Haryana news : NCR री-ड्रॉइंग पर राजस्थान बना रोड़ा, जींद-करनाल नहीं होंगे बाहर
हरियाणा डायरी, चंडीगढ़। जींद, करनाल समेत हरियाणा (Haryana news) के कुछ जिलों को NCR से बाहर किए जाने की अटकलों पर उस समय विराम लग गया, जब एनसीआर प्लानिंग बोर्ड की बैठक के बाद सीएम नायब सिंह सैनी ने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR ) की सीमा में अभी कोई बदलाव नहीं होगा।
आज यानि मंगलवार को दिल्ली में हरियाणा के पूर्व सीएम व वर्तमान में केंद्रीय मंत्री मनोहरलाल खट्टर की अध्यक्षता में एनसीआर प्लानिंग बोर्ड बैठक हुई। इसमें सीएम नायब सिंह सैनी ने भी हिस्सा लिया। बैठक में तय हुआ कि एनसीआर का एरिया पहले की तरह ही रहेगा। सूत्रों के अनुसार राजस्थान एनसीआर का एरिया घटाने के पक्ष में नहीं था और अगर एनसीआर का एरिया कम होता तो सबसे ज्यादा असर राजस्थान पर ही पड़ता।
क्योंकि अगर एनसीआर एरिया में बदलाव होता राजस्थान का केवल भिवाड़ी जिला ही एनसीआर की परिधि में रह जाता। बाकी एरिया बाहर चला जाता और राजस्थान इसे अपने नुकसान के रूप में देख रहा था। वहीं हरियाणा के भी 14 जिले इस समय एनसीआर में आते हैं तो कम से कम पांच जिले बाहर होने का अनुमान लगाया जा रहा था लेकिन जींद, करनाल समेत बाकी जिलों के लोगों की उम्मीदों पर भी आज पानी फिर गया।
Haryana news : एनसीआर का जींद को फायदा कम नुकसान ज्यादा
जींद जिले के उद्योगपतियों, भट्ठा संचालकों समेत दूसरे व्यापारियों का कहना है कि एनसीआर में जींद को फायदा कम, नुकसान ज्यादा हो रहा है। एनसीआर के अनुरूप विकास के काम नहीं हुए तो वहीं बजट भी अपेक्षाकृत कम ही मिला है। इसलिए लोग उम्मीद कर रहे थे कि इस बार जिला एनसीआर से बाहर हो जाए।
सीएम नायब सिंह सैनी ने बताया कि NCR में 4 आधुनिक नमो सिटी विकसित किए जाएंगे। हालांकि इनकी जगह और लोकेशन फाइनल नहीं हुए हैं। इसे लेकर सुझाव मांगे गए हैं। वहीं प्लानिंग बोर्ड की अगली बैठक दिसंबर में होनी प्रस्तावित है। इसके अलावा बैठक में एनसीआर में B-6 से नीचे के वाहनों को लेकर परिवर्तन योजना बनाई गई है। आरआरटीएस करनाल की तरफ और मानेसर पर काम चल रहा है।
Haryana news : पहले बताया उपलब्धि, बाद में पलटे मंत्री खट्टर
NCR को लेकर पूर्व सीएम व अब मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने पहले इसे बड़ी उपलब्धि बताया था। मनोहर लाल खट्टर जब पहली टर्म में सीएम बने थे तो उन्होंने हरियाणा के जींद और करनाल को एनसीआर में शामिल करवाकर इसे बड़ी उपलब्धि करार दिया था। इसके बाद 2021 में मनोहर लाल ने सार्वजनिक रूप से बयान दिया था कि दिल्ली से 100 किलोमीटर से अधिक दूर के जिलों को NCR में रखने का कोई विशेष लाभ नहीं मिल रहा है।
मनोहर लाल खट्टर ने केंद्र सरकार को यह सुझाव भी दिया था कि केवल 100 किलोमीटर के दायरे वाले क्षेत्र को ही NCR में रखा जाना चाहिए, क्योंकि दूर जिलों को प्रतिबंध तो एनसीआर के झेलने पड़ रहे हैं जबकि विकास के लाभ उस औसत में मिल नहीं रहे हैं।










