Kisan Credit Card : किसानों के लिए बड़ी खबर, KCC में 4 बड़े बदलाव
RBI ने पेश किया बदलाव का प्रस्ताव, किसानों के लिए कवरेज का होगा विस्तार, रिन्युवल के लिए मिलेगा अधिक समय
Kisan Credit Card : देश भर में करोड़ों किसानों को राहत देने वाले किसान क्रेडिट कार्ड से आने वाले समय में और भी लाभ मिलने जा रहे हैं। इसके तहत भारतीय रिजर्व बैंक RBI द्वारा कई बदलावों का प्रस्ताव तैयार किया गया है। उम्मीद है कि जल्द ही इन के लिए दिशा निर्देश जारी किए जा सकते हैं। इन नए बदलवों में लोन की राशि और इसके रिन्युवल या रिपेमेंट को लेकर है। क्योंकि यह नए नियम लागू होने के बाद रिपेमेंट के लिए किसानों को अधिक समय मिल सकता है।
इसको लेकर RBI द्वारा 6 फरवरी को नोटिफिकेशन जारी किया था। इसमें आरबीआई ने द्वारा संशोधित गाइडलाइन जारी किए जाने की बात कही गई है। इससे किसानों की ऐसी जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलेगी, जो नए समय में सामने आ रही हैं। क्योंकि यह व्यवस्था करीब तीन दशक पुरानी है।
इस दौरान किसानों और कृषि में कई ऐसे बदलाव हुए हैं, जो पुरानी व्यवस्थाओं में परेशानी पैदा कर रहे हैं। ऐसे में इस व्यवस्था को अब नए रूप में तैयार किया जा रहा है। ताकि किसानों को आज के समय के अनुसार समय पर बेहतर मदद मिल सके। इसके लिए विभिन्न संबंधित संस्थाओं से आरबीआई द्वारा 6 मार्च तक उनकी प्रतिक्रियाएं मांगी हैं।
4 प्रतिशत सालाना ब्याज पर मिलता है ऋण
किसान क्रेडिट कार्ड करोड़ों लोगों के लिए नई उम्मीद लेकर आया है। क्योंकि यह किसानों को साहूकारों के महंगे ब्याज से छुटकारा दिलवाता है। किसान क्रेडिट कार्ड पर बैंक द्वारा सिर्फ 4 प्रतिशत सालाना ब्याज लिया जाता है। हालांकि इसमें सरकार द्वारा सब्सीडी दी जाती है। केंद्र सरकार द्वारा 2% की ब्याज सब्सिडी दी जाती है। इसके अलावा तुरंत रिपमेंट करने पर 3% का अनुदान मिलता है। इससे किसानों को महज 4 % सालाना ब्याज दर पर ही राशि मिल जाती है।

अब होंगे यह बदलाव
किसान क्रेडिट कार्ड में होने वाले बदलावों के लिए भारतीय रिजर्व बैंक यानी आरबीआई द्वारा प्रस्ताव दिए जा चुके हैं। इनमें प्रमुख है
फसल लोन की मंजूरी और रिपेमेंट के लिए फसल लोन का स्टैंडलाइजेशन। यह प्रस्ताव लागू होने के बाद जो नया नियम बनेगा, में फसलों का बंटवारा सीधे 1 साल के फसल चक्र पर नहीं रहेगा। फसलों का बंटवारा इनकी वास्वतिक अवधि के आधार किया जाएगा। इनको 12 महीने वाली व 18 महीने वाली फसलों के रूप में बंटवारा किया गया है।
इसके अलावा अब नई व्यवस्था से लोन की अवधी उसी हिसाब से तय होगा, जो फसल का समय है। कुछ किसान ऐसी फसलों की भी खेती करते हैं, जिनकी अवधि काफी लंबी होती है। ऐसे में आरबीआई का प्रस्ताव है कि क्रेडिट कार्ड की अवधि 6 साल तक बढ़ाने का प्रावधान हो। इन किसानों को भी नए नियम से लोन लेने में आसानी होगी।
फसल के हिसाब से होगी लोन की राशि तय
इन नए प्रस्तावों में सबसे अधिक महत्वपूर्ण विषय यह है कि किसानों को कम लोन की समस्या नहीं रहेगी। इस बदलाव के बाद किसानों को लोन इस प्रकार दिया जाएगा, जिससे उसकी जरूरतें पूरी हाेंगी। क्योंकि अभी तक यह परेशानी आ रही है कि किसानों को खेती की लागत खर्च के अनुसार राशि नहीं मिल पाती थी। यह राशि उसकी जमीन के अनुसार फिक्स होती है।
नए प्रस्तावों के अनुसार किसान क्रेडिट कार्ड से मिलने वाली राशि अब जमीन नहीं, फसल के आधार पर तय होगी। यह बड़ा सुधार माना जा रहा है। वहीं चौथे बदलाव के तहत किसान क्रेडिट कार्ड से मिलने वाली राशि के प्रयोग के लिए निर्धारित घटकों में भी विस्तार किया जारहा है। इसका अर्थ हुआ कि कृषि संपत्तियों की मरम्मत, आधुनिक कृषि यंत्र, तकनीक शुरू करने के लिए भी किसान खर्च कर सकेगा।










