ लगते हरियाणा राज्य में भी हो चुकी है। हरियाणा में पंचायत चुनाव में भी सरपंच व पंच के लिए न्यूनत्म योग्यता निर्धारित की जा चुकी है। हालांकि यह मामला भी लंबे समय तक कानूनी लड़ाई में फंसा रहा था और इसके बाद अदालत से मंजूरी मिलने के बाद ही चुनाव हो सके थे। इसको हरियाणा में तब की मनोहर लाल सरकार ने भी बड़ा चुनाव सुधार बताते हुए लागू किया था।
rajsthan municipal election : क्यों जरूरी है शैक्षणिक योग्यता
दरअसल आजकल सभी कार्य व योजनाओं के काम आनलाइन हो गए हैं। ऐसे में यदि अशक्षित व्यक्ति पार्षद बनता है तो वह स्वयं के स्तर पर यह कार्य नहीं कर पाता। साथ ही समय पर सूचना मिलने में भी दिक्कत रहती है। इसे चलते ही अब पार्षदों से लेकर पंचायत के स्तर तक इस प्रकार की व्यवस्थाएं लागू की जा रही हैं।
rajsthan municipal election : चुनाव खर्च की सीमा भी बढ़ी
साथ ही चुनाव से पहले राजस्थान में पार्षदों के लिए चुनाव खर्च की सीमा भी चुनाव आयोग द्वारा बढ़ा दी गई है। चुनाव आयोग का कहना है कि 2019 में जिला परिषद सदस्य के लिए प्रत्याशी अधिकतम 1.5 लाख रुपये थी। अब इसको 3 लाख रुपये किया गया है। पंचायत समिति सदस्य प्रत्याशी के लिए 75 हजार रुपये की सीमा 1.5 लाख रुपये तक बढ़ा दिया गया है। सरपंच के लिए चुनाव खर्च की सीमा 1 लाख रुपये हो गई है। पहले यह 50 हजार रुपये थी। वहीं निगम पार्षद के चुनाव में उम्मीदवार अब 3.5 लाख रुपये खर्च सकेंगे। नगर पालिका चुनाव में खर्च की सीमा को बढ़ाकर 1.5 लाख रुपये किया गया है।










