Haryana News : हरियाणा में डिफाल्टर उपभोक्ताओं पर बिजली निगम का शिकंजा, कैथल में 665 उपभोक्ताओं की संपत्ति कुर्क करने की तैयारी

हरियाणा में बिजली उपभोक्ताओं पर बकाया राशि वसूलने के लिए शिकंजा कसना शुरू हो गया है। प्रदेश भर में करीब 82000 करोड़ रुपये की रिक्वरी की जानी है। इसके लिए अब सरकार ने लैंड रिक्वरी एक्ट के तहत कार्रवाई कर रही है। कैथल में बिजली निगम ने ऐसे उपभोक्ताओं के नाम राजस्व विभाग को सौंपे हैं।

Haryana News : हरियाणा डायरी (कैथल) : हरियाणा में बिजली बिल का भुगतान नहीं करने वाले डिफाल्टर उपभोक्ताओं पर वसूली के लिए शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। इसके तहत लंबे समय से बिजली बिल का भुगतान नहीं करने वालों की संपत्ति कुर्क करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके लिए करीब 1 महीना पहले ही बिजली मंत्री अनिल विज ने विशेष रणनीति तैयार की थी।

सरकार ने योजना बनाई थी कि डिफाल्टर उपभोक्ताओं के खिलाफ लैंड रिक्वरी एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए उनकी संपत्ति कुर्क की जाएगी। प्रदेश भर में करीब 82000 करोड़ रुपये की रिक्वरी की जानी है। इसमें हरियाणा के कैथल जिला में 13 करोड़ 73 लाख रुपये की राशि बकाया है। इसके लिए बिजली निगम द्वारा प्रक्रिया शुरू की जा रही है।

665 डिफाल्टर उपभोक्ताओं की पहचान

कैथल जिला में बिजली निगम द्वारा ऐसे 665 उपभोक्ताओं की पहचान की गई है, जिनके खिलाफ कार्रवाई की जानी है।
यह बिजली उपभोक्ता लंबे समय से अपने बिजली के बिल जमा नहीं करवा रहे हैं। अब बिजली निगम द्वारा ऐसे 665 बड़े बकायेदारों के मामले राजस्व विभाग को सौंप दिया है। राजस्व विभाग इनको तहसीलदार की ओर से नोटिस जारी करेंगे।

24 टीमों का गठन

इसके लिए कैथल बिजली निगम सर्कल के अधीक्षक अभियंता सोमबीर भालोठिया के अनुसार वसूली के लिए 24 टीमों का गठन किया गया है। बकाया बिजली बिल की रिक्वरी के लिए 665 मामले को राजस्व विभाग को भेज दिए गए हैं। अब विभाग द्वारा आगे की कार्रवाई की जाएगी।

नोटिस अवधि में राशि जमा करवाना जरूरी

दरअसल इस मामले में बिजली निगम और राजस्व विभाग उपभोक्ताओं को कुछ समय देगा। इस समय में भी यदि उपभोक्ता अपने बकाया बिल को जमा नहीं करता है तो उसकी संपत्ति को कुर्क करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। हरियाणा में लंबे समय से बिजली बिलों की बकाया राशि में यह बड़ी कार्रवाई हो रही है। क्योंकि बिजली बिल जमा नहीं होने पर इन उपभोक्ताओं की चिन्हित संपत्ति प्रशासनिक कब्जे में होंगी और इनकी बिक्री पर भी रोक लग जाएगी।

जिला में कहां कितनी राशि बकाया

यह राशि सिर्फ घरेलू या कमर्शियल उपभोक्ताओं की है। क्योंकि प्रदेश में विभिन्न सरकारी विभागों के बिल भी लंबे समय तक लंबित चलते हैं, लेकिन इनका भुगतान समय-सयम पर होता रहता है। अब बिजली निगम ने कैथल जिला में जिन डिफाल्टर उपभोक्ताओं की पहचान की है, उनकी संख्या 665 है।

इन सभी पर करीब 13 करोड़ 73 लाख रुपये बकाया है। इसके तहत कैथल डिवीजन में 370 उपभोक्ताओं के 8 करोड़ 68 लाख रुपये हैं। जबकि गुहला उपमंडल में 52 डिफाल्टर उपभोक्ताओं पर 89 लाख रुपये बाकी हैं। पूंडरी डिवीजन के 243 उपभोक्ताओं पर 4 करोड़ 16 लाख रुपये की राशि लंबित है।

1 लाख रुपये अधिक बकाया वाले उपभोक्ता

हालांकि 1 लाख रुपये से अधिक राशि वाले कुल 6129 उपभोक्ता चिन्हित किए गए हैं। इन सभी पर 180 करोड़ 14 लाख रुपये बकाया हैं। 1 लाख रुपये से अधिक बिजली बिल बकाया वाले उपभोक्ताओं की संख्या अकेले कैथल उपमंडल में 3750 है। इन पर 129 करोड़ चार लाख रुपये की लेनदारी बचती है। वहीं गुहला डिवीजन इन उपभोक्ताओं की संख्या 636 है और इन पर 17 करोड़ 7 लाख रुपये बाकी हैं। पूंडरी डिवीजन में 1743 उपभोक्ताओं पर 34 करोड़ 3 लाख रुपये बकाया बिल है।

तीन चरणों में नोटिस हुए जारी

इस राशि की वसूली के लिए बिजली निगम लंबे समय से प्रयासरत है। क्योंकि 3 चरणों में नोटिस हो चुके हैं। पहले चरण में 2409 उपभोक्ताओं को नोटिस भेजे गए। इन उपभोक्ताओं पर 64 करोड़ 54 लाख रुपये है। कैथल डिवीजन में 1319 उपभोक्ताओं पर 39 करोड़ 47 लाख रुपये, गुहला में 452 उपभोक्ताओं पर 11 करोड़ 1 लाख और पूंडरी उपमंडल में 638 उपभोक्ताओं पर 14 करोड़ 6 लाख रुपये बकाया का नोटिस दिया गया था।

वहीं दूसरी चरण में भेजे गए नोटिस में 888 उपभोक्ताओं को शामिल किया गया था। इसमें कैथल के 446, गुहला के 114 और पूंडरी के 328 उपभोक्ता थे। 7 इसके बाद तीसरे चरण में एक्सईएन स्तर से 788 उपभोक्ताओं को अंतिम नोटिस भेजे गए। इनमें कैथल डिवीजन के 416 उपभोक्ताओं पर 9 करोड़ 78 लाख रुपये बाकी हैं। गुहला के 49 उपभोक्ताओं पर 88 लाख रुपये और पूंडरी के 323 उपभोक्ताओं पर 6 करोड़ 57 लाख रुपये बाकी हैं।

यह भी पढ़ें

हरियाणा में बिजली बिल वसूली का सबसे बड़ा अभियान, 8200 करोड़ रुपये की होगी वसूली

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button