Bullet Train Project : 300 किलोमीटर प्रति घंटा की गति से दौड़ेगी बुलेट ट्रेन

दिल्ली-वाराणसी रूट पर सबसे पहले बुलेट ट्रेन चलाने की तैयारी

Bullet Train Project : देश में रेल परिवहन को नई गति देते हुए बुलेट ट्रेन चलाई जानी है। इसके लिए काम चल रहा है। केंद्रीय बजट में देश भर में ऐसे 7 रूटों को चिन्हित किया गया है। इसके तहत सबसे पहले दिल्ली से वाराणसी के बीच बुलेट ट्रेन चलाई जाएगी। इसके लिए रेलवे बोर्ड ने नेशनल हाई स्पीड रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड द्वारा तैयारी की जा रही है।

अब उम्मीद है कि अगले 3 साल में दिल्ली- वाराणसी के बीच हाई स्पीड बुलेट ट्रेन का संचालन करने के लिए जमीनी कार्य शुरू हो जाएग। वहीं बुलेट ट्रेन की स्पीड करीब 300 किलोमीटर प्रति घंटा तक रहेगा। ऐसे में रेल परिवहन का वर्तमान परिदृश्य ही बदल जाएगा।

इसको लेकर रेलवे बोर्ड ने नेशनल हाई स्पीड रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एनएचएसआरसीएल) द्वारा फिर से डीपीआर तैयार की जाएगी। हालांकि पहले डीपीआर का काम हुआ था। परियोजना से जुड़े अधिकारियों की मानें तो डीपीआर में ज्यादा बदलाव नहीं होगा। हालांकि देश में 7 ऐसे कोरिडार है, लेकिन इनमें सबसे पहले दिल्ली- वाराणसी के बीच बुलेट ट्रेन चलाई जाएगी। पहले की डीपीआर 2021 में तैयार हुई थी। इसमें बोर्ड द्वारा कागजी कार्रवाई की गई है। इसके तहत इस कोरिडार में 12 शहरों जोड़ा जाएगा।

पुरानी डीपीआर पर होगा काम

हालांकि बोर्ड द्वारा नई डीपीआर तैयार करने को कहा है, लेकिन अधिकारियों का कहना है कि 2021 में तैयार की गई डीपीआर में अधिक बदलाव नहीं होंगे। यदि पहले की डीपीआर पर ही काम होता है तो इस ट्रेन का रूट तय है। इसके तहत दिल्ली के सराय काले खां से होकर यह ट्रेन नोएडा, इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर), मथुरा, आगरा, फिरोजाबाद, इटावा, कन्नौज, लखनऊ, अयोध्या होते हुए, रायबरेली, प्रयागराज और भदोही के रास्ते वाराणसी तक चलेगी। हालांकि इसी लाइन पर अयोध्या में कनेक्टिंग लाइन का भी प्रस्ताव है।

7 रूटों पर चलनी है बुलेट ट्रेन

बुलेट ट्रेन केंद्र सरकार की अतिमहत्वकांक्षी परियोजनाओं में से एक है। इसके लिए इसी बार के केंद्रीय बजट में वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा घोषणा की गई है। उन्होंने देश में सात रूटों पर हाई स्पीड रेल यानी बुलेट ट्रेन चलाने की घोषणा की है। इसी में से एक है दिल्ली-वाराणसी। इसको लेकर सरकार बहुत गंभीरता से काम कर रही है। क्योंकि बजट की घोषणा के बाद ही रेलवे बोर्ड अधिकारियों ने बैठक की है। इसमें दिल्ली- वाराणसी रूट को लेकर योजना बनी। इसके लिए उत्तर प्रदेश में क्षेत्रीय कार्यालय भी बनाया जा रहा है। इससे परियोजना के काम को अच्छे से देखा जा सकेगा।

इन रूटों पर चलनी है बुलेट ट्रेन

अभी तक आपको दिल्ली-वाराणसी के बीच चलने वाली बुलेट ट्रेन के बारे में ही बताया गया है। इसके अलावा अन्य रूटों पर भी देश की पहली हाई स्पीड ड्रेन चलाई जानी है। इसमें वाराणसी से विस्तार करते हुए सिलीगुड़ी तक बुलेट ट्रेन चलाने की योजना है। इसक अलावा मुंबई-पुणे के बीच बुलेट ट्रेन चलेगी। पुणे से हैदराबाद के बीच और हैदराबाद से चेन्नई तक ट्रेन चलाई जाएगी। हैदराबाद-बंगलूरू और बंगलूरू से चेन्नई बुलेट ट्रेन कोरिडोर परियोजना तैयार की गई हैं। इससे देश को आपस में जोड़ा जाएगा। इन सभी परियोजनाओं से 16 लाख करोड़ रुपये निवेश का अनुमान भी लगाया गया है। वहीं ट्रेन की गति 250 से 350 किलोमीटर प्रति घंटा रहने की उम्मीद है।

तेजी से आगे बढ़ेगा काम

इन परियोजनाओं को लेकर रेलवे बोर्ड की हुई बैठक में हुई थी। इसके बाद परियोजना से जुड़े अधिकारियों को काम में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। इसके तहत दिल्ली – वाराणसी हाई स्पीड रेल कोरिडोर की डीपीआर को अपडेट करने को भी कहा गया है। हालांकि अभी वाराणसी -सिलीगुड़ी कोरिडोर के लिए सर्वेक्षण का काम बाकी है। डीपीआर के बाद परियोजनाओं के लिए नई अनुमानित लागत को भी अपडेट किया जाना है।

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