Churu Dudhwakhara Rail Doubling : चूरू-दूधवाखारा रेल ट्रैक पर सीआरएस का ट्रायल सफल, 100 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चलेंगी गाड़ी

ट्रायल में 121 किमी प्रति घंटा स्पीड से चली गाड़ी, सब कुछ ठीक

Churu Dudhwakhara Rail Doubling : बीकानेर रेल मंडल चूरू-दूधवाखारा रेलखंड पर दोहरीकरण परियोजना का काम पूरा होने के बाद शनिवार को यहां स्पीड व सुरक्षा ट्रालय किया गया। रेलवे सुरक्षा आयुक्त की जांच में यह ट्रैक रेल परिचालन के लिए पूरी तरह से सुरक्षित मिला है और यहां 100 किलोमीटर प्रतिघंटा की गति से रेल गाड़ी चलाई जा सकती हैं। हालांकि सीआरएस निरीक्षण में 121 किलोमीटर प्रति घंटा से ट्रेन चलाई गई। अब यह रूट पर रेल परिचालन का रास्ता साफ हो गया है।

शनिवार को जब चूरू-दूधवाखारा रेलखंड पर दोहरीकरण परियोजना के तहत स्पीड ट्रायल किया गया, जो पूरी तरह सफल रहा। मुख्य रेल सुरक्षा आयुक्त (सीआरएस) ई. श्रीनिवास के नेतृत्व में रेलवे की टीम ने इस रेल खंड पर सुरक्षा के मनाकों को जांचते हुए सभी तनकीकी जांच की। सभी जांच करने के बाद इस रेलवे ट्रैक पर अब 100 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से ट्रेनों के संचालन की अनुमति प्रदान की गई।

Churu Dudhwakhara Rail Doubling : 29 किलोमीटर लंबे रेल ट्रैक पर ट्रायल

राजस्थान के चूरू – सादुलपुर रेलखंड के अंतर्गत ही दूधवाखारा – चूरू तक इस ट्रैक की सुरक्षा जांच की गई है। करीब 29 किलोमीटर लंबे इस रेलवे ट्रैक में स्पीड ट्रायल कर यहां सुरक्षा के मानकों की जांच की गई। इस दौरान सीआरएस ई. श्रीनिवास ने चूरू से दूधवाखारा तक की यात्रा स्वचालित ट्राली की और दूधवाखारा से चूरू तक सीसीआरएस स्पेशल ट्रेन से चले। इसी ट्रेन में तमाम ऐसे उपकरण लगे रहते हैं, जो सभी प्रकार से सुरक्षा को पुख्ता करते हैं। यह ट्रेन 121 किलोमीटर प्रति घंटा की गति चली और ट्रायल सफल रहा।

Churu Dudhwakhara Rail Doubling : 100 किलोमीटर प्रति घंटा से ट्रेन चलाने की अनुमति

हालांकि सीआरएस द्वारा की सुरक्षा जांच के दौरान उनकी ट्रेन 121 किलोमीटर प्रति घंटा की गति से चली है, लेकिन सामान्य ट्रेन चलाने के लिए 100 किलोमीटर प्रति घंटा की गति को ही अनुमति दी गई है। इस ट्रायल में रेलवे के अधिकारी यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि भविष्य में जब ट्रेन चलाई जा तो किसी प्रकार से सुरक्षा संबंधित दिक्कत नहीं रहे। ऐसे में इस दौरान ट्रैक की गुणवत्ता, सिग्नलिंग सिस्टम, ओवरहेड उपकरण, सुरक्षा मानक के साथ सभी तकनीकी पहलुओं की जांच की गई है।

Churu Dudhwakhara Rail Doubling : बेहतर होगा रेल संचालन यात्रियों को मिलेगा लाभ

यह रेल ट्रैक अब रेल गाड़ियों के लिए शुरू करने को तैयार है। इसका सीधा लाभ यात्रियों को मिलेगा। हालांकि रतनगढ़ से चूरू तक रेल लाइन पहले ही दोहरी थी, लेकर दूधवाखारा तक रेल ट्रैक सिंगल था। इस कारण रेल परिचालन सीमित रहता और यात्रियों को भी दिक्कत रहती थी। सबसे अधिक परेशानी आमने-सामने से ट्रेन आने पर उनकी क्रासिंग में लगने वाला समय था। अब इसके भी दोहरीकरण होने से यात्री गाड़ियों के साथ मालगाड़ियाें को भी आसानी से निकाला जा सकेगा। समय की बत होगी।

Churu Dudhwakhara Rail Doubling : 2 चरण में कार्य

इससे पहले चूरू–रतनगढ़ रेलवे लाइन को डबल लाइन ट्रैक बना दिया गया था। इसका कार्य पिछले मई महीने में पूरा होने के बाद इस सेक्शन पर ट्रेनों का संचालन सुचारू रूप से किया जा रहा है। अब चूरू–सादुलपुर रेलवे लाइन को डबल किया जा रहा है। यह दूरी करीब 57.82 किलोमीटर है। इसमें से पहले चरण मेें चूरू -दूधवाखारा 29 किलोमीटर का काम पूरा हो गया है। यहां ट्रेन चलाई जा सकती है। अब शेष दूसरे हिस्से भी पर काम होगा।

Churu Dudhwakhara Rail Doubling : महत्वपूर्ण रेलवे रूट

यह रेल मार्ग भटिंडा से भिलड़ी रूट का हिस्सा है। इसकी दूरी 752 किलोमीटर है। इस पूरे रूट की लाइन को डबल किया जाना है। क्योंकि मार्ग फिरोजपुर, भटिंडा, हिसार, सादुलपुर, चूरू, रतनगढ़, डेगाना, जोधपुर और समदड़ी होते हुए कांडला बंदरगाह तक पहुंचता है। ऐसे में इसका काफी अधिक महत्व है। चूरू–दूधवाखारा डबल लाइन पर काफी आधूनिक तकनीक का प्रयोग किया गया है। इसमें ऑटोमैटिक पैनल सर्किट के साथ सिग्नल सिस्टम भी आधुनिक है। हर एक किलोमीटर पर स्वचालित सिग्नल से एक ट्रेन के निकलने के बाद पीछे आने वाली ट्रेन को कंट्रोल किया जा सकता है।

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