Banke Bihari Ornaments : बैंक लॉकर में रखे जाएंगे भगवान श्रीकृष्ण के आभूषण

उप समिति की योजना, मंदिर कमरे से हटा कर बैंक में आभूषण रखने का फैसला, बैंकों का भी चयन

Banke Bihari Ornaments : वृंदावन में भगवान बांकेबिहारी को दान किए गए आभूषण अब मंदिर में बने कमरे से निकाल कर बैंक लॉकर में रखे जाएंगे। इसके लिए गठित की गई उपसमिति ने ऐसा करने का फैसला लिया है। गौरतलब है कि इसको लेकर सुप्रीम कोर्ट की उच्च अधिकार प्राप्त प्रबंधन समिति ने एक उपसमिति का गठन किया था। शुक्रवार को हुई उपसमिति की बैठक में इसका निर्णय लिया गया है।

इसके तहत वे आभूषण बैंक लॉकर में रखे जाएंगे, जो 1971 के बाद दान में मिले हैं। फिलहाल इनको मंदिर परिसर में बने एक विशेष कमरे में रखा जा रहा है। अब यह आभूषण बैंक लॉकर में रहेंगे। ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर उच्चाधिकार प्राप्त प्रबंधन समिति ने 19 जनवरी को हुई बैठक में यह निर्णय लिया था। इसके तहत मंदिर में दान के रूप में मिला सोना-चांदी और आभूषण बैंक में जमा कराने को लेकर एक उप समिति का गठन किया था। इस उप समिति में डिप्टी कलेक्टर राजकुमार, सिटीएम अनुपम मिश्रा, सदर सीओ पीतम पाल सिंह के अतिरिक्त सेवायतों ने केनरा बैंक व पंजाब नेशनल बैंक चयन किया था। अब यह सभी आभूषण इन बैंकों में ही रखे जाएंगे।

लोग चढ़ाते हैं सोना चांदी व महंगे आभूषण

वृंदावन स्थित ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में भक्तजन प्रेमपूर्वक सोने-चांदी के बहुत ही महंगे आभूषण और रत्न दान में चढ़ाते हैं। यहां पर मोर पंखी पन्ना हार, सोने-चांदी के बर्तन, पन्ना – हीरा जड़ित कई प्रकार के आभूषण, चांदी के शेष नाग व सोने के कलश सहित कई प्रकार केे नायाब आभूषण हैं। इसके अलावा लोग पुरानी जमीन के दस्तावेज भी यहां पर दान कर देते हैं। हालांकि ठाकुर जी के इस खजाने की सुरक्षा बहुत ही पुख्ता रहती, लेकिन अब उप समिति ने इसको और अधिक सुरक्षित करने के लिए फैसला लिया है।

17 को होगी समिति की बैठक

इसको लेकर उप समिति की बैठक शुक्रवार को मंदिर कार्यालय में हुई। उप समिति के एक सदस्य के अनुसार मंदिर के दो कमरों में अभी आभूषण रखे गए हैं। यह आभूषण और सोना चांदी दो लाकर के साथ कुछ विशेष डिब्बे में रखे जाते हैं। अब इन सभी आभूषण व सोने चांदी को बैंक के लॉकर में रखने का फैसला लिया है। अब उप समिति द्वारा बैठक में लिए गए फैसले की रिपोर्ट 17 फरवरी को समिति की बैठक में प्रस्तुत होगी। इसके आधार पर ही आगे की योजना बनाई जाएगी।

1971 में बदली व्यवस्था

गौरतलब है कि 1971 के पहले के सभी आभूषण व सोना चांदी का चढ़ावा स्टेट बैंक भूतेश्वर शाखा में जमा किए गए हैं। वहीं 1971 के बाद से आने वाली प्रबंधक समिति ने हमेशा ही इन आभूषणों को मंदिर परिसर के कमरों में बनाए गए लॉकर में रखा है। इसके बाद से यही व्यवस्था चली आ रही है। मंदिर में आने वाले सोने चांदी के चढाव के प्रबंधन के लिए यह महत्वपूर्ण फैसला है।

चली चांदी गायब होने की चर्चाएं

पिछले दिनों बांके बिहारी मंदिर से चांदी गायब होने की चर्चाएं भी चली थी। यह मामला इंटरनेट मीडिया पर भी वायरल हुआ। इसमें कहा गया कि वृंदावन के बांके बिहारी मंदिर के मंदिर के गर्भगृह स्थित लकड़ी की चौखट पर चढ़ाई गई चांदी की पतर गायब हो गई। इस पर करीब साढ़े 10 किलो चांदी की परत थी। कहा जा रहा है कि अब यह परत नष्ट हो गई है। चांदी इतनी कम हुई है कि लकड़ी की चौखट दिखने लगी है।

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