Black Gram : गेहूं कटाई के बाद खाली हुआ खेत, महज 60 दिन में मालामाल करेगी उड़द की फसल

किसानों को होगा दोहरा लाभ, होगी कमाई, साथ में बढ़ेगी जमीन की उर्वरा शक्ति

Black Gram : फिलहाल गेहूं की कटाई का काम अंतिम चरण में है। अगले कुछ दिन में किसानों के खेत खाली हो जाएंगे। ऐसे में उड़द के रूप में एक ऐसी नकदी फसल ली जा सकती है, जो महज 60 दिन में किसानों को मालामाल कर देगी। साथ ही इस फसल पर खर्च भी बहुत कम आएगा और सिंचाई भी भी ज्यादा चिंता नहीं है। सिर्फ कमाई ही नहीं, उड़द की फसल की बिजाई करने से खेत में उर्वरा शक्ति भी बढ़ेगी। जिससे आने वाली फसल भी अच्छी होगी।

कृषि विशेष डा. राजेश कुमार के अनुसार उड़द की फसल की बिजाई करने से किसान को किसी भी प्रकार की दिक्कत नहीं है। आने वाली फसल की बिजाई भी इससे समय पर की जा सकती है। यानी उड़द की फसल अतिरिक्त पैदावार के रूप में मिलेगी। हरियाणा प्रदेश में अब किसान इस ट्रेंड को अपना रहे हैं। इसके तहत जब गेहूं की कटाई हो जाती है तो किसान खेत को खाली नहीं छाेड़ते। इसमें मूंग या उड़द की बिजाई करते हैं। इसकी बिजाई का सही समय अप्रैल के मध्य से मई के पहले सप्ताह तक का होता है।

गेहूं व धान फसल चक्र वाले खेत के लिए बेहद महत्वपूर्ण

कृषि विशेषज्ञों की मानें तो जिन खेतों में धान व गेहूं का फसल चक्र चलता है, वहां उड़द की खेती बहुत ही महत्वपूर्ण है। इससे किसानों को अतिरिक्त आमदनी तो होती ही है, साथ ही यह मिट्टी की सेहत के लिए भी नई संजीवनी का काम करती है।

महज 60 से 70 दिनों वाली इस फसल से जमीन में नाइट्रोजन की मात्रा बढ़ती है। क्योंकि उड़द की जड़ हवा में मौजूद नाइट्रोजन को अपने अंदर सोख लेती हैं। इससे मिट्टी में नाइट्रोजन बढ़ जाता है। ऐसे में अगली फसल में 20% तक कम नाइट्रोजन की जरूरत बचती है। वहीं इस सीजन में उड़द का सबसे बड़ा लाभ यह भी है कि इसमें सिंचाई की कम आवश्यकता हाेती है।

कैसे करें खेत तैयार

उड़द की फसल लेने के लिए किसान को गेहूं की कटाई के तुरंत बाद तैयारी करनी चाहिए। यह ध्यान रखें कि खेत में उड़द के जमाव के लिए पर्याप्त नमी हो। ऐसा नहीं होने पर पलेवा कर अच्छी प्रकार से खेत की जुताई करें और इसके बाद उड़द की बिजाई करें। हमेशा प्रमाणित बीजों का ही प्रयोग करें। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार हरियाणा में आजाद उड़द-1, उत्तरा एवं पन्त यू-31 जैसी किस्म बेहतर रहती हैं। हमेशा बिजाई से पहले बीज का उपचार जरूर कर लें। राइजोबियम कल्चर से बीज का उपचार करने पर बीज का जमाव बेहतर होता है और इससे उत्पादन भी अच्छा होता है।

बिजाई के लिए अपनाएं यह विधि

उड़द या अन्य सभी फसलों में बिजाई की विधि जरूर वैज्ञानिक होनी चाहिए। इससे पैदावार अच्छी मिलती है। उड़द के लिए लाइन से लाइन की करीब 25 सेंटीमीटर रखें ओर 10 सेंटीमीटर की दूरी पर बीज बोएं। इससे बीज भी कम लगता है और पौधे को फैलने के लिए उचित स्थान मिल जाता है। साथ ही इसमें पर्याप्त दूर होने पर पौधा अच्छी प्रकार से ग्रोथ करता है।

60 दिन में अच्छी कमाई

उड़द एक नकदी फसल है। वहीं दलहन की मांग भी काफी अधिक रहती है। ऐसे में उड़द की फसल महज 60 दिन में अच्छी कमाई देती है। कृषि विशेषज्ञ डा. राजेश कुमार के अनुसार एक एकड़ में सारा खर्च मिलाकर करीब 6000 रुपये खर्च आएगा। वहीं बाजार भाव के अनुसार देखा जाए तो सभी खर्च निकाल कर किसान को करीब 30 से 35 हजार रुपये की बचत रहती है। साथ ही धान की फसल में भी कोई दिक्कत नहीं होती। यानी यह फसल किसान अपनी सामान्य फसलों से अतिरिक्त ले कर अच्छी कमाई कर सकता है।

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