Hydrogen Train Update : देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन के ट्रायल को लेकर तैयारियां तेज, 23 फरवरी को ट्रैक पर चलाने की उम्मीद
RDSO की टीम कर रही है तकनीकी जांच, यार्ड से बाहर निकाल कर चलाया गया
Hydrogen Train Update : देश की पहली बहुप्रतीक्षित हाइड्रोजन ट्रेन को अब पटरियों पर दौड़ाने के लिए तैयार किया जा रहा है। इस ट्रेन को हरियाणा के जींद जंक्शन से गोहाना के रास्ते सोनीपत तक चलाया जाना है। यह ट्रेन करीब डेढ महीना पहलीे जींद पहुंच गई थी, लेकिन अभी इसको हाइड्रोजन ईंधन पर नहीं चलाया गया है। इसके लिए भारतीय रेलवे के अनुसंधान डिजाइन और मानक संगठन (RDSO) की टीम द्वारा जांच की जा रही है। ट्रेन को पूरी तरह से हाइड्रोजन ईंधन पर चलाने के लिए तैयार किया जा रहा है।
हालांकि रेलवे की ओर से अभी तक यह जानकारी नहीं दी गई है कि देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन कब से चलने लगेगी, लेकिन उम्मीद लगाई जा रही है कि फरवरी के अंतिम सप्ताह में ट्रेन का ट्रालय हो सकता है। 24 फरवरी सोमवार को इसका ट्रायल हो सकता है। फिलहाल आरडीएसओ की टीम द्वारा ट्रेन की प्लेटिंग और वायरिंग का निरीक्षण किया जा चुका है।
सुरक्षा के मानकों पर चल रही जांच
ट्रेन को रेलवे ट्रैक पर चलाने से पहले भारतीय रेलवे के अनुसंधान डिजाइन और मानक संगठन (RDSO) की टीम सुरक्षा के सभी मानक जांचेगी। इसको लेकर जांच का कार्य तेजी से किया जा रहा है। इसके तहत संचालन सिस्टम को जांचा जा रहा है। हालांकि ट्रेन को यार्ड से बाहर लाया गया है, लेकिन कुछ देर बाद फिर से इसको यार्ड के अंदर भेज दिया गया। ट्रेन के साथ ही जींद के रेलवे जंक्शन पर बनाए गए हाइड्रोजन प्लांट में भी रेलवे की टीम टेस्टिंग का काम कर रही है। इसको लेकर दिल्ली से तकनीकी टीम जींद आई थी।
कब होगा रनिंग ट्रायल
क्योंकि RDSO के साथ-साथ दिल्ली की तकनीकी टीम भी जींद पहुंच कर सुरक्षा और उपकरणों की जांच कर चुकी है, अब ट्रेन का रनिंग ट्रायल किया जाना है। रेलवे सूत्रों के अनुसार अभी तक दोनों टीमों की जांच में सब कुछ सही रहा है। यानी ट्रेन को पटरियों पर दौड़ाने के लिए तकनीक अनुकूल पाई गई है। इसके आधार पर ही कहा जा रहा है कि 24 फरवरी सोमवार से देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन का रनिंग ट्रायल किया जा सकता है।
पहले भी हुई है गहन जांच
इससे पहले भी रेलवे की तकनीकी टीम द्वारा हाइड्रोजन ट्रेन के संचालन के लिए इसका कंट्रोल, क्षमता व अन्य जांच की गई है। इसके लिए ट्रेन को जींद-गोहाना रेलवे लाइन पर भंभेवा स्टेशन के पास रखा गया। यहां 3 दिन तक यह जांच प्रक्रिया चली। हालांकि अभी तब ट्रेन को हाइड्रोजन ईंधन पर नहीं चलाया गया है। इस ट्रेन में बेशक 2 इंजन लगे हैं, लेकिन डीजल पावर से ही ट्रेन पहुंचाई गई थी। अब जींद जंक्शन पर ही सभी तकनीकी जांच की जा रही हैं।
जानें ट्रेन के बारे में
यह ट्रेन कई मायने में खास है। क्योंकि पहली बार कोई ट्रेन हाइड्रोजन ईंधन से चलने वाली है। इस ट्रेन में 2 इंजन लगे हैं और कुल 8 कोच यात्रियों के लिए हैं। इसमें 600 यात्री सफर कर सकेंगे। क्योंकि हाइड्रोजन प्लांट जींद में लगा है, ऐसे में इसको जींद से ही चलाया जाना है। ऐसे में ट्रेन को इसी साल 1 जनवरी को जींद लाया गया था। तब उम्मीद थी कि 26 जनवरी को इसका संचालन हो सकता है, लेकिन इसकी तकनीकी जांच में इतना समय लगा कि अभी तक भी संचालन की तारीख तय नहीं हो पाई है। यात्रियों के लिए ट्रेन चलाने से पहले इसका रनिंग ट्रायल किया जएगा। यहां पूरी तरह से जांच परख के बाद ही इसको यात्रियों के लिए शुरू किया जाएगा।
विश्व के अग्रणी देशों में शामिल होगा भारत
इस परियोजना से भारत देश विश्व के अग्रणी देशों में शामिल हो जाएगा। क्योंकि अभी तक हाइड्रोजन ट्रेन का संचालन जर्मनी, चीन, जापान, फ्रांस के साथ स्वीडन में किया जा रहा है। सबसे पहले जर्मनी में हाइड्रोजन ट्रेन 2018 में शुरू की गई थी। अब 2026 में भारत में भी यह ट्रेन चलने को तैयार है। इसकी विशेषता यह रहेगी कि ट्रेन के चलने में किसी भी प्रकार प्रदूषण नहीं होगा।










