Gold Silver Prices Fall : सोना हुआ धड़ाम, चांदी भी गिरी प्रधानमंत्री की सोना चांदी नहीं खरीदने की अपील के बाद बड़ी गिरावट
Gold Silver Prices Fall : भारत द्वारा सोने व चांदी पर आयात शुल्क लगाने के बाद कीमतों में वृद्धि देखी गई थी, लेकिन शुक्रवार यानी 15 मई 2026 को फिर से सोने व चांदी की कीमतों में जबरदस्त गिरावट देखी गई है। यदि सोने की ऑल टाइम हाई कीमतों से तुलना की जाए तो सोना प्रति 10 ग्राम 18 हजार रुपये तक सस्ता हुआ है। वहीं हालिया कीमतों के मुकाबले चांदी की कीमत 19000 रुपये प्रति किलोग्राम से अधिक गिरी हैं।
माना जा रहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देश के लोगों से सोना -चांदी नहीं खरीदने की अपील के कारण यह गिरावट है। क्योंकि इन धातुओं की मांग में भारी कमी आई है। शुक्रवार 15 मई 2026 की बात की जाए तो एक दिन में चांदी की कीमत में 19,693 रुपये प्रति किलोग्राम और सोने के भाव में प्रति 10 ग्राम 3000 रुपये की गिरावट आई है। शुक्रवार को चांदी के भाव 2 लाख 68 हजार रुपये प्रति किलोग्राम और सोने के भाव 1 लाख 58 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम रहे।
एक दिन में गिरावट का हिसाब
इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) द्वारा जारी किए भाव के अनुसार शुक्रवार 15 मई को 1 किलो चांदी की कीमतों में 19693 रुपये की गिरावट आई है। यानी चांदी शुक्रवार को 2 लाख 68 हजार रुपये तक पहुंच गई। वीरवार की बात की जाए तो चांदी के भाव प्रति किलोग्राम 2 लाख 87 हजार रुपये प्रति किलोग्राम थे।

इसके साथ ही सोने के भाव में 3 हजार रुपये की गिरावट आई है। हालांकि आल टाईम हाई कीमत 29 जनवरी 1 लाख 76 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम थी। इसके मुकाबले सोने की कीमत 17962 रुपये गिरी हैं। हालांकि
29 जनवरी को चांदी की कीमत 3 लाख 86 हजार रुपये प्रति किलोग्राम थी।
चांदी में बड़ी गिरावट
सोने की तरह ही चांदी में भी बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। क्योंकि अपने उच्चतम स्तर पर चांदी 29 जनवरी को 3 लाख 86 हजार रुपये प्रति किलोग्राम पहुंच गई थी। वहीं 15 मई की बात की जाए तो 2 लाख 68 हजार रुपये प्रति किलोग्राम तक आइ गई है। ऐसे में यह गिरावट 1 लाख 18 हजार रुपये प्रति किलोग्राम की हुई है। चांदी में वृद्धि भी सोने से अधिक रही है और गिरावट भी अधिक दर्ज हो रही है।
सोने पर होता है अत्यधिक खर्च
दरअसल पिछले दिनों देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी अपील करनी पड़ी कि 1 साल तक सोना व चांदी नहीं खरीदें। इसका मुख्य कारण है सोने के आयात के लिए खर्च होने वाली विदेशी मुद्रा। विशेषज्ञों की मानें तो भारत अपने आयात का कुल 9 प्रतिशत अकेले सोने पर खर्च करता है। क्योंकि खपत का अधिकतर हिस्सा विदेशों से ही आयात होता है। सरकारी रिपोर्ट के अनुसार वित्त वर्ष 2025-26 में करीब 6.4 लाख करोड़ रुपये आयात खर्च रहा। कच्चे तेल के बाद सबसे अधिक विदेशी मुद्रा देश को सोने पर ही खर्च करनी पड़ती है।
देश की जीडीपी से अधिक सोना घरों में
हालांकि सोने को लेकर मारामारी हो रही है, लेकिन घरों में बहुत सोना रखा है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार देश भर में स्टोर हुए निजी सोने की कीमत करीब करीब 450 लाख करोड़ रुपये है। यह देश की जीडीपी से भी अधिक है। अनुमान है कि देश भर में करीब 34600 टन सोना लोगों ने घरों में रखा हुआ है।










