Railway Training : वंदेभारत ट्रेन का परिचालन बेहतर करने के लिए सुधरेगी तकनीक

पटना आईआईटी के साथ विशेष समझौता, रेलवे अधिकारियों को दिया जाएगा खास प्रशिक्षण

Railway Training : वंदे भारत ट्रेन आज के समय में भारतीय रेल के इतिहास में नई इबारत लिख रही है। वंदे भारत ट्रेन भारत की पहली सेमी हाई स्पीड ट्रेन बनी है। जिन रूटों पर इस ट्रेन का परिचालन हो रहा है, वहां यात्रियों को नया अनुभव मिल रहा है। अब वंदे भारत ट्रेन का परिचालन अधिक बेहतर बनाने के लिए रेलवे द्वारा खास तैयारी की जा रही है। इससे वंदे भारत ट्रेन का सफर जहां यात्रियों के लिए अधिक सुरक्षित और सुगम होगा, वहीं इसको अधिक तेज भी बनाया जाएगा। ऐसे में रेलवे की यह पहल काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

विशेषज्ञों का मानना है कि आईआईटी और रेलवे के बीच हो रही इस प्रशिक्षण कार्यक्रम से रेलवे में तकनीकी क्षमता बहुत बेहतर होेगी। इसके लिए भारतीय रेलवे इंस्टीट्यूट ऑफ मैकेनिकल एंड इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग (इरिमी) जमालपुर एवं इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (आईआईटी) पटना के बीच यह समझौता हुआ है। इसके तहत दोनों संस्थान प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन करेंगे। यह प्रशिक्षण 9 से 25 फरवरी तक होगा। यह कार्यक्रम 16 दिनों तक चलेगा।

पहले चरण में 25 अधिकारी और इंजीनियर लेंगे प्रशिक्षण

रेलवे व आईआईटी द्वारा तैयार किए गए इस कार्यक्रम में 25 अधिकारी और इंजीनियर भाग लेंगे। इसके लिए अधिकारियों और इंजीनियरों का चयन अलग-अलग जोन से किया गया है। रेलवे की योजना है कि इससे रेलवे के पारंपरिक मैकेनिकल सिस्टम और वंदे भारत ट्रेन की नई और जटिल इलेक्ट्रॉनिक प्रणाली के बीच जो अंतर है, इसको कम किया जा सकता है। यहां रेलवे के इंजीनियर और अधिकारियों को सैद्धांतिक और व्यवहारिक ज्ञान दिया जाएगा।

Railway Training : आईआईटी परिसर में होगा प्रशिक्षण

आईआईटी और भारतीय रेलवे के बीच होने वाले इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में वंदे भारत ट्रेन के परिचालन को और अधिक बेहतर बनाया जा रहा है। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम पटना में बिहटा स्थित परिसर में आयोजित किया जा रहा है। इसके तहत वंदे भारत ट्रेनों इलेक्ट्रिक प्रोपल्शन प्रणाली को आधुनिक करने पर खास तौर पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है।

भारतीय रेलवे इंस्टीट्यूट ऑफ मैकेनिकल एंड इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग के महानिदेशक अनिमेष सिंहा का कहना है कि वंदे भारत ट्रेनों में आधुनिक प्रणोदन तकनीक को समझने के साथ इसको व्यवहार में लाने के लिए खास कार्यक्रम तैयार किया गया है। इस दौरान विभिन्न पहलुओं पर चर्चा के साथ अधिकारियों को प्रशिक्षित किया जाएगा। इसके बाद इसको फील्ड में लागू किया जाएगा।यह प्रशिक्षण भारतीय रेलवे में तकनीक को नई गति देगा।

Railway Training: Technology will improve to improve the operation of Vande Bharat train.
वंदेभारत ट्रेन का परिचालन बेहतर करने के लिए सुधरेगी तकनीक

बेहतर होगी तकनीक सुरक्षा होगी बेहतर

रेलवे अधिकारियों का कहना है कि इस दौरान प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को ट्रैक्शन सिस्टम के संचालन, उसकी कार्यप्रणाली और मेंटेनेंस के बारे में जानकारी दी जाएगी। इससे ट्रेनों की कार्यक्षमता के साथ सुरक्षा मानकों को और भी बेहतर किया जाएगा। क्योंकि भारतीय रेलवे इंस्टीट्यूट ऑफ मैकेनिकल एंड इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग संस्थान लंबे समय से व्यवहारिक ज्ञान पर काम कर रहा है। वहीं आईआईटी पटना उत्कृष्ट तकनीकी ज्ञान के साथ आगे बढ़ रहा है। यह दोनों संस्थान साथ मिल कर बेहतर परिणाम देंगे। क्योंकि ट्रैक्शन कंट्रोल सिस्टम ऐसी इलेक्ट्रॉनिक सुरक्षा प्रणाली है जो फिसलन होने पर इंजन को नियंत्रित करती है। यही सुरक्षा का आधार बनेगा।

800 वंदे भारत ट्रेन चलाने का लक्ष्य

गौरतलब है कि आने वाले समय में वंदे भारत ट्रेनों की संख्या बढ़ाई जानी है। भारतीय रेलवे का लक्ष्य है कि 2030 तक 800 वंदे भारत ट्रेन चलाई जाएं। इसकी तैयारियों में ही इस प्रकार के एडवांस प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इससे रेलवे में लंबे समय तक काम आने वाले तकनीकी विकास को बढ़ाया जा रहा है। यह प्रशिक्षण यात्रियों की सुगम यात्रा के साथ इसको सुरक्षित बनाने में मददगार होंगे। हालांकि देश में हाई स्पीड बुलेट ट्रेन चलाने की भी योजना बना रही है, लेकिन इसके बीच वंदे भारत ट्रेन भारतीय रेल के इतिहास में नई क्रांति लेकर आई है।

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