Gold silver import duty hike : सोना और चांदी होंगे और महंगे आयात शुल्क बढ़ने कीमतों पर पड़ेग असर
केंद्र सरकार ने सोने व चांदी पर आयात शुल्क यानी इंपोर्ट ड्यूटी को बढ़ा दिया है। अब यह 10 प्रतिशत हो गई है। इससे कीमतों पर असर पड़ेगा। हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विदेशी मुद्रा भंडार को बचाने के लिए लोगों से कई प्रकार की वस्तुओं और सुविधाओं में कटौती का आह्वान किया था। आइए बताते हैं सोने की खरीद से कैसे रुपये की कीमत पर असर पड़ता है
Gold silver import duty hike : लंबे समय से जिस का अनुमान लगाया जा रहा था, केंद्र सरकार ने वह फैसला कर दिया है। आज यानी 13 मई 2026 से सोने व चांदी पर आयात शुल्क बढ़ा दिया गया है। इसके कारण सोना व चांदी और अधिक महंगे जो जाएंगे। पहले से ही उच्चे स्तर पर चल रही दोनों धातुएं अब आम आदमी की पहुंच से बाहर होने जा रही हैं।
भारत सरकार के वित्त मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार अब सोने और चांदी पर बेसिक कस्टम ड्यूटी 10% हो गई है। साथ ही 5% का कृषि अवसंरचना और विकास उपकर (AIDC) भी लागू रहेगा। यानी जो आयात शुल्क अब तक महज 6 प्रतिशत था व 15 प्रतिशत हो जाएगा। इससे सोने व चांदी की कीमतें काफी बढ़ जाएंगी।
इसलिए है महत्वपूर्ण कदम
अर्थ शास्त्री डा. ओपी सिंह बताते हैं कि यह सरकार का बहुत ही बड़ा कदम है। क्योंकि जब भी घरेलू मार्केट में सोने व चांदी की मांग बढ़ती है, इसको विदेशों से इंपोर्ट किया जाता है। इसके लिए देश को डॉलर के रूप में भुगतान करना पड़ता है और रिजर्व डॉलर भंडार पर असर पड़ता है। परिणाम स्वरूप अर्थ शास्त्र की भाषा में समझें तो चालू खाता घाटा में वृद्धि होती है। यही वह बिंदू है, जो आयात और निर्यात के बीच अंतर को निर्धारित करता है।
रुपये पर पड़ता है असर
डा. सिंह बताते हैं कि इसका सीधा असर रुपये की कीमत पर पड़ता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में जब भी चालू खाता का घाटा बढ़ता है तो रुपया कमजोर होता है। इसका कारण सीधा है। इससे देश की विदेशी मुद्रा कम होती है। हालांकि विदेशी मुद्रा आती भी है, लेकिन यह खर्च के अनुपात को बढ़ा देता है। इसलिए इन परिस्थितियों में सोने का आयात कम करने का यह सही तरीका है। पहले भी सरकारों द्वारा इस प्रकार के कदम उठाए जाते रहे हैं। इसका उद्देश्य एक ही है देश के विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव कम पड़े।
कैसे पड़ेगा सोने की कीमत पर असर
आयात शुल्क बढ़ने से कीमतों पर असर पड़ना तो स्वाभाविक है। वर्तमान समय में सोने की कीमतों के हिसाब से अनुमान लगाया जाए तो 24 कैरेट सोना लगभग 15207 प्रति ग्राम चल रहा है। अब तक इस पर इंपोर्ट ड्यूटी लगती थी 6% के हिसाब से।
इसका सीधा असर यह हुआ कि इसी 1 ग्राम सोने पर करीब 912 रुपये इस शुल्क यानी इंपोर्ट ड्यूटी के रूप में लगते थे। अब यह शुल्क 6 से बढ़ कर अब 15% हो गया है। इससे उसी 1 ग्राम सोने पर आयात शुल्क करीब 2,281 बनेगा। यानी सोने के भाव में प्रति ग्राम 1,369 रुपये का असर पड़ेगा। (यहां पर समझाने के लिए 1 ग्राम सोने की कीमत आधार बनाई गई है।)
देश वासियों से अपील कर चुके हैं प्रधानमंत्री
इससे पहले प्रधानमंत्री देशवासियों से अपील कर चुके हैं कि 1 साल तक सोने की खरीदारी नहीं करें।
क्योंकि सोने की खरीदारी से विदेश मुद्रा भंडार सबसे अधिक प्रभावित होता है। साथ ही यह ईंधन और गैस जिनता जरूरी भी नहीं है। यानी अर्थशास्त्रियों की मानें तो सोना जरूरी नहीं होकर वैकल्पिक वस्तु होता है।
भारत विश्व का सबसे बड़ा सोना उपभोक्ता
विश्व भर में सोने की मांग रहती है। भारत में यह मांग बहुत अधिक होती है। क्योंकि यहां पर सोने को निवेश के साथ-साथ शौक के रूप में भी अधिक प्रयोग किया जाता है। सरकारी आंकड़े बातते हैं कि 2023 में सोने के निर्यात पर 45.54 बिलियन डॉल खर्च हुए।। वहीं 2024-25 के वित्तीय वर्ष में भारत ने 51.4 बिलियन डॉलर का सोना निर्यात किया था। ऐसे में साफ है कि इस एक वर्ष में देश मे ंसोने का आयात 13.7 प्रतिशत अधिक हो गया। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार कच्चे तेल के बाद सोना ही ऐसी वस्तु है कि जिस पर सबसे अधिक खर्च होता है।
ज्वैलरी कारोबारी कर रहे हैं विरोध
हालांकि सरकार का यह फैसला देश की आर्थिक स्थिति के लिए बहुत महत्वपूर्ण बताया जा रहा है लेकिन काफी ज्वैलरी कारोबारी इस अपील और फैसले का विरोध कर रहे हैं। क्योंकि जबसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देश के लोगों से यह अपील की गई है, गोल्ड ज्वैलरी कंपनियों के शेयरों पर भी गिरावट का असर देखा जा रहा है। ऐसे में ज्वैलरी कारोबारी इसका विरोध कर रहे हैं।










