Sultanpur Ayodhya Pratapgarh highway : अयोध्या के लिए खुलेगा नया ग्रीन फील्ड कोरिडोर दक्षिण भारत के श्रद्धालुओं को मिलेगी सुविधा
डीपीआर तैयार करने की प्रक्रिया शुरू, जमीन अधिग्रहण के लिए बन रही योजना
Sultanpur Ayodhya Pratapgarh highway : दक्षिण भारत से अयोध्या तक आने वाले श्रद्धालुओं को अब एक बेहतर और सुरक्षित रास्ता मिलने जा रहा है। यह रास्ता होगा प्रतापगढ़-सुलतानपुर-अयोध्या मार्ग। इस राष्ट्रीय राजमार्ग को अब हाई स्पीड एक्सेस कंट्रोल्ड ग्रीन फील्ड कॉरिडोर की तर्ज पर छह लेन में विकसित किया जाएगा। इसके लिए केंद्र सरकार द्वारा अपने स्तर पर प्रयास शुरू कर दिए हैं। आने वाले दिनों में अयोध्या के लिए यह महत्वपूर्ण रूट होने जा रहा है।
केंद्र सरकार ने इसके लिए शुरूआती चरण में जमीन के अधिग्रहण के लिए भी प्रक्रिया शुरू की है। क्योंकि स्थानीय स्तर इस परियोजना के लिए जमीन अधिग्रहण के लिए डीपीआर तैयार करने के लिए निर्देश दिए गए हैँ। अब इस परियोजना को मूर्त रूप देने के लिए आगे की प्रक्रिया होगी। जमीन अधिग्रहण के बाद जैसे ही इसकी स्थिति साफ हो जाएगी, यहां हाईवे के लिए काम शुरू किया जाएगा।
मंत्रालय को भेजी जाएगी डीपीआर
इस परियोजना को लेकर अयोध्या एनएचएआई के निदेशक अवनीश सिद्धार्थ ने कहा कि इसको लेकर केंद्र सरकार की अधिसूचना शुरूआती चरण में है। इसके लिए पहले डीपीआर बनाई जाएगी और इसको केंद्रीय सड़क एवं राजमार्ग मंत्रालय को भेजा जाएगा।
वहीं राजस्व विभाग के अधिकारियों का कहना है कि अयोध्या से प्रतापगढ़ राजमार्ग को 6 लेन किया जाना है। इसके लिए अधिसूचना भी जारी की जा चुकी है। इसके लिए जरूरी प्रक्रिया की जा रही है। इसमें भूमि अर्जन यानी अधिग्रहण भी शामिल है। इस प्रक्रिया के बाद ही आगे की तैयारी होगी। अभी यह परियोजना शुरूआती चरण में है।
परिवहन मंत्रालय ने जारी की अधिसूचना
दरअसल इस परियोजना के लिए भारत सरकार के सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय द्वारा अधिसूचना जारी की गई है। इसके तहत जो योजना बनी है, उसमें अयोध्या के सोहावल तहसील के 5, बीकापुर 40 और सदर के 6 गांव लिए गए हैं। वहीं सुलतानपुर में सदर तहसील के 48, जयसिंहपुर के 2 और बल्दीराय के 23 गांवों को रेखांकित किया गया है। इसके अलावा अमेठी के 13 और प्रतापगढ़ की पट्टी तहसील के 28 उपं सदर के 3 गांवों की जमीन अधिग्रहण की जानी है।
एनएचएआई अयोध्या को सौंपी गई जिम्मेदारी
प्रतापगढ़ के अहमामऊ से अयोध्या के नाका तक 93 किलोमीटर राम वन गमन मार्ग राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण खंड लोक निर्माण विभाग के अधीन था। वर्ष 2025 में विभाग की ओर से इसे छह लेन में परिवर्तित करने के लिए दस हजार करोड़ रुपये की डीपीआर शासन को भेजी गई थी। इसमें 90 मीटर की चौड़ाई में दोनों ओर भूमि चिह्नित करते हुए पूर्वांचल एक्सप्रेसवे की तर्ज पर सिक्स लेन का मार्ग व दोनों तरफ सर्विस रोड बनाए जाने की बात शामिल थी।
गंगा एक्सप्रेस वे से होगा लिंक
अधिकारियों के अनुसार इस मार्ग का विस्तार बड़े क्षेत्र में हाेगा। क्योंकि इसको भविष्य में गंगा एक्सप्रेस वे से भी लिंक करने की योजना है। क्योंकि यह मार्ग पहले प्रयागराज-अयोध्या राजमार्ग को क्रास करते हुए पूर्व की ओर बनाने की योजना थी। यह योजना सिरे नहीं चढ़ पाई और ऐसे में यह परियोजना भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के अध्योया डिविजन को दी गई थी। अब इसको लेकर व्यापक योजना बन रही है। सूत्रों की मानें तो राम वन गमन मार्ग को भी 6 लेन में विस्तार दिया जाएगा।
अयोध्या पहुंचने के लिए राह होगी आसान
दरअसल अयोध्या में राम मंदिर बनने के बाद भारी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंच रहे हैं। ऐसे में यह मार्ग लोगों को बेहतर और सुगम यातायात की सुविधा मुहैया करवाएगा। विशेषकर महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, गुजरात, पश्चिम बंगाल, उड़ीसा के दक्षिण भारत से आने वाले लोगों को सुविधा मिलेगी। हाईवे इसके कारण वाहनों की संख्या काफी बढ़ी है।
इस हाईवे को चौड़ा करने से यह सफर आसान हो जाएगा। इससे लोगों को भी सुविधा मिलेगी।










